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अनुदानित कृषि यंत्रों में करोड़ो का खेल साइट खुलने से पहले हो गई बुकिंग
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बाराबंकी। कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजना की ऑनलाइन बुकिंग की पारदर्शिता में एक बार फिर साइबर हैकर्स ने पानी फेर दिया। विभागीय मंत्री की सख्ती व बुकिंग व्यवस्था में बदलाव भी काम नहीं आया। बुकिंग की साइट खुलने से पहले ही करोड़ों के कृषि यंत्रों के टोकन निकाल लिए गए। ऐसे में जब तय समय पर साइट खुली तो तीन मिनट में ही बुकिंग फुल हो गई। ऐसे में किसानों के हाथ सिर्फ मायूसी लगी।
कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को लाखों के अनुदान वाली कस्टम हायरिंग सेंटर, स्माल गोदाम व थ्रेशिंग फ्लोर के यंत्रों की बुकिंग को बुधवार सुबह 11 बजे से साइट खुलनी थी। मगर, तय समय पर साइट खुलने से पहले ही कृषि यंत्रों की बुकिंग हो गई।
साइट खुलने के बाद तीन मिनट में ही बचे हुए यंत्रों के साथ लक्ष्य के तीन सौ प्रतिशत तक की बुकिंग हो गई। यह देख किसान खुद को ठगा महसूस करते हुए मायूस हो गए। मामला कृषि विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया तो इस बारे में उच्च स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराया। जिस पर तय समय से पहले हुई बुकिंग को रद्द करने का आश्वासन मिला। मगर, साइबर हैकर्स के द्वारा तय समय से तीन मिनट में फुल हुई बुकिंग पर कोई निर्णय नहीं हो सका। ऐसे में किसानों का विश्वास कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग से उठ चुका है।
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क्योंकि करीब चार साल से कृषि यंत्रीकरण योजना में पारदर्शिता को लेकर जब से ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की गई, तब से वास्तविक किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मगर, यंत्रीकरण योजना के मास्टर माइंड तकनीकी खामियों की आड़ में हमेशा इस पारदर्शी योजना में सेंधमारी करते रहे हैं।
हाल में ही 24 अगस्त 2021 को छोटे-छोटे कृषि यंत्रों की बुकिंग में हुए गड़बड़झाला सामने आया तो कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मामले का संज्ञान लिया। ऐसे में अन्य कृषि यंत्रों की होने वाली बुकिंग टाल दी थी। अधिकारियों से बात कर पूरे प्रदेश की बजाय मंडलवार बुकिंग का निर्णय लिया। इस नई व्यवस्था के अनुरूप जिले में बुधवार को कृषि यंत्रों की बुकिंग होनी थी। लेकिन साइबर हैंकर्स ने इस बार भी पारदर्शी व्यवस्था पर पानी फेर दिया।
भानु व मचला के नाम पौने 11 बजे हुई बुकिंग
कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जो डाटा मिला उसकी माने तो जिले के निंदूरा ब्लॉक के भानु प्रसाद की बुकिंग जहां पौने 11 बजे हुई। वहीं फतेहपुर ब्लॉक की मचला देवी के नाम कस्टम हायरिंग सेंटर की बुकिंग 10:48 बजे हुई।
वहीं सिद्धौर ब्लॉक की आशा वर्मा, मसौली के अमर सिंह वर्मा और त्रिवेदीगंज के लाइक राम की बुकिंग 11 बजकर एक मिनट पर हुई। फिर 11 बजकर दो मिनट पर मसौली की गुर्गा देवी, पूरेडलई के बालचंद व बंकी के रामहेत के नाम बुकिंग हुई। 11 बजकर तीन मिनट पर जिनके नाम बुकिंग हुई उसमें सिद्धौर ब्लॉक के सत्येंद्र कुमार व सिरौलीगौसपुर के प्रदीप कुमार शामिल हैं।
