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परम पुनीत भरत आचरनू, मधुर मंजु मुद मंगल करनू...
Updated Mon, 25 Sep 2017 01:04 AM IST
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परम पुनीत भरत आचरनू, मधुर मंजु मुद मंगल करनू ...
बाराबंकी। नगर की प्रतिष्ठित रामलीला में भरत मनावन लीला का मंचन किया गया। दशहराबाग में आयोजित रामलीला में प्रभु राम से मिलने भरत, शत्रुघ्न, गुरू वशिष्ठ, अयोध्यावासी समेत माता कौशिल्या, कैकेई, सुमित्रा व राजा जनक आदि पहुंचे। मिलकर वापस अयोध्या लौटे भरत चरण पादुका सिंहासन पर रखकर चौदह वर्षाें तक वैराग्य ले लेते हैं।
रविवार को जिस समय भरत जी अयोध्या वापस आते हैं राम लक्ष्मण व सीता को वनवास सुनकर भरत व्याकुल हो जाते हैं। और श्रीराम को मनाने चल पड़ते हैं। भरत, शत्रुघ्न गुरूजन समेत पुरवासी जन चित्रकूट के निकट आते हैं। उस समय रणभेरियों की धुन सुनकर निषादराज चौकन्ने होकर वनवासियों, सन्यासियों व मुनियों को एकत्रित कर आशंका व्यक्त करते हैं कि कहीं भरत युद्घ के लिए चतुरंगी सेना लेकर तो नही आ रहे हैं। प्रभु काज हित अपने प्राण गवां कर स्वर्ग की कामना करते हुए रामकाज में प्राणों की आहुति देने को तैयार हो जाते हैं। निषाद गुरू वशिष्ठ से जब मिलते है, तो जानकारी होती है कि भइया भरत प्रभु राम को अयोध्या वापस ले जाने के लिए आ रहे हैं। प्रभु राम, लक्ष्मण, सीता भइया भरत व शत्रुघ्न आदि से मिलते हैं। राम वशिष्ठ संवाद, राम भरत संवाद के साथ राम भरत को अपनी पादुका देकर विदा कर देते हैं। अयोध्या आकर भरत ने चरण पादुका राज सिंहासन पर रखकर चौदह वर्षाें तक वैराग्य लेने का फैसला किया। भावपूर्ण लीला मंचन के दौरान रामायणी प्रमोद पाठक द्वारा रामचरितमानस की संगीतमयी चौपाइयों से वातावरण गुंजायमान हो गया। इस मौके पर शिव कुमार वर्मा, रामलखन श्रीवास्तव, राजू पटेल आदि मौजूद रहे।
वहीं, फतेहपुर कस्बे के मोहल्ला पचघरा स्थित उदासीन आश्रम बाबा संगत में श्री रामलीला समिति द्वारा शनिवार की रात ताड़का वध का मंचन किया गया। जिसमें मुनिवर विश्वामित्र ने अपने अनुष्ठान की पूर्ति हेतु राजा दशरथ से उनके पुत्र राम व लक्षमण को मांगकर अपने साथ ले आते हैं। मुनि तपोभूमि की ओर जाने लगे जंगल पहुंचने पर उन्होंने भगवान राम से यहां पर रहने वाली राक्षसी ताड़का के आतंक के बारे में बताया तो भगवान राम ने उस निशचरी को एक ही बाण से सदा के लिये सुला दिया। इसकी सूचना जब मारीच को मिलती है तो वह गुरु विश्वामित्र का यज्ञ विध्वंस करने के लिए अपनी सेना के साथ आता है जिन्हे भगवान राम व लक्ष्मण युद्ध में परास्त कर देते हैं। रामलीला प्रमुख भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि रविवार को नगर की रामलीला में अहिल्या उद्धार लीला का मंचन किया जाएगा।
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बाराबंकी। नगर की प्रतिष्ठित रामलीला में भरत मनावन लीला का मंचन किया गया। दशहराबाग में आयोजित रामलीला में प्रभु राम से मिलने भरत, शत्रुघ्न, गुरू वशिष्ठ, अयोध्यावासी समेत माता कौशिल्या, कैकेई, सुमित्रा व राजा जनक आदि पहुंचे। मिलकर वापस अयोध्या लौटे भरत चरण पादुका सिंहासन पर रखकर चौदह वर्षाें तक वैराग्य ले लेते हैं।
रविवार को जिस समय भरत जी अयोध्या वापस आते हैं राम लक्ष्मण व सीता को वनवास सुनकर भरत व्याकुल हो जाते हैं। और श्रीराम को मनाने चल पड़ते हैं। भरत, शत्रुघ्न गुरूजन समेत पुरवासी जन चित्रकूट के निकट आते हैं। उस समय रणभेरियों की धुन सुनकर निषादराज चौकन्ने होकर वनवासियों, सन्यासियों व मुनियों को एकत्रित कर आशंका व्यक्त करते हैं कि कहीं भरत युद्घ के लिए चतुरंगी सेना लेकर तो नही आ रहे हैं। प्रभु काज हित अपने प्राण गवां कर स्वर्ग की कामना करते हुए रामकाज में प्राणों की आहुति देने को तैयार हो जाते हैं। निषाद गुरू वशिष्ठ से जब मिलते है, तो जानकारी होती है कि भइया भरत प्रभु राम को अयोध्या वापस ले जाने के लिए आ रहे हैं। प्रभु राम, लक्ष्मण, सीता भइया भरत व शत्रुघ्न आदि से मिलते हैं। राम वशिष्ठ संवाद, राम भरत संवाद के साथ राम भरत को अपनी पादुका देकर विदा कर देते हैं। अयोध्या आकर भरत ने चरण पादुका राज सिंहासन पर रखकर चौदह वर्षाें तक वैराग्य लेने का फैसला किया। भावपूर्ण लीला मंचन के दौरान रामायणी प्रमोद पाठक द्वारा रामचरितमानस की संगीतमयी चौपाइयों से वातावरण गुंजायमान हो गया। इस मौके पर शिव कुमार वर्मा, रामलखन श्रीवास्तव, राजू पटेल आदि मौजूद रहे।
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वहीं, फतेहपुर कस्बे के मोहल्ला पचघरा स्थित उदासीन आश्रम बाबा संगत में श्री रामलीला समिति द्वारा शनिवार की रात ताड़का वध का मंचन किया गया। जिसमें मुनिवर विश्वामित्र ने अपने अनुष्ठान की पूर्ति हेतु राजा दशरथ से उनके पुत्र राम व लक्षमण को मांगकर अपने साथ ले आते हैं। मुनि तपोभूमि की ओर जाने लगे जंगल पहुंचने पर उन्होंने भगवान राम से यहां पर रहने वाली राक्षसी ताड़का के आतंक के बारे में बताया तो भगवान राम ने उस निशचरी को एक ही बाण से सदा के लिये सुला दिया। इसकी सूचना जब मारीच को मिलती है तो वह गुरु विश्वामित्र का यज्ञ विध्वंस करने के लिए अपनी सेना के साथ आता है जिन्हे भगवान राम व लक्ष्मण युद्ध में परास्त कर देते हैं। रामलीला प्रमुख भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि रविवार को नगर की रामलीला में अहिल्या उद्धार लीला का मंचन किया जाएगा।
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