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अगेती प्रजाति की गन्ना खरीद से किसान परेशान

Mon, 27 Nov 2017 01:03 AM IST
Updated Mon, 27 Nov 2017 01:03 AM IST
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अगेती प्रजाति की गन्ना खरीद से किसान परेशान
अगेती प्रजाति की गन्ना खरीद से किसान परेशान
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- सामान्य व अस्वीकृत प्रजाति के किसानों को गेहूं बुुआई में दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
दरियाबाद (बाराबंकी)। गन्ना खरीद की नीति में शासन से हुए बदलाव से क्रेशर लगाए व्यापारी जहां मालामाल हो रहे हैं तो वहीं गन्ना किसान समस्याओं का अंबार लगने से परेशान है। शासन के सबसे पहले अगेती प्रजाति के गन्ने की खरीद के फरमान से सामान्य व अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना बोये हुए किसानों के सामने गेहूं की बोआई का संकट खडा हो गया है। गेहूं की बोआई करने के लिए किसान खुले बाजार में कम दामों में गन्ना बेचने को मजबूर है। चीनी मिलों की इस नीति से किसानों में नाराजगी दिखने लगी है।

सहकारी गन्ना विकास समिति दरियाबाद के घाघरा नदी के तलहटी में बसे गांव सनावां, गिदरापुर, गोबरहा, इटहुआ पश्चिम, इटहुआ पूरब, तेलवारी, रामपुर हाडाहा, छुरिया, अतरौली, काठरीगौरिया, अतरसुइया, रानीमऊ सहित सैकड़ों गांवों व तलहटी से ऊपर बसे गांवों मे भी सर्वाधिक गन्ना फसल की बुआई होती है। किसान अगेती, सामान्य व अस्वीकृत प्रजाति के गन्ना की बुआई करते हैं। क्षेत्र के इन गांवों के गन्ना किसानों के तैयार फसल को खरीदने की जिम्मेदारी रौजागांव चीनी मिल फैजाबाद के पास है। जिसके लिए सरायदुनौली, टिकैतनगर, काटवाधाम, बारिंगबाग तथा पडरावा, विद्यानगर सहित 22 स्थानीय क्रय केंद्र व एक मिल गेट क्रय केंद्र को स्थापित किया गया है। विगत वर्षों तक चीनी मिल अगेती, सामान्य व अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की फसल को एक साथ खरीदने का काम करती थी। जिससे समय से खेत खाली हो जाने पर किसान गेहूं की बुआई कर लेते थे किन्तु इस वर्ष शुरू हुई खरीद में सबसे पहले अगेती प्रजाति के गन्ने को खरीदने के गन्ना आयुक्त के आदेश के बाद से किसानों के सामने समस्याओं का अंबार लग गया है। चीनी मिल इस समय केवल अगेती गन्ने वाले किसानों को ही पर्ची मुहैया करा रही है। जिससे सामान्य व अस्वीकृति प्रजाति के गन्ना बोये हुए किसान पर्ची आने की राह देख रहे हैं। ऐसे में सामान्य व अस्वीकृत प्रजाति के गन्ना किसानों के सामने गन्ना कटने के बाद उसमें गेहूं बोने का संकट उत्पन्न हो गया है। किसान गोेविन्द सिंह का कहना है कि चीनी मिली निजी लाभ के लिए किसानों का उत्पीड़न कर रही है। इस बदलाव से समय से खेत खाली न होने से गेहूं की बुआई नहीं हो पाएगी। किसान सुरेश शुक्ला बताते हैं कि बाजार में लगे क्रेशरों पर भी गन्ना का डंप लग हुआ है जिससे वहां भी व्यापारी औने पौने दामों पर गन्ना खरीद रहे हैं।
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वर्जन :
किसानों की जो भी समस्याएं हैं उनके निराकरण की योजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही इस पर अमल शुरू कर किसानों की दिक्कतों को दूर कर दिया जाएगा।
- अजय कुमार बघेल, सीसीएम, रौजागांव चीनी मिल
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