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जिंहौली में बनेंगे 1152 आवास
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:17 AM IST
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जिंहौली में बनेंगे 1152 आवास
बाराबंकी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास विकास परिषद शहर के अंदर 1152 आवास बनाएगी।
तहसील प्रशासन द्वारा आवास विकास परिषद को पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने के बाद अब डीपीआर तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शासन ने नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को इस प्रोजेक्ट के लिए बजट भी दे दिया है। डीपीआर बनने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्र के बेघरों को छत मुहैया कराने के लिए डूडा को 1152 आवासों का निर्माण कराने का लक्ष्य दिया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को सौंपी गई है।
शासन से मिले निर्देश के बाद तहसील प्रशासन ने इन आवासों के निर्माण के लिए नगर पालिका परिषद क्षेत्र के जिंहौली गांव में आवास विकास परिषद को एक हेक्टेयर भूमि की उपलब्धता कुछ दिन पूर्व कराई थी।
राजस्व विभाग द्वारा भूमि संबंधी सभी प्रकार की कार्रवाई पूरी करने के बाद अब आवास विकास परिषद ने आवासों के निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेलेड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करनी शुरू कर दी है। डीपीआर बनने के बाद आवास विकास द्वारा आवासों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जिंहौली गांव में बनने वाले शहरी पीएम आवास नए लुक में नजर आएंगे। यह आवास क्लस्टर (समूह) के रूप में तैयार होंगे।
हर ब्लॉक में तीन से चार तलों के आवासीय परिसर तैयार किए जाएंगे। आवासों के निर्माण की गुणवत्ता व कमरों के साइज आदि के बारे में भी केंद्र सरकार की ओर से दिशा-निर्देश मिले हैं।
आवासों के निर्माण के बाद इन्हें आवंटित करने के लिए पात्र लाभार्थियों की सूची डूडा द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पूर्व में ही आए आवेदनों के आधार पर पात्रों को लाभान्वित किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में बेघरों को छत मुहैया कराने को लेकर डूडा द्वारा अभी से ही तैयारी शुरू कर दी गई है। इन आवासों के निर्माण की मॉनीटरिंग भी डूडा ही करेगा।
डूडा के परियोजना अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि, तहसील प्रशासन द्वारा आवास विकास परिषद को एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है। जो सही पाई गई है। आवास विकास द्वारा डीपीआर तैयार कराई जा रही है। जल्द ही आवासों का निर्माण शुरू होने की संभावना है।
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बाराबंकी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास विकास परिषद शहर के अंदर 1152 आवास बनाएगी।
तहसील प्रशासन द्वारा आवास विकास परिषद को पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराने के बाद अब डीपीआर तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शासन ने नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को इस प्रोजेक्ट के लिए बजट भी दे दिया है। डीपीआर बनने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्र के बेघरों को छत मुहैया कराने के लिए डूडा को 1152 आवासों का निर्माण कराने का लक्ष्य दिया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को सौंपी गई है।
शासन से मिले निर्देश के बाद तहसील प्रशासन ने इन आवासों के निर्माण के लिए नगर पालिका परिषद क्षेत्र के जिंहौली गांव में आवास विकास परिषद को एक हेक्टेयर भूमि की उपलब्धता कुछ दिन पूर्व कराई थी।
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राजस्व विभाग द्वारा भूमि संबंधी सभी प्रकार की कार्रवाई पूरी करने के बाद अब आवास विकास परिषद ने आवासों के निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेलेड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करनी शुरू कर दी है। डीपीआर बनने के बाद आवास विकास द्वारा आवासों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जिंहौली गांव में बनने वाले शहरी पीएम आवास नए लुक में नजर आएंगे। यह आवास क्लस्टर (समूह) के रूप में तैयार होंगे।
हर ब्लॉक में तीन से चार तलों के आवासीय परिसर तैयार किए जाएंगे। आवासों के निर्माण की गुणवत्ता व कमरों के साइज आदि के बारे में भी केंद्र सरकार की ओर से दिशा-निर्देश मिले हैं।
आवासों के निर्माण के बाद इन्हें आवंटित करने के लिए पात्र लाभार्थियों की सूची डूडा द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पूर्व में ही आए आवेदनों के आधार पर पात्रों को लाभान्वित किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में बेघरों को छत मुहैया कराने को लेकर डूडा द्वारा अभी से ही तैयारी शुरू कर दी गई है। इन आवासों के निर्माण की मॉनीटरिंग भी डूडा ही करेगा।
डूडा के परियोजना अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि, तहसील प्रशासन द्वारा आवास विकास परिषद को एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है। जो सही पाई गई है। आवास विकास द्वारा डीपीआर तैयार कराई जा रही है। जल्द ही आवासों का निर्माण शुरू होने की संभावना है।