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Barabanki News: नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया फाइलेरिया से बचाव का संदेश
Sun, 08 Feb 2026 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:53 AM IST
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बाराबंकी। जिले के सात ब्लॉकों में 10 से 28 फरवरी तक आईडीए अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए शनिवार को बाल विकास विद्या मंदिर इंटर काॅलेज कोठी के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर में नुक्कड़ नाटक का मंचन कर विद्यालय के बच्चों को फाइलेरिया बीमारी से बचाव का संदेश दिया। कहा कि फाइलेरिया से बचाव के लिए सभी को दवा का सेवन करना चाहिए।
विद्यालय के 12वीं कक्षा के छात्र मोहमद सादिक, आस्था सिंह और सहायक अध्यापक रणविजय वर्मा ने नाट्य मंचन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने में नुक्कड़ नाटक जैसी पारंपरिक विधाओं की भूमिका और महत्व को बताया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर और लाइलाज बीमारी है। इसके शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन 5 से 15 साल बाद हाथ-पैर या महिलाओं के स्तनों में सूजन आ सकती है, जिससे व्यक्ति को दिव्यांगता का सामना करना पड़ सकता है। बताया कि इससे बचाव संभव है। सरकार आईडीए अभियान के तहत डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन तीन तरह की दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराती है। 10 से 28 फरवरी तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे। इसे खाली पेट नहीं लेना चाहिए और पूरी खुराक लेना जरूरी है। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जगन्नाथ यादव, प्रधानाध्यापक विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
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विद्यालय के 12वीं कक्षा के छात्र मोहमद सादिक, आस्था सिंह और सहायक अध्यापक रणविजय वर्मा ने नाट्य मंचन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने में नुक्कड़ नाटक जैसी पारंपरिक विधाओं की भूमिका और महत्व को बताया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर और लाइलाज बीमारी है। इसके शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन 5 से 15 साल बाद हाथ-पैर या महिलाओं के स्तनों में सूजन आ सकती है, जिससे व्यक्ति को दिव्यांगता का सामना करना पड़ सकता है। बताया कि इससे बचाव संभव है। सरकार आईडीए अभियान के तहत डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन तीन तरह की दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराती है। 10 से 28 फरवरी तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे। इसे खाली पेट नहीं लेना चाहिए और पूरी खुराक लेना जरूरी है। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जगन्नाथ यादव, प्रधानाध्यापक विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
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