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17 सौ विद्यालयों का होगा कायाकल्प
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बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों को नए सिरे से कायाकल्प करने को लेकर तैयारियां तेज हो गईं हैं। बीएसए ने इसको लेकर नए सिरे से पूरी कार्ययोजना तैयार करने का आदेश जारी किया है। यदि सबकुछ सही रहा तो अगस्त से इस पर अमल होना भी शुरू हो जाएगा।
क्योंकि बीएसए ने सभी बीईओ की तैनाती के साथ ही उन्हें अपनी प्राथमिकता से भी अवगत कराते हुए साफ कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी बीईओ रोज दस-दस प्रधानों से बात करेंगे और फिर इन प्रधानों से बीएसए भी बात करेंगे।
जिले में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 2636 है। इनमें से करीब नौ सौ विद्यालयों को कायाकल्प योजना से संतृप्त किए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन 1736 विद्यालय अभी शेेष हैं जहां पर कायाकल्प योजना के तहत कार्य कराए जाने हैं। शासन से मिले आदेश और चार नए बिंदुओं को योजना में शामिल किए जाने के बाद बीएसए ने इस दिशा में कार्य करना शुरू कर दिया है।
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इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए साफ कहा गया है कि वह प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम दस-दस ग्राम प्रधानों और एडीओ पंचायत से बात करें। कायाकल्प योजनाओं के तहत नए सिरे से विद्यालयों में कार्य शुरू कराने को लेकर कार्ययोजना तैयार करेंगे और इस दिशा में जल्द से जल्द कार्य भी शुरू कर दिए जाएं।
जिन प्रधानों से बात होगी उसकी सूची कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे बाद में इन प्रधानों से बीएसए भी बात कर उनका विचार जानेंगे और फिर उसी के आधार पर विद्यालयों का कायाकल्प करने की योजना पर कार्य करेंगे।
कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में अभी तक रंगाई पुताई, मरम्मत, बाउंड्रीवाल समेत करीब 14 बिंदुओं पर कार्य कराए जा रहे थे। लेकिन शासन ने इसमें चार बिंदु बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रालय, फर्नीचर और सबमर्सिबल पंप से जलापूर्ति को और जोड़ दिया है। अब इन चार बिंदुओं को शामिल करते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत नए सिरे से कार्य कराए जाने हैं। इसमें से शासन द्वारा जारी चार नए बिंदुओं को शामिल करते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इस बाबत सभी बीईओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही एक दिन में कम से कम योजना के तहत दस-दस प्रधानों से बात करने के लिए भी कहा गया है जिससे योजना को जल्द से जल्द मूर्तरूप दिया जा सके।
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क्योंकि बीएसए ने सभी बीईओ की तैनाती के साथ ही उन्हें अपनी प्राथमिकता से भी अवगत कराते हुए साफ कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी बीईओ रोज दस-दस प्रधानों से बात करेंगे और फिर इन प्रधानों से बीएसए भी बात करेंगे।
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जिले में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 2636 है। इनमें से करीब नौ सौ विद्यालयों को कायाकल्प योजना से संतृप्त किए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन 1736 विद्यालय अभी शेेष हैं जहां पर कायाकल्प योजना के तहत कार्य कराए जाने हैं। शासन से मिले आदेश और चार नए बिंदुओं को योजना में शामिल किए जाने के बाद बीएसए ने इस दिशा में कार्य करना शुरू कर दिया है।
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इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए साफ कहा गया है कि वह प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम दस-दस ग्राम प्रधानों और एडीओ पंचायत से बात करें। कायाकल्प योजनाओं के तहत नए सिरे से विद्यालयों में कार्य शुरू कराने को लेकर कार्ययोजना तैयार करेंगे और इस दिशा में जल्द से जल्द कार्य भी शुरू कर दिए जाएं।
जिन प्रधानों से बात होगी उसकी सूची कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे बाद में इन प्रधानों से बीएसए भी बात कर उनका विचार जानेंगे और फिर उसी के आधार पर विद्यालयों का कायाकल्प करने की योजना पर कार्य करेंगे।
कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में अभी तक रंगाई पुताई, मरम्मत, बाउंड्रीवाल समेत करीब 14 बिंदुओं पर कार्य कराए जा रहे थे। लेकिन शासन ने इसमें चार बिंदु बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रालय, फर्नीचर और सबमर्सिबल पंप से जलापूर्ति को और जोड़ दिया है। अब इन चार बिंदुओं को शामिल करते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत नए सिरे से कार्य कराए जाने हैं। इसमें से शासन द्वारा जारी चार नए बिंदुओं को शामिल करते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इस बाबत सभी बीईओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही एक दिन में कम से कम योजना के तहत दस-दस प्रधानों से बात करने के लिए भी कहा गया है जिससे योजना को जल्द से जल्द मूर्तरूप दिया जा सके।