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वर्षो से बंदी पड़ी पेयजल परियोजनाएं होंगी शुरु

Wed, 15 Nov 2017 12:20 AM IST
Updated Wed, 15 Nov 2017 12:20 AM IST
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वर्षो से बंदी पड़ी पेयजल परियोजनाएं होंगी शुरु
वर्षों से बंदी पड़ी पेयजल परियोजनाएं होंगी शुरू
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- सीडीओ ने मातहतों के साथ गदिया ग्राम पंचायत में बंद पड़ी पेयजल परियोजना का देखा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। दस वर्षो से करोड़ों की लागत से ग्राम पंचायतों में बंद पड़ी पेयजल परियोजनाओं को शुरू कराने के लिए सीडीओ अंजनी कुमार सिंह ने अभियान छेड़ दिया है। ग्रामीणों को शहर की भांति स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा जिले के अलग-अलग ब्लॉकों के चिह्नित ग्राम पंचायतों में बनी यह परियोजनाएं विभिन्न समस्याओं के चलते दस वर्षो से बंद पड़ी हैं। बंद पड़ी इन परियोनजाओं की शुरुआत के लिए ग्राम पंचायतों के 14 वें व राज्य वित्त योजना की धनराशि का उपयोग किया जाएगा।
मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अपने मातहतों के साथ बंकी ब्लॉक के ग्राम पंचायत गदिया में वर्ष 2014-15 में जल निगम द्वारा करोड़ो की लागत से बनवाई गई बंद पड़ी पेयजल परियोजना का हाल देखा। जिसमें ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि पाइप लाइन टूटी होने के कारण इसे शुरू नहीं कराया गया है। और न ही इस पानी की टंकी पर किसी ऑपरेटर की तैनाती है। सीडीओ ने जल निगम के अधिकारियों को इसकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार कई अन्य ब्लॉकों के 13 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां इसी प्रकार से पेयजल परियोजनाएं किसी न किसी कारण से बंद पड़ी हैं।
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इन गांवों में भी बंद पड़ी परियोजनाएं
जिले के जिन ब्लॉकों में 12 और ऐसी ही पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। उनमें त्रिवेदीगंज ब्लॉक के मोहम्मदपुर, सोनिकपुर, लाही, सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के चौखंडी, सिरौली, बदोसरायं, निंदूरा के मोहसंड, सिद्वौर के असंद्रा, रामनगर के बरुवानरेंद्रपुर, दरियाबाद ब्लॉक के जेठौतीकुर्मियान, हैदरगढ़ ब्लॉक के सिंधियावां, देवा ब्लॉक के बबूरी ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
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जिन ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाएं किसी कारणवश बंद पड़ी हैं। उन्हें शुरू कराने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए 14वें व राज्यवित्त की धनराशि का सहारा लिया जाएगा। ऐसी करीब 13 परियोजनाएं शामिल हैं।
- अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ
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