{"_id":"67dc6133d8011e0b420312b4","slug":"ayodhya-in-one-and-a-quarter-hour-lucknow-journey-will-be-completed-in-25-minutes-barabanki-news-c-315-1-brp1006-135578-2025-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: सवा घंटे में अयोध्या, 25 मिनट में पूरा होगा लखनऊ का सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: सवा घंटे में अयोध्या, 25 मिनट में पूरा होगा लखनऊ का सफर
Fri, 21 Mar 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं जब बाराबंकी से अयोध्या, गोंडा अथवा लखनऊ तक का ट्रेन का सफर पलक झपकते ही पूरा हो जाएगा। तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन से अयोध्या गोंडा तक का सफर जहां सवा घंटे में वहीं लखनऊ तक पहंचने में मात्र 25 मिनट ही लगेंगे। रेलवे द्वारा प्रस्तावित लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर बनने के बाद जिले की रेल सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव आएगा।
लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा व अयोध्या सेक्शन भी इस कॉरिडोर में शामिल होगा। इन रूटों पर तीन से चार रेलवे लाइनें पर ट्रेनों के दौड़ने से संचालन भी बेहतर बनेगा। वर्तमान में बाराबंकी से लखनऊ के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही छपरा से बाराबंकी तक लाइन बिछाने का कार्य भी जारी है। वहीं लखनऊ से गोरखपुर तक चौथी लाइन के सर्वे कार्य को भी मंजूरी मिल चुकी है और गोंडा से बुढ़वल तक 61 किमी लंबी नई रेलवे लाइन का सर्वे भी शुरू हो गया है। इन सभी परियोजनाओं के अगले दो-तीन वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य है।
रेलवे ने अब 170 किमी लंबा लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा व लखनऊ-बाराबंकी-अयोध्या सेक्शन समाहित होगा। इसलिए यह कॉरिडोर बाराबंकी जिले के लिए भी काफी खास साबित होगा। लखनऊ से बाराबंकी होते हुए गोंडा व अयोध्या की करीब 100 किमी लंबी रेलवे लाइनें बाराबंकी जिले की सीमा में पड़ती हैं। ऐसे में नया कॉरिडोर बनने से जिले के रेल यात्रियों को भी तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन की सुविधा मिलेंगी।
विज्ञापन
रेलवे प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि तीन व चार रेल लाइनें होने से माल वाहन गाड़ियों को पास देने के लिए यात्री ट्रेनों को रोकना नहीं पड़ेगा। ट्रेनों का निर्बाध संचालन होने से बाराबंकी से अयोध्या व गोंडा पहुंचने में एक घंटा कम समय लगेगा। जबकि लखनऊ तक का सफर महज 25 से 30 मिनट में पूरा हो जाएगा।
कॉरिडोर में चार चांद लगाएगा नया स्टेशन
लखनऊ से बाराबंकी के बीच तीसरी व चौथी रेलवे लाइन बिछ रही है। बाराबंकी रेलवे स्टेशन का नया भवन भी 33 करोड़ की लागत से बन रहा है। अब लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर में गोंडा व अयोध्या की रेल लाइनें शामिल हो जाने से यात्री सुविधाओं को काफी बेहतर बनाया जा सकेगा।
- अरुण रायजादा, अधीक्षक, बाराबंकी रेलवे स्टेशन
विज्ञापन
लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा व अयोध्या सेक्शन भी इस कॉरिडोर में शामिल होगा। इन रूटों पर तीन से चार रेलवे लाइनें पर ट्रेनों के दौड़ने से संचालन भी बेहतर बनेगा। वर्तमान में बाराबंकी से लखनऊ के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही छपरा से बाराबंकी तक लाइन बिछाने का कार्य भी जारी है। वहीं लखनऊ से गोरखपुर तक चौथी लाइन के सर्वे कार्य को भी मंजूरी मिल चुकी है और गोंडा से बुढ़वल तक 61 किमी लंबी नई रेलवे लाइन का सर्वे भी शुरू हो गया है। इन सभी परियोजनाओं के अगले दो-तीन वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
रेलवे ने अब 170 किमी लंबा लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा व लखनऊ-बाराबंकी-अयोध्या सेक्शन समाहित होगा। इसलिए यह कॉरिडोर बाराबंकी जिले के लिए भी काफी खास साबित होगा। लखनऊ से बाराबंकी होते हुए गोंडा व अयोध्या की करीब 100 किमी लंबी रेलवे लाइनें बाराबंकी जिले की सीमा में पड़ती हैं। ऐसे में नया कॉरिडोर बनने से जिले के रेल यात्रियों को भी तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन की सुविधा मिलेंगी।
विज्ञापन
रेलवे प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि तीन व चार रेल लाइनें होने से माल वाहन गाड़ियों को पास देने के लिए यात्री ट्रेनों को रोकना नहीं पड़ेगा। ट्रेनों का निर्बाध संचालन होने से बाराबंकी से अयोध्या व गोंडा पहुंचने में एक घंटा कम समय लगेगा। जबकि लखनऊ तक का सफर महज 25 से 30 मिनट में पूरा हो जाएगा।
कॉरिडोर में चार चांद लगाएगा नया स्टेशन
लखनऊ से बाराबंकी के बीच तीसरी व चौथी रेलवे लाइन बिछ रही है। बाराबंकी रेलवे स्टेशन का नया भवन भी 33 करोड़ की लागत से बन रहा है। अब लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर में गोंडा व अयोध्या की रेल लाइनें शामिल हो जाने से यात्री सुविधाओं को काफी बेहतर बनाया जा सकेगा।
- अरुण रायजादा, अधीक्षक, बाराबंकी रेलवे स्टेशन