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Barabanki News: बलरामपुर के सृजन को 26 साल, विकास की उम्मीदें बरकरार
Sun, 21 May 2023 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 21 May 2023 11:18 PM IST
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बलरामपुर। 22 मई 1997, इसी दिन गोंडा से अलग कर बलरामपुर जिला बनाया गया था। इससे पहले बलरामपुर गोंडा जिले की तहसील थी। जिला मुख्यालय गोंडा हुआ करता था। अलग जिला बनने के बाद यहां पर जिला स्तरीय सुविधाएं लोगों को मिलनी शुरू हुईं। 26 साल की अवधि में जिले के खाते में कई उपलब्धियां आईं। कई सपने साकार हुए लेकिन, अभी भी कई उम्मीदें हैं, जिनका पूरा होने का सपना जिले के लोग संजोए हुए हैं।
राप्ती नदी के तट पर बसे बलरामपुर जिले में विकास की गति को रफ्तार देने के लिए इसे आकांक्षी जिलों में शामिल किया गया है। यहां के विकास कार्यों की निगरानी नीति आयोग कर रहा है। इस साल तीन करोड़ रुपये की सौगात मिली है। बर्न यूनिट व ट्राॅमा सेंटर बनकर तैयार हैं लेकिन, अभी तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर बनकर तैयार है, संसाधनों की दरकार है। बिजली लाइनों को अंडर ग्राउंड किए जाने की योजना भी फाइलों में कैद है। सीवर लाइन का काम अधूरा पड़ा है। अधूरे ओवरब्रिज का निर्माण भी विकास की राह में बाधक बना हुआ है। सोहेलवा वन्य जीव को पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव लंबित है। इसे ईको टूरिज्म के तौर पर विकसित किए जाने की योजना है। सीडीओ संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि विकास कार्यक्रमों की निगरानी की जा रही है।
दस करोड़ से बेटियों के लिए बनेगा शौचालय
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने कहा कि इस साल जिला पंचायत ने स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय बनाने की तैयारी की है। इसके लिए दस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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जिला बनने के बाद क्या मिला
जिला न्यायालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, संयुक्त जिला अस्पताल, ब्लड बैंक, डायलिसिस सेंटर, बीएसएल टू लैब, बीएसए-डीआइओएस कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, कृषि भवन, राजकीय आईटीई पचपेड़वा, कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा, गोंडा-उतरौला-तुलसीपुर व बहराइच रोड का चौड़ीकरण, उद्योग का विस्तार, रेल लाइन का विद्युतीकरण।
यह मिले तो बात बने
- मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ दिया जाय तो आवागमन की सुविधा और बेहतर हो सकेगी।
- इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण हो तो यहां के युवाओं को बाहर न जाना पड़े।
- विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर जिले की जनता इन दिनों पोस्टकार्ड अभियान चला रही है।
- तुलसीपुर में बस स्टेशन न होने से यात्रियों को परेशानी होती है।
- जाम की समस्या के समाधान के लिए झारखंडी रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण आवश्यक है।
- बाढ़ से बचाव के लिए स्थाई समाधान आवश्यक है। इसके लिए प्रयास किया जाय।
फैक्ट फाइल
तहसील-03
ब्लॉक-09
नगर पालिका परिषद- 02
नगर पंचायत-03
ग्राम- 1017
आबादी- करीब 25 लाख
जिला स्तरीय अस्पताल- तीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- 09
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र- 24
परिषदीय स्कूल-1815
इंटर कॉलेज- 160
महाविद्यालय- 20
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राप्ती नदी के तट पर बसे बलरामपुर जिले में विकास की गति को रफ्तार देने के लिए इसे आकांक्षी जिलों में शामिल किया गया है। यहां के विकास कार्यों की निगरानी नीति आयोग कर रहा है। इस साल तीन करोड़ रुपये की सौगात मिली है। बर्न यूनिट व ट्राॅमा सेंटर बनकर तैयार हैं लेकिन, अभी तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर बनकर तैयार है, संसाधनों की दरकार है। बिजली लाइनों को अंडर ग्राउंड किए जाने की योजना भी फाइलों में कैद है। सीवर लाइन का काम अधूरा पड़ा है। अधूरे ओवरब्रिज का निर्माण भी विकास की राह में बाधक बना हुआ है। सोहेलवा वन्य जीव को पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव लंबित है। इसे ईको टूरिज्म के तौर पर विकसित किए जाने की योजना है। सीडीओ संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि विकास कार्यक्रमों की निगरानी की जा रही है।
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दस करोड़ से बेटियों के लिए बनेगा शौचालय
जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने कहा कि इस साल जिला पंचायत ने स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय बनाने की तैयारी की है। इसके लिए दस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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जिला बनने के बाद क्या मिला
जिला न्यायालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, संयुक्त जिला अस्पताल, ब्लड बैंक, डायलिसिस सेंटर, बीएसएल टू लैब, बीएसए-डीआइओएस कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, कृषि भवन, राजकीय आईटीई पचपेड़वा, कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा, गोंडा-उतरौला-तुलसीपुर व बहराइच रोड का चौड़ीकरण, उद्योग का विस्तार, रेल लाइन का विद्युतीकरण।
यह मिले तो बात बने
- मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ दिया जाय तो आवागमन की सुविधा और बेहतर हो सकेगी।
- इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण हो तो यहां के युवाओं को बाहर न जाना पड़े।
- विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर जिले की जनता इन दिनों पोस्टकार्ड अभियान चला रही है।
- तुलसीपुर में बस स्टेशन न होने से यात्रियों को परेशानी होती है।
- जाम की समस्या के समाधान के लिए झारखंडी रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण आवश्यक है।
- बाढ़ से बचाव के लिए स्थाई समाधान आवश्यक है। इसके लिए प्रयास किया जाय।
फैक्ट फाइल
तहसील-03
ब्लॉक-09
नगर पालिका परिषद- 02
नगर पंचायत-03
ग्राम- 1017
आबादी- करीब 25 लाख
जिला स्तरीय अस्पताल- तीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र- 09
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र- 24
परिषदीय स्कूल-1815
इंटर कॉलेज- 160
महाविद्यालय- 20