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सत्यापन से संस्तुति तक के खेल का अनन्तिम सूची में दिख रहा सच
Updated Sun, 19 Nov 2017 12:02 AM IST
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सत्यापन से संस्तुति तक के ‘खेल’ का दिख रहा सच
- यूपी बोर्ड परीक्षा : सेटिंग-गेटिंग वाले विद्यालय मानकों पर खरे तो मानक पूर्ण करने वाले हुए बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। सत्यापन व संस्तुति में हुए ‘खेल’ ने परीक्षा निर्धारण की जारी की गई अनन्तिम सूची को उलझाकर रख दिया है।
सेटिंग-गेटिंग करने वाले कॉलेज मानक पूरा न करने के बाद सूची में अपना स्थान बनाने में सफल रहे तो मानक पूर्ण करने वाले सूची से बाहर होने के बाद डीआईओएस कार्यालय की परिक्रमा लगा रहे हैं।
जिले में पहले ब्लॉकवार कॉलेजों की जांच राजकीय कॉलेजों के प्रधानाचार्यों द्वारा कराई गई। उसके बाद इसी प्रोफार्मे पर दोबारा राजकीय कालेजों के शिक्षकों की टीम को लगाकर सत्यापन कराया गया। मगर, बाद में बोर्ड द्वारा जो सूचना मांगी गई उसका प्रोफार्मा बदला हुआ था। ऐसे में कॉलेजों ने प्रोफार्मा भरने से पूर्व से डीआईओएस कार्यालय से सेंटिंग-गेटिंग कर ली। जिनके कॉलेजों का सत्यापन भी परीक्षा का काउंटर संभाल रहे लिपिक ने कार्यालय में बैठकर कर दिया। जबकि, जिन कॉलेजों में संबंधित को तरजीह नहीं मिली। उसके कॉलेज के सत्यापन में लिपिक की भड़ास सूची जारी होने के बाद दिखी। दशकों से बोर्ड परीक्षा कराने वाले कॉलेजों जब सूची से बाहर हुए तो उनका दर्द छलका। बोले कि सत्यापन से लेकर संस्तुति रिपोर्ट भेजने में ही सारा ‘खेल’ किया गया। यही कारण रहा कि जब परिषद द्वारा ग्रेडिंग की गई तो मानक पूूरा न कराने वाले मानक पर खरे उतरे। मगर, वास्तव में जो मानक पूर्ण कर रहे थे वह बाहर हो गए।
परीक्षा केंद्रों के सत्यापन से लेकर संस्तुति तक में डीआईओएस कार्यालय द्वारा गड़बड़ी की गई है। अब परिषद द्वारा केंद्र निर्धारण की बात कर डीआईओएस अपना बचाव कर रहे हैं। ऐसे परिषद को भेजी गई सत्यापन व संस्तुति की रिपोर्ट सार्वजनिक कराने को लेकर संघ डीआईओएस कार्यालय का घेराव करेगा।
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- नीता अवस्थी, जिलाध्यक्ष उप्र. मा. शिक्षा परिषद
सत्यापन रिपोर्ट में हेराफेरी कर बोर्ड को भेजकर यह ‘खेल’ डीआईओएस कार्यालय के जिम्मेदारों द्वारा किया गया है। अब बोर्ड से सब कुछ होने का बहाना कर अपने को पाक साफ बताने की दुहाई जिम्मेदार दे रहे हैं। मगर, इसको लेकर आर-पार की लड़ाई होगी। मानक पूरा न करने वाले बाहर होंगे तो मानक पूर्ण करने वाले केंद्र बनें, इसको लेकर प्रयास जारी है।
- तेज कुमार उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष, वित्त विहीन शिक्षक महासभा
डीआईओएस से मिला प्रतिनिधिमंडल
परीक्षा केंद्र निर्धारण की अनन्तिम सूची में गड़बड़ी को लेकर उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल मंडलीय अध्यक्ष राम मिलन वर्मा के नेतृत्व में डीआईओएस से मिला। डीआईओएस को बोर्ड के मानक पूर्ण करने वाले कॉलेजों की सूची सौंप परीक्षा केेंद्र बनाए जाने की मांग रखी। इस मौके पर डॉ. राम कुमार गिरि, दिनेश चंद्र पाण्डेय, राम अभिलाष वर्मा, इंद्र कुमार वर्मा व रजावन आदि मौजूद थे।
परिषद द्वारा मांगी गई सूचना ऑनलाइन के साथ मैनुअली भी भेजी गई थी। जिसके आधार पर परीक्षा केंद्रों का निर्धारण हुआ है। आपत्तियां ली जा रही हैं जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा।
- नंदलाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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- यूपी बोर्ड परीक्षा : सेटिंग-गेटिंग वाले विद्यालय मानकों पर खरे तो मानक पूर्ण करने वाले हुए बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। सत्यापन व संस्तुति में हुए ‘खेल’ ने परीक्षा निर्धारण की जारी की गई अनन्तिम सूची को उलझाकर रख दिया है।
सेटिंग-गेटिंग करने वाले कॉलेज मानक पूरा न करने के बाद सूची में अपना स्थान बनाने में सफल रहे तो मानक पूर्ण करने वाले सूची से बाहर होने के बाद डीआईओएस कार्यालय की परिक्रमा लगा रहे हैं।
जिले में पहले ब्लॉकवार कॉलेजों की जांच राजकीय कॉलेजों के प्रधानाचार्यों द्वारा कराई गई। उसके बाद इसी प्रोफार्मे पर दोबारा राजकीय कालेजों के शिक्षकों की टीम को लगाकर सत्यापन कराया गया। मगर, बाद में बोर्ड द्वारा जो सूचना मांगी गई उसका प्रोफार्मा बदला हुआ था। ऐसे में कॉलेजों ने प्रोफार्मा भरने से पूर्व से डीआईओएस कार्यालय से सेंटिंग-गेटिंग कर ली। जिनके कॉलेजों का सत्यापन भी परीक्षा का काउंटर संभाल रहे लिपिक ने कार्यालय में बैठकर कर दिया। जबकि, जिन कॉलेजों में संबंधित को तरजीह नहीं मिली। उसके कॉलेज के सत्यापन में लिपिक की भड़ास सूची जारी होने के बाद दिखी। दशकों से बोर्ड परीक्षा कराने वाले कॉलेजों जब सूची से बाहर हुए तो उनका दर्द छलका। बोले कि सत्यापन से लेकर संस्तुति रिपोर्ट भेजने में ही सारा ‘खेल’ किया गया। यही कारण रहा कि जब परिषद द्वारा ग्रेडिंग की गई तो मानक पूूरा न कराने वाले मानक पर खरे उतरे। मगर, वास्तव में जो मानक पूर्ण कर रहे थे वह बाहर हो गए।
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परीक्षा केंद्रों के सत्यापन से लेकर संस्तुति तक में डीआईओएस कार्यालय द्वारा गड़बड़ी की गई है। अब परिषद द्वारा केंद्र निर्धारण की बात कर डीआईओएस अपना बचाव कर रहे हैं। ऐसे परिषद को भेजी गई सत्यापन व संस्तुति की रिपोर्ट सार्वजनिक कराने को लेकर संघ डीआईओएस कार्यालय का घेराव करेगा।
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- नीता अवस्थी, जिलाध्यक्ष उप्र. मा. शिक्षा परिषद
सत्यापन रिपोर्ट में हेराफेरी कर बोर्ड को भेजकर यह ‘खेल’ डीआईओएस कार्यालय के जिम्मेदारों द्वारा किया गया है। अब बोर्ड से सब कुछ होने का बहाना कर अपने को पाक साफ बताने की दुहाई जिम्मेदार दे रहे हैं। मगर, इसको लेकर आर-पार की लड़ाई होगी। मानक पूरा न करने वाले बाहर होंगे तो मानक पूर्ण करने वाले केंद्र बनें, इसको लेकर प्रयास जारी है।
- तेज कुमार उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष, वित्त विहीन शिक्षक महासभा
डीआईओएस से मिला प्रतिनिधिमंडल
परीक्षा केंद्र निर्धारण की अनन्तिम सूची में गड़बड़ी को लेकर उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल मंडलीय अध्यक्ष राम मिलन वर्मा के नेतृत्व में डीआईओएस से मिला। डीआईओएस को बोर्ड के मानक पूर्ण करने वाले कॉलेजों की सूची सौंप परीक्षा केेंद्र बनाए जाने की मांग रखी। इस मौके पर डॉ. राम कुमार गिरि, दिनेश चंद्र पाण्डेय, राम अभिलाष वर्मा, इंद्र कुमार वर्मा व रजावन आदि मौजूद थे।
परिषद द्वारा मांगी गई सूचना ऑनलाइन के साथ मैनुअली भी भेजी गई थी। जिसके आधार पर परीक्षा केंद्रों का निर्धारण हुआ है। आपत्तियां ली जा रही हैं जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा।
- नंदलाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक