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Barabanki News: पारिजात वृक्ष पर शुरू हुआ पतझड़
Thu, 01 Feb 2024 03:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 01 Feb 2024 03:25 AM IST
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बाराबंकी में सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के बरौलिया गांव स्थित पारिजात वृक्ष में हुआ पतझड़।
कोटवाधाम (बाराबंकी)। क्षेत्र के बरौलिया गांव स्थित पारिजात वृक्ष पर पतझड़ शुरू हो गया है। पारिजात को देखने के लिए रोजाना काफी संख्या में लोग आते हैं। इस वृक्ष पर अब छह माह बाद नई पत्तियां आएंगी।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के बरौलिया गांव में मौजूद महाभारतकालीन पारिजात वृक्ष की हरियाली व फूलों की महक सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। मगर पारिजात वृक्ष को देखने आने वालों को अब निराश लौटना होगा। वृक्ष पर तेजी से पतझड़ शुरू हो गया है। पारिजात पर पतझड़ बाकी पेड़ों की अपेक्षा पहले शुरू हो जाता है और सबसे अंत में यह हरा-भरा होता है। जनवरी में पतझड़ शुरू हुआ है जो जून-जुलाई तक रहेगा। करीब छह माह बाद यह पेड़ फिर से हरा-भरा होगा। इसके बाद जुलाई या अगस्त माह में इसमें पत्तियों के साथ फूल भी आएंगे।
यहां के महंत मंगलदास ने बताया कि छह माह तक इस अद्भुत वृक्ष की सेवा की जाती है। पतझड़ के समय पारिजात वृक्ष को कोई नहीं छूता। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए इसे छूने पर रोक लगा दी गई है। वन विभाग के उप निरीक्षक तुषार कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ने पर पतझड़ के समय वृक्ष पर वैज्ञानिकों के सलाह के बाद कीटनाशक दावों का इस्तेमाल किया जाता है।
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सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के बरौलिया गांव में मौजूद महाभारतकालीन पारिजात वृक्ष की हरियाली व फूलों की महक सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। मगर पारिजात वृक्ष को देखने आने वालों को अब निराश लौटना होगा। वृक्ष पर तेजी से पतझड़ शुरू हो गया है। पारिजात पर पतझड़ बाकी पेड़ों की अपेक्षा पहले शुरू हो जाता है और सबसे अंत में यह हरा-भरा होता है। जनवरी में पतझड़ शुरू हुआ है जो जून-जुलाई तक रहेगा। करीब छह माह बाद यह पेड़ फिर से हरा-भरा होगा। इसके बाद जुलाई या अगस्त माह में इसमें पत्तियों के साथ फूल भी आएंगे।
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यहां के महंत मंगलदास ने बताया कि छह माह तक इस अद्भुत वृक्ष की सेवा की जाती है। पतझड़ के समय पारिजात वृक्ष को कोई नहीं छूता। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए इसे छूने पर रोक लगा दी गई है। वन विभाग के उप निरीक्षक तुषार कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ने पर पतझड़ के समय वृक्ष पर वैज्ञानिकों के सलाह के बाद कीटनाशक दावों का इस्तेमाल किया जाता है।
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