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Barabanki News: शून्य से पांच साल तक के 70 फीसदी बच्चों के आधार नहीं
Fri, 18 Aug 2023 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 18 Aug 2023 01:17 AM IST
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बाराबंकी। जिले में आधार बनवाने के लिए लोगों को जद्दोजहद का सामना करना पड़ता है मगर संसाधनों की कमी के कारण बच्चों का आधार बनाने में भी परेशानी आ रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में शून्य से पांच साल तक के करीब केवल 30 फीसदी बच्चों का आधार बना है। बाकी 70 फीसदी बच्चों का आधार बनना किसी चुनौती से कम नहीं। इसे लेकर अभिभावकों को भी जागरुक होना जरूरी है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा जिले में 228 केंद्रों का संचालन कर आधार बनाने व आधार अपडेट करने की सुविधा दी गई है। इसमें कुछ केवल आधार अपडेट कर सकते हैं। हर माह आधार बनने की रिपोर्ट आती है। बीते माह की रिपोर्ट के अनुसार जिले में शून्य से पांच साल तक के 30 फीसदी बच्चों के आधार बन सके हैं। इनकी संख्या करीब एक लाख 20 हजार है। यानी कि अभी करीब दो लाख 80 हजार बच्चों के आधार बनने शेष हैं।
इसी प्रकार पांच से 18 साल तक के करीब 97 प्रतिशत तक के आधार बाकी है। जबकि 18 साल से अधिक उम्र वाले लगभग सभी के आधार बनने का दावा है। इस बाबत जिला अर्थसंख्याधिकारी मीनाक्षी का कहना है कि नोडल अधिकारी से इस संबंध में बात की जाएगी और जहां पर दिक्कतें आ रही है उसे दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
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बिजली गुल होते ही आधार बनना बंद
दरियाबाद के ब्लाक संसाधन केंद्र व डाकघर में बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे बिजली गुल होने के कारण को आधार बनाने का काम ठप मिला। यही हाल डीहा के विद्यालय का था। लोगों को बिजली का इंतजार था।
धीमा सर्वर, बेहाल दिखे लोग
फतेहपुर के डाकघर में बृहस्पतिवार को सर्वर धीमा होने के कारण आधार संबंधी काम बहुत मुश्किल से हो रहा था। लोग बेहाल थे। नंदनकला के श्लोक कुमार ने बताया कि वे भतीजी का आधार बनवाने के दो दिन से चक्कर काट रहे हैं।
डाकघर में आठ माह से खराब पड़ी मशीन
रामसनेहीघाट के उप डाकघर में आधार बनाने के लिए आई मशीन बीते दिसंबर 2022 में खराब होने के बाद ठीक नहीं हुई। इससे यहां आधार बनाने का काम ठप है। जबकि एसबीआई व बीएसएनएल कार्यालय में आधार बन रहे हैं।
इंटरनेट नहीं, मोबाइल के सहारे आधार
सिरौलीगौसपुर के सीडीपीओ कार्यालय में बिजली जाते ही आधार बनना बंद हो जाता है। यहां मिली सुपरवाइजर सरोज कुमारी ने बताया कि इंटरनेट की व्यवस्था भी नहीं है। मोबाइल के सहारे आधार बनते हैं।
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा जिले में 228 केंद्रों का संचालन कर आधार बनाने व आधार अपडेट करने की सुविधा दी गई है। इसमें कुछ केवल आधार अपडेट कर सकते हैं। हर माह आधार बनने की रिपोर्ट आती है। बीते माह की रिपोर्ट के अनुसार जिले में शून्य से पांच साल तक के 30 फीसदी बच्चों के आधार बन सके हैं। इनकी संख्या करीब एक लाख 20 हजार है। यानी कि अभी करीब दो लाख 80 हजार बच्चों के आधार बनने शेष हैं।
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इसी प्रकार पांच से 18 साल तक के करीब 97 प्रतिशत तक के आधार बाकी है। जबकि 18 साल से अधिक उम्र वाले लगभग सभी के आधार बनने का दावा है। इस बाबत जिला अर्थसंख्याधिकारी मीनाक्षी का कहना है कि नोडल अधिकारी से इस संबंध में बात की जाएगी और जहां पर दिक्कतें आ रही है उसे दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
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बिजली गुल होते ही आधार बनना बंद
दरियाबाद के ब्लाक संसाधन केंद्र व डाकघर में बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे बिजली गुल होने के कारण को आधार बनाने का काम ठप मिला। यही हाल डीहा के विद्यालय का था। लोगों को बिजली का इंतजार था।
धीमा सर्वर, बेहाल दिखे लोग
फतेहपुर के डाकघर में बृहस्पतिवार को सर्वर धीमा होने के कारण आधार संबंधी काम बहुत मुश्किल से हो रहा था। लोग बेहाल थे। नंदनकला के श्लोक कुमार ने बताया कि वे भतीजी का आधार बनवाने के दो दिन से चक्कर काट रहे हैं।
डाकघर में आठ माह से खराब पड़ी मशीन
रामसनेहीघाट के उप डाकघर में आधार बनाने के लिए आई मशीन बीते दिसंबर 2022 में खराब होने के बाद ठीक नहीं हुई। इससे यहां आधार बनाने का काम ठप है। जबकि एसबीआई व बीएसएनएल कार्यालय में आधार बन रहे हैं।
इंटरनेट नहीं, मोबाइल के सहारे आधार
सिरौलीगौसपुर के सीडीपीओ कार्यालय में बिजली जाते ही आधार बनना बंद हो जाता है। यहां मिली सुपरवाइजर सरोज कुमारी ने बताया कि इंटरनेट की व्यवस्था भी नहीं है। मोबाइल के सहारे आधार बनते हैं।