{"_id":"5b7b0a1e42c792467641677a","slug":"161534790174-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एफसीआई ने मानक विहीन बताकर लौटा दिया आठ ट्रक चावल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एफसीआई ने मानक विहीन बताकर लौटा दिया आठ ट्रक चावल
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एफसीआई ने मानक विहीन बता आठ ट्रक चावल लौटाया
- मिलर्स ने एफसीआई कर्मियों पर लगाया मनमानी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। एफसीआई ने मिलर्स का आठ ट्रक सरकारी चावल ये कहकर वापस कर दिया कि ये उनके मानकों पर खरा नहीं उतरता। बोरों में भरे चावल की गुणवत्ता ठीक नहीं है और ये चावल एक सामान भी नहीं है। वहीं, मिलर्स का आरोप है कि एफसीआई कर्मी मनमानी कर रहे हैं। यही हाल रहा तो मिलर्स इस वर्ष न तो धान की खरीद करेंगे और न ही सरकारी धान की कुटाई करेंगे।
सरकारी धान से तैयार करीब एक हजार क्विंटल चावल शहर की दो राइस मिलों पर बकाया है। इसे आठ ट्रकों पर लोड कर सोमवार को एफसीआई गोदाम भेजा गया। मगर एफसीआई ने बोरियों में भरा चावल एक सामान नहीं होने और इसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं होने के कारण इसे फेल कर लौटा दिया। इसकी जानकारी पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने आलोक रंजन को एफसीआई गोदाम पर जांच के लिए भेजा है। जबकि मिलर्स का आरोप है कि, एफसीआई कर्मी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं। चावल मानक के अनुरूप होने के बावजूद फेल किया जा रहा है।
बाक्स
जो चावल वापस किया गया है उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं और न ही बोरियों में एक सामान चावल है। एफसीआई के मानकों पर जो चावल खरा उतरता है उसे ही अनलोड किया जाता है। मिलर्स बेवजह का दबाव बनाने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाते हैं।
विज्ञापन
विनय कुमार, मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल, एफसीआई
बाक्स
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के आदेश पर एफसीआई गोदाम गया था। जो चावल मानक के विपरीत बताकर वापस किया जा रहा था वह पूरी तरह से मानक के अनुरूप है। इनका मानक कब बदल जाता है, इसका कुछ पता नहीं चलता है। अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
आलोक रंजन, वरिष्ठ विपणन निरीक्षक
विज्ञापन
- मिलर्स ने एफसीआई कर्मियों पर लगाया मनमानी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। एफसीआई ने मिलर्स का आठ ट्रक सरकारी चावल ये कहकर वापस कर दिया कि ये उनके मानकों पर खरा नहीं उतरता। बोरों में भरे चावल की गुणवत्ता ठीक नहीं है और ये चावल एक सामान भी नहीं है। वहीं, मिलर्स का आरोप है कि एफसीआई कर्मी मनमानी कर रहे हैं। यही हाल रहा तो मिलर्स इस वर्ष न तो धान की खरीद करेंगे और न ही सरकारी धान की कुटाई करेंगे।
सरकारी धान से तैयार करीब एक हजार क्विंटल चावल शहर की दो राइस मिलों पर बकाया है। इसे आठ ट्रकों पर लोड कर सोमवार को एफसीआई गोदाम भेजा गया। मगर एफसीआई ने बोरियों में भरा चावल एक सामान नहीं होने और इसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं होने के कारण इसे फेल कर लौटा दिया। इसकी जानकारी पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने आलोक रंजन को एफसीआई गोदाम पर जांच के लिए भेजा है। जबकि मिलर्स का आरोप है कि, एफसीआई कर्मी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं। चावल मानक के अनुरूप होने के बावजूद फेल किया जा रहा है।
विज्ञापन
बाक्स
जो चावल वापस किया गया है उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं और न ही बोरियों में एक सामान चावल है। एफसीआई के मानकों पर जो चावल खरा उतरता है उसे ही अनलोड किया जाता है। मिलर्स बेवजह का दबाव बनाने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाते हैं।
विज्ञापन
विनय कुमार, मैनेजर क्वालिटी कंट्रोल, एफसीआई
बाक्स
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के आदेश पर एफसीआई गोदाम गया था। जो चावल मानक के विपरीत बताकर वापस किया जा रहा था वह पूरी तरह से मानक के अनुरूप है। इनका मानक कब बदल जाता है, इसका कुछ पता नहीं चलता है। अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
आलोक रंजन, वरिष्ठ विपणन निरीक्षक