कृषि यंत्रों की साइट ओपेन होने से पहले बुकिंग के संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रारम्भिक जांच में बात सही मिली है। बताया गया कि बुकिंग की साइट हैंक कर समय से पहले नौ टोकन जनरेट किए गए हैं। जो रद्द किए जाएंगे। इस संबंध में जांच बैठा दी गई है। हालांकि बाद में हुई बुकिंग के संबंध में अलग निर्णय लिया जाएगा।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक
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कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को लाखों के अनुदान वाली कस्टम हायरिंग सेंटर, स्माल गोदाम व थ्रेशिंग फ्लोर के यंत्रों की बुकिंग को बुधवार सुबह 11 बजे से साइट खुलनी थी। मगर, तय समय पर साइट खुलने से पहले ही कृषि यंत्रों की बुकिंग हो गई।
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साइट खुलने के बाद तीन मिनट में ही बचे हुए यंत्रों के साथ लक्ष्य के तीन सौ प्रतिशत तक की बुकिंग हो गई। यह देख किसान खुद को ठगा महसूस करते हुए मायूस हो गए। मामला कृषि विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया तो इस बारे में उच्च स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराया। जिस पर तय समय से पहले हुई बुकिंग को रद्द करने का आश्वासन मिला। मगर, साइबर हैकर्स के द्वारा तय समय से तीन मिनट में फुल हुई बुकिंग पर कोई निर्णय नहीं हो सका। ऐसे में किसानों का विश्वास कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग से उठ चुका है।
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क्योंकि करीब चार साल से कृषि यंत्रीकरण योजना में पारदर्शिता को लेकर जब से ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की गई, तब से वास्तविक किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मगर, यंत्रीकरण योजना के मास्टर माइंड तकनीकी खामियों की आड़ में हमेशा इस पारदर्शी योजना में सेंधमारी करते रहे हैं।
हाल में ही 24 अगस्त 2021 को छोटे-छोटे कृषि यंत्रों की बुकिंग में हुए गड़बड़झाला सामने आया तो कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मामले का संज्ञान लिया। ऐसे में अन्य कृषि यंत्रों की होने वाली बुकिंग टाल दी थी। अधिकारियों से बात कर पूरे प्रदेश की बजाय मंडलवार बुकिंग का निर्णय लिया। इस नई व्यवस्था के अनुरूप जिले में बुधवार को कृषि यंत्रों की बुकिंग होनी थी। लेकिन साइबर हैंकर्स ने इस बार भी पारदर्शी व्यवस्था पर पानी फेर दिया।
भानु व मचला के नाम पौने 11 बजे हुई बुकिंग
कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जो डाटा मिला उसकी माने तो जिले के निंदूरा ब्लॉक के भानु प्रसाद की बुकिंग जहां पौने 11 बजे हुई। वहीं फतेहपुर ब्लॉक की मचला देवी के नाम कस्टम हायरिंग सेंटर की बुकिंग 10:48 बजे हुई।
वहीं सिद्धौर ब्लॉक की आशा वर्मा, मसौली के अमर सिंह वर्मा और त्रिवेदीगंज के लाइक राम की बुकिंग 11 बजकर एक मिनट पर हुई। फिर 11 बजकर दो मिनट पर मसौली की गुर्गा देवी, पूरेडलई के बालचंद व बंकी के रामहेत के नाम बुकिंग हुई। 11 बजकर तीन मिनट पर जिनके नाम बुकिंग हुई उसमें सिद्धौर ब्लॉक के सत्येंद्र कुमार व सिरौलीगौसपुर के प्रदीप कुमार शामिल हैं।
कृषि यंत्रों की साइट ओपेन होने से पहले बुकिंग के संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रारम्भिक जांच में बात सही मिली है। बताया गया कि बुकिंग की साइट हैंक कर समय से पहले नौ टोकन जनरेट किए गए हैं। जो रद्द किए जाएंगे। इस संबंध में जांच बैठा दी गई है। हालांकि बाद में हुई बुकिंग के संबंध में अलग निर्णय लिया जाएगा।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक