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मेंथा टंकियां फटने की वजह तलाशने पहुंचे एक्सपर्ट
Barabanki
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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बाराबंकी। गर्मी में मेंथा की पेराई के दौरान टंकियां क्यों फटती हैं? इसका कारण जांचने के लिए आईआईटी कानपुर की तीन सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह बंकी ब्लॉक के बंधौली गांव पहुंची। टीम ने खेतों में जाकर मेंथा की पेराई करने वाली टंकियों का जायजा लिया और किसानों से बातचीत भी की।
बाराबंकी जिला मेंथा उत्पादन का गढ़ बन चुका है। बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है। साथ ही गर्मी में मेंथा की पेराई के दौरान टंकियों के फटने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं जिसमें कई लोग घायल भी होते हैं। किसानों की इन्हीं समस्याओं को जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. ने आईआईटी कानपुर के अधिकारियों के सामने रखा, जिस पर गुरुवार को वहां से डॉ. दीपू फिलिप की अगुवाई में ओमकार व तीर्थराज की टीम यहां के बंधौली गांव पहुंची। इस मौके पर सीडीओ विजय किरन आनंद भी मौजूद रहे। टीम के सदस्य पहले गांव के विनोद के खेत पहुंचे और वहां लगी टंकी का जायजा लिया। इसके बाद सत्येंद्र के खेत में लगी टंकी भी देखी और ग्रामीणों से बातचीत की। पेराई के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा। इसके बाद वापसी में टीम के सदस्य ने हाथ से चलने वाली चारा काटने की मशीन भी देखी और जानकारी ली।
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बाराबंकी जिला मेंथा उत्पादन का गढ़ बन चुका है। बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है। साथ ही गर्मी में मेंथा की पेराई के दौरान टंकियों के फटने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं जिसमें कई लोग घायल भी होते हैं। किसानों की इन्हीं समस्याओं को जिलाधिकारी मिनिस्ती एस. ने आईआईटी कानपुर के अधिकारियों के सामने रखा, जिस पर गुरुवार को वहां से डॉ. दीपू फिलिप की अगुवाई में ओमकार व तीर्थराज की टीम यहां के बंधौली गांव पहुंची। इस मौके पर सीडीओ विजय किरन आनंद भी मौजूद रहे। टीम के सदस्य पहले गांव के विनोद के खेत पहुंचे और वहां लगी टंकी का जायजा लिया। इसके बाद सत्येंद्र के खेत में लगी टंकी भी देखी और ग्रामीणों से बातचीत की। पेराई के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में भी पूछा। इसके बाद वापसी में टीम के सदस्य ने हाथ से चलने वाली चारा काटने की मशीन भी देखी और जानकारी ली।
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