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खजुरी माइनर कटी, फसलें जलमग्न
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बाराबंकी। सिल्ट सफाई में बरती गई लापरवाही के चलते खजुरी माइनर चार माह में चौथी बार कट गई। इससे किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं। सूचना देने पर भी सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तारापुर गांव के पास खजुरी माइनर कट गई। जिससे किसानों की सौ बीघा से अधिक गेहूं, मेंथा आदि की फसल जलमग्न हो गई। अब किसान कटी माइनर को बंधवाने को लेकर गुहार लगा रहे हैं मगर अभी इस ओर किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ी। किसानों का आरोप है कि खजुरी माइनर की सफाई में जमकर अनियमितता बरती गई थी। इसके चलते चार माह में चार बार ये माइनर कट चुकी है।
इस बार माइनर कटने से तारापुर के करीब 12 से ज्यादा किसानों की गेहूं की पकी हुई फसल और सरसों व मेंथा की फसल डूब गई। गांव के किसान सत्यनाम, जगजीवन, रामकेवल, रामसरन, रामभारत, शत्रोहन, मुन्नीलाल, कल्लू, विनेश, रामू नाग, श्यामू, राजेश यादव, बसन्त आदि किसानों की सौ बीघा से अधिक फसल नहर कटने से पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। मगर सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसडीएम सुरेंद्र पाल का कहना है कि जानकारी मिली है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को माइनर दुरुस्त कराने के लिए कहा गया है।
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सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तारापुर गांव के पास खजुरी माइनर कट गई। जिससे किसानों की सौ बीघा से अधिक गेहूं, मेंथा आदि की फसल जलमग्न हो गई। अब किसान कटी माइनर को बंधवाने को लेकर गुहार लगा रहे हैं मगर अभी इस ओर किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ी। किसानों का आरोप है कि खजुरी माइनर की सफाई में जमकर अनियमितता बरती गई थी। इसके चलते चार माह में चार बार ये माइनर कट चुकी है।
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इस बार माइनर कटने से तारापुर के करीब 12 से ज्यादा किसानों की गेहूं की पकी हुई फसल और सरसों व मेंथा की फसल डूब गई। गांव के किसान सत्यनाम, जगजीवन, रामकेवल, रामसरन, रामभारत, शत्रोहन, मुन्नीलाल, कल्लू, विनेश, रामू नाग, श्यामू, राजेश यादव, बसन्त आदि किसानों की सौ बीघा से अधिक फसल नहर कटने से पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। मगर सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसडीएम सुरेंद्र पाल का कहना है कि जानकारी मिली है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को माइनर दुरुस्त कराने के लिए कहा गया है।
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