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बारिश व बाढ़ से आबादी में घुसने लगे तेंदुए
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:48 PM IST
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बाराबंकी। जंगलों में रहने वाले जंगली जानवरों ने आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर लिया है। तीन माह से ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर तक तेंदुआ की दहशत खत्म होने के बजाए बढ़ती जा रही है।
शुगरमिल के जंगल में नर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद घूम रही मादा तेंदुआ नगर क्षेत्र में कहीं दहशत तो कहीं कौतुहल का पर्याय बनी है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भले ही तेंदुआ बराबर दिख रहे हों, पर अब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। वन विभाग की लापरवाही से अभी तक एक तेंदुआ की पकड़ा जा सका है।
बीते तीन माह पूर्व रामनगर थाना क्षेत्र के टटेरुआ गांव में पहली बार तेंदुआ आने की सूचना पर वन विभाग द्वारा पकड़ने के लिए पिंजरा रखकर कांबिंग कराई गई।
इस बीच घेरा बंदी करने के दौरान अचानक तेंदुआ आने पर एक सिपाही भागते समय गिरकर घायल हुआ था। उसके बाद शुगरमिल में नर तेंदुआ पकड़ा गया।
उसके बाद जंगल से आए दो शावक व मादा तेंदुआ क्षेत्र में कई दिनों से घूमते हुए लोगों को दिखाई दे रहे हैं। रविवार सुबह मंझपुरवा के पास कबाड़ बीनने आई दो महिलाओं ने शावकों को देख अपनी बोरी मौके पर छोड़ शोर मचाते हुए भाग खड़ी हुई।
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गांव के शीतल, गुड्डन, मुनेशर,पंकज आदि डंडा लेकर बाजार के पास पहुंचे तो देखा कि दोनों शावक जंगल के रास्ते शुगर मिल की ओर भाग निकले। वन दरोगा अनिल कांत गुप्ता ने ग्रामीणों के साथ कांबिंग की पर कही पता नहीं लग सका।
लापरवाही बरत रहा वन विभाग
टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के एक गांव के बंद पड़े भट्ठे में जंगली जानवर की चहलकदमी ने ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं।
रविवार को कई स्थानों पर पगचिह्न दिखने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया। भवानीगंज गांव के निवासी ननकऊ यादव का कहना है कि सूचना दिए जाने के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी जांच करने नहीं पहुंचा है।
रविवार की सुबह मवेशी चराने निकले रामदीन ने तेंदुए को भट्टे की कोठरी में घुसते देखा। वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों पर भारी पड़ सकती है।
सर्पदंश से हो चुकी है एक मौत
रामसनेहीघाट तहसील के गाम बांसगांव निवासी पहलवान पांडेय को सर्प ने डस लिया था। जिसमें किसान की मौत हो गई थी। बाढ़ में बिल में पानी भरने से सांप रहने के लिए ऊंचे स्थानों पर भागते हैं। अब तक तेंदुओं द्वारा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
जहां पर तेंदुआ देखने का लोग दावा करते हैं, वहां पर कांबिग कराने के साथ लोगों को सतर्क रहने को कहा जाता है। तेंदुआ अभी नरभक्षी नहीं हुए हैं। इन्हें पकड़ने में समय लगेगा। इनपर बराबर नजर रखी जा रही है, दो स्थानों पर पिंजरा रखा गया है।
- जावेद अख्तर, डीएफओ
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शुगरमिल के जंगल में नर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद घूम रही मादा तेंदुआ नगर क्षेत्र में कहीं दहशत तो कहीं कौतुहल का पर्याय बनी है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भले ही तेंदुआ बराबर दिख रहे हों, पर अब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। वन विभाग की लापरवाही से अभी तक एक तेंदुआ की पकड़ा जा सका है।
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बीते तीन माह पूर्व रामनगर थाना क्षेत्र के टटेरुआ गांव में पहली बार तेंदुआ आने की सूचना पर वन विभाग द्वारा पकड़ने के लिए पिंजरा रखकर कांबिंग कराई गई।
इस बीच घेरा बंदी करने के दौरान अचानक तेंदुआ आने पर एक सिपाही भागते समय गिरकर घायल हुआ था। उसके बाद शुगरमिल में नर तेंदुआ पकड़ा गया।
उसके बाद जंगल से आए दो शावक व मादा तेंदुआ क्षेत्र में कई दिनों से घूमते हुए लोगों को दिखाई दे रहे हैं। रविवार सुबह मंझपुरवा के पास कबाड़ बीनने आई दो महिलाओं ने शावकों को देख अपनी बोरी मौके पर छोड़ शोर मचाते हुए भाग खड़ी हुई।
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गांव के शीतल, गुड्डन, मुनेशर,पंकज आदि डंडा लेकर बाजार के पास पहुंचे तो देखा कि दोनों शावक जंगल के रास्ते शुगर मिल की ओर भाग निकले। वन दरोगा अनिल कांत गुप्ता ने ग्रामीणों के साथ कांबिंग की पर कही पता नहीं लग सका।
लापरवाही बरत रहा वन विभाग
टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के एक गांव के बंद पड़े भट्ठे में जंगली जानवर की चहलकदमी ने ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं।
रविवार को कई स्थानों पर पगचिह्न दिखने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया। भवानीगंज गांव के निवासी ननकऊ यादव का कहना है कि सूचना दिए जाने के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी जांच करने नहीं पहुंचा है।
रविवार की सुबह मवेशी चराने निकले रामदीन ने तेंदुए को भट्टे की कोठरी में घुसते देखा। वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों पर भारी पड़ सकती है।
सर्पदंश से हो चुकी है एक मौत
रामसनेहीघाट तहसील के गाम बांसगांव निवासी पहलवान पांडेय को सर्प ने डस लिया था। जिसमें किसान की मौत हो गई थी। बाढ़ में बिल में पानी भरने से सांप रहने के लिए ऊंचे स्थानों पर भागते हैं। अब तक तेंदुओं द्वारा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
जहां पर तेंदुआ देखने का लोग दावा करते हैं, वहां पर कांबिग कराने के साथ लोगों को सतर्क रहने को कहा जाता है। तेंदुआ अभी नरभक्षी नहीं हुए हैं। इन्हें पकड़ने में समय लगेगा। इनपर बराबर नजर रखी जा रही है, दो स्थानों पर पिंजरा रखा गया है।
- जावेद अख्तर, डीएफओ