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Barabanki News: 1900 बाढ़ पीड़ित परिवार, सुरक्षित जगह पर बसने को तैयार
Sat, 21 Oct 2023 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 21 Oct 2023 01:21 AM IST
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बाराबंकी। सरयू नदी की हर साल आने वाली बाढ़ से जूझने वाले परिवारों का जीवन आसान बनाने की दिशा में चल रही कवायद रंग ला रही है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले 2615 परिवारों में से 1900 परिवारों ने अपना पुराना ठिकाना छोड़ नई व सुरक्षित जगह पर बसने की सहमति प्रशासन को दे दी है। बाकी बचे परिवारों को से भी प्रशासन बातचीत करने में जुटा है। इन परिवारों को बांध के इस पार जमीन का अधिग्रहण कर सुरक्षित स्थानों पर नया घर देने की तैयारी की जा रही है।
सरयू की बाढ़ से जिले की तीन तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट के 100 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं। नदी जब चेतावनी बिंदु के बाद खतरे के निशान के ऊपर बढ़ती है तो रामनगर तहसील क्षेत्र के सरसंडा, बतनेरा व बिझला व आसपास बसे परिवारों को तबाही की मार झेलनी पड़ती है। गत दिनों प्रशासन ने इन गांवों व आसपास के 2615 ऐसे परिवारों को चिह्नित किया था जो बाढ़ से हर साल प्रभावित होते हैं।
बीती अगस्त में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा करके बाढ़ पीड़ितों से मिलकर राहत सामग्री बांटी थी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों को गणेशपुर-चलहारी बांध के इस पार बसाने की बात कही थी। जिसके बाद प्रशासन ने 2615 परिवारों के विस्थापन को लेकर उनके सहमति मांगनी शुरू की। सकारात्मक बात यह है कि अब तक करीब 1900 परिवारों ने सुरक्षित स्थान पर विस्थापित होने की सहमति दे दी है।
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रोजाना हो रही मॉनीटरिंग
2615 परिवारों के विस्थापन की कवायद तेजी से चल रही है। इसकी रोजाना मॉनीटरिंग की जा रही है। करीब 1900 परिवारों ने नई जगह पर बसने की सहमति दे दी है। बाकी परिवारों से भी राजस्वकर्मी बात कर रहे हैं।
- सीमा भारती, तहसीलदार, रामनगर
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सरयू की बाढ़ से जिले की तीन तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट के 100 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं। नदी जब चेतावनी बिंदु के बाद खतरे के निशान के ऊपर बढ़ती है तो रामनगर तहसील क्षेत्र के सरसंडा, बतनेरा व बिझला व आसपास बसे परिवारों को तबाही की मार झेलनी पड़ती है। गत दिनों प्रशासन ने इन गांवों व आसपास के 2615 ऐसे परिवारों को चिह्नित किया था जो बाढ़ से हर साल प्रभावित होते हैं।
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बीती अगस्त में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा करके बाढ़ पीड़ितों से मिलकर राहत सामग्री बांटी थी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों को गणेशपुर-चलहारी बांध के इस पार बसाने की बात कही थी। जिसके बाद प्रशासन ने 2615 परिवारों के विस्थापन को लेकर उनके सहमति मांगनी शुरू की। सकारात्मक बात यह है कि अब तक करीब 1900 परिवारों ने सुरक्षित स्थान पर विस्थापित होने की सहमति दे दी है।
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रोजाना हो रही मॉनीटरिंग
2615 परिवारों के विस्थापन की कवायद तेजी से चल रही है। इसकी रोजाना मॉनीटरिंग की जा रही है। करीब 1900 परिवारों ने नई जगह पर बसने की सहमति दे दी है। बाकी परिवारों से भी राजस्वकर्मी बात कर रहे हैं।
- सीमा भारती, तहसीलदार, रामनगर