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2.40 करोड़ से बनेंगे दो स्थायी गोआश्रय केंद्र
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बाराबंकी। खुले में घूम रहे छुट्टा मवेशियों के साथ अस्थायी गोआश्रय केंद्रों पर संरक्षित किए जा रहे मवेशियों को अब उनका स्थायी ठिकाना दिया जाएगा। इसके लिए जिले में दो और स्थायी गोआश्रय केंद्रों का निर्माण होगा। 400 क्षमता वाले प्रत्येक गोआश्रय केंद्र के निर्माण पर एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें चार शेड, भूसा घर, कार्यालय के साथ चारदीवारी बनवा कर गेट आदि का निर्माण कराया जाएगा। इससे पहले जिले में तीन और गोआश्रय केंद्र संचालित थे।
जिले में 31 अस्थायी गोआश्रालय में मवेशियों को संरक्षित किया जा रहा था। अब जिले में दो और गोआश्रय केंद्रों का निर्माण होगा। इनमें त्रिवेदीगंज ब्लॉक के सोनिकपुर और निंदूरा ब्लॉक के अगासंड ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन दोनों गांवों में भूमि की तलाश पूरी हो गई है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण में एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होंगे।
इनमें चार टीन शेड के साथ, भूसा घर, कार्यालय और पेयजल के लिए नांद आदि का निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा गोआश्रय केंद्र की चारदीवारी कराकर गेट भी लगाया जाएगा। इससे मवेशी बाहर निकल कर किसानों की फसल को नष्ट नहीं कर सकेंगे। एक गोआश्रय में 400 मवेशियों के संरक्षित करने की व्यवस्था होगी।
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जिले में अब होंगे पांच स्थायी गोआश्रय केंद्र
इन दो गोआश्रय केंद्र बनने के बाद जिले में स्थायी गोआश्रय केंद्रों की संख्या पांच हो जाएगी। इसके पहले सूरतगंज ब्लॉक के भिठौली रामपुर में 1.20 करोड़ से गोआश्रय केंद्र बनाया गया है। जिसका उद्घाटन विधायक द्वारा किया जा चुका है। जबकि गंजरिया और कंधईपुर में पहले से स्थायी केंद्रों पर मवेशियों को संरक्षित किया जा रहा है।
अगासंड और सोनिकपुर में स्थायी गोआश्रय केंद्र बनने के बाद जिले में इनकी संख्या पांच हो जाएगी। जो कि छुट्टा मवेशियों को संरक्षित करने के लिए पर्याप्त है।
- डॉ. मार्कंडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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जिले में 31 अस्थायी गोआश्रालय में मवेशियों को संरक्षित किया जा रहा था। अब जिले में दो और गोआश्रय केंद्रों का निर्माण होगा। इनमें त्रिवेदीगंज ब्लॉक के सोनिकपुर और निंदूरा ब्लॉक के अगासंड ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन दोनों गांवों में भूमि की तलाश पूरी हो गई है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण में एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होंगे।
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इनमें चार टीन शेड के साथ, भूसा घर, कार्यालय और पेयजल के लिए नांद आदि का निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा गोआश्रय केंद्र की चारदीवारी कराकर गेट भी लगाया जाएगा। इससे मवेशी बाहर निकल कर किसानों की फसल को नष्ट नहीं कर सकेंगे। एक गोआश्रय में 400 मवेशियों के संरक्षित करने की व्यवस्था होगी।
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जिले में अब होंगे पांच स्थायी गोआश्रय केंद्र
इन दो गोआश्रय केंद्र बनने के बाद जिले में स्थायी गोआश्रय केंद्रों की संख्या पांच हो जाएगी। इसके पहले सूरतगंज ब्लॉक के भिठौली रामपुर में 1.20 करोड़ से गोआश्रय केंद्र बनाया गया है। जिसका उद्घाटन विधायक द्वारा किया जा चुका है। जबकि गंजरिया और कंधईपुर में पहले से स्थायी केंद्रों पर मवेशियों को संरक्षित किया जा रहा है।
अगासंड और सोनिकपुर में स्थायी गोआश्रय केंद्र बनने के बाद जिले में इनकी संख्या पांच हो जाएगी। जो कि छुट्टा मवेशियों को संरक्षित करने के लिए पर्याप्त है।
- डॉ. मार्कंडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।