{"_id":"598f4a2a4f1c1b87458b4bd9","slug":"171502562858-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया से पीड़ित महिला की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया से पीड़ित महिला की मौत
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डायरिया से पीड़ित महिला की मौत
- प्रशासन के हाई अलर्ट के बावजूद संक्रामक बीमारी पर नहीं लग पा रही रोक
अमर उजाला ब्यूरो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। प्रशासन के हाई अलर्ट के बावजूद संक्रामक बीमारी पर रोक नहीं लग रही है। डायरिया से पीड़ित सफीपुर गांव में उल्टी दस्त से पीड़ित साठ वर्षीय महिला की इलाज नहीं मिलने पर मौत हो गई है। गांवों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है साथ कई अन्य गांवों में उल्टी दस्त से पीड़ित लोग इलाज करा रहे हैं।
बारिश में जलभराव गंदगी व दूषित पेयजल के चलते गांवो में संक्रामक बीमारी पांव पसार चुकी है। सफीपुर गांव में शुक्रवार को उल्टी दस्त से पीड़ित पियारी (60) की मौत हो गई। प्रधान रवींद्र कुमार ने कहा उल्टी दस्त से शिकायत पर परिवारीजन इलाज को ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई है। मृतका के पुत्र उमेश कुमार (36) तथा पुत्री संयोगिता (15) व बाबी (17) का इलाज निजी चिकित्सक से कराया जा रहा है। गांव के शत्रोहन (45) इनकी पत्नी शिवलली (42)पुत्र अखिलेश (22) को बीएचएल के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। मालूम हो कि तीन दिन पहले सफीपुर में डायरिया की शिकायत पर चिकित्सीय टीम ने पहुंच कर मरीजों को दवाएं दी थी। रौली गांव में मोहम्मद नईम (40) को उल्टी दस्त से पीड़ित होने पर सीएचसी लाया गया था। गांव में दो दिन पहले एक मासूम की मौत के बाद पहुंचे डाक्टरों ने गांव में बीस मरीजों की जांच कर दवाएं दी थी। चिलूला गांव में उल्टी दस्त से पीड़ित कलावती (65), सोनावती (35), शिवा (15) को सीएचसी पर भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
- प्रशासन के हाई अलर्ट के बावजूद संक्रामक बीमारी पर नहीं लग पा रही रोक
अमर उजाला ब्यूरो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। प्रशासन के हाई अलर्ट के बावजूद संक्रामक बीमारी पर रोक नहीं लग रही है। डायरिया से पीड़ित सफीपुर गांव में उल्टी दस्त से पीड़ित साठ वर्षीय महिला की इलाज नहीं मिलने पर मौत हो गई है। गांवों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है साथ कई अन्य गांवों में उल्टी दस्त से पीड़ित लोग इलाज करा रहे हैं।
बारिश में जलभराव गंदगी व दूषित पेयजल के चलते गांवो में संक्रामक बीमारी पांव पसार चुकी है। सफीपुर गांव में शुक्रवार को उल्टी दस्त से पीड़ित पियारी (60) की मौत हो गई। प्रधान रवींद्र कुमार ने कहा उल्टी दस्त से शिकायत पर परिवारीजन इलाज को ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई है। मृतका के पुत्र उमेश कुमार (36) तथा पुत्री संयोगिता (15) व बाबी (17) का इलाज निजी चिकित्सक से कराया जा रहा है। गांव के शत्रोहन (45) इनकी पत्नी शिवलली (42)पुत्र अखिलेश (22) को बीएचएल के निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। मालूम हो कि तीन दिन पहले सफीपुर में डायरिया की शिकायत पर चिकित्सीय टीम ने पहुंच कर मरीजों को दवाएं दी थी। रौली गांव में मोहम्मद नईम (40) को उल्टी दस्त से पीड़ित होने पर सीएचसी लाया गया था। गांव में दो दिन पहले एक मासूम की मौत के बाद पहुंचे डाक्टरों ने गांव में बीस मरीजों की जांच कर दवाएं दी थी। चिलूला गांव में उल्टी दस्त से पीड़ित कलावती (65), सोनावती (35), शिवा (15) को सीएचसी पर भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन