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155 बीघा गेहूं की फसल व 30 घर जले
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:24 PM IST
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खेतों में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में अलग अलग जगहों पर रविवार को हुई आगजनी की घटनाओं में किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसमें 155 बीघा गेंहू की फसल व 30 घर जलकर राख हो गए है। टिकैतगंज, टिकैतनगर, कोठी, हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, जैदपुर, रामनगर व सिरौलीगौसपुरइलाकों में लगी आग पर ग्रामीणों व फायरकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद काबू पाया है।
खेतों में ज्यादातर आग की घटनाएं बिजली की हाईटेंशन लाइन के गिरने या चिन्गारी निकलने से हुईं। सभी जगहों पर तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर क्षति का आंकलन कर पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
कुर्सी प्रतिनिधि के अनुसार रविवार दोपहर टिकैतगंज कस्बे के फिरोजपुर स्थित एक खेत में बिजली की हाईटेंशन लाइन का तार टूट गया और उससे खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। बिजली उपकेंद्र पर फोन से लाइन टूटने की सूचना दी गई।
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तब जाकर बिजली कटने पर लोगों ने आग को बुझाने का साहस दिखाया। लेकिन तब तक आधा दर्जन से अधिक किसानों के करीब 60 बीघे गेंहूं की फसल जलकर राख हो गई। जिसमें किसान आफताब किदवाई की 11 बीघे, निजामुद्दीन की 12, ताजुद्दीन की 8, मुन्नवर जहां की 6, बन्ने की 7, प्रेम यादव 15, बालकराम मौर्य 14, अजमल 4, बीघे गेहूं की खड़ी फसल जल गई।
जैदपुर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के हरख गांव के निखिल यादव के खेत में 11 हजार वोल्टेज की बिजली लाइन से चिन्गारी निकलने से जब तब गांव के लोग खेत पहुंचते, तब तक चार बीघा खेत में लगा गेहूं जल गया।
दमकलकर्मी देर से पहुंचे। वहीं कोठी क्षेत्र के कुतबपुर गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग से कमला प्रसाद के खेत में लगे गेहूं में अचानक आग लग गई जिससे उनकी करीब 5 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
दमकल गाड़ी के पहुंचने के पहले ही ग्रामीणों ने आग बुझा ली थी। हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत तारों से निकली चिन्गारी से भड़की आग पछुआ हवा के झोंके से किसानों की कई बीघा फसल लील गई। रविवार को कस्बे के निकट अंसारी गांव में दोपहर को बिजली के तार से निकली चिन्गारी खेत में गिरी और देखते-देखते खेतों में फैल गई।
सूचना के बावजूद दमकलकर्मी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के प्रयास से आग को बुझाया गया लेकिन तब तक द्वारिका प्रसाद पांडेय , सतीष चंद्र पांडेय , हेमंत पांडेय की 18 बीघा तथा शारदा सिंह की दो बीघा गेहूं की फसल जल गई।
वहीं सुबेहा इलाके के कुड़वा गांव में आग से रनबहादुर सिंह, शमशेर बहादुर सिंह, परमेश्वर, शंकर प्रसाद, जगप्रसाद, अभिलाख, जगजीवन, रामनरायण, कन्हैया लाल, धर्मेंद्र की दस बीघा गेेंहू की फसल जल गई।
बाद में अग्निशमन दस्ते ने गांव पहुंचकर आग को बुझाय। वहीं रामसनेहीघाट क्षेत्र के जीवल गांव में भी बिजली की हाईटेंशन लाइन की की चिन्गारी से खेत में लगी आग से दुर्गादीन, राजेश, प्रेमा देवी, माता प्रसाद, रामस्वरूप की दस बीघा गेहूं की फसल जल गई।
वहीं रामनगर थानाक्षेत्र के कस्बा सुढ़ियामऊ निवासी शिवप्रताप के घर के पीछे स्थित घूर से निकली चिन्गारी से आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने उग्र रूप धारण कर आस पास के घरों को भी अपने आगोश में ले लिया।
अग्निकांड मे फकीरे, गणेश, राममिलन, बंशीलाल, शिवप्रसाद, तिलकराम, त्रिलोकी, के घर भी धूं-धूं कर जलने लगे। ग्रामीणों की सूचना पर दो घंटे तक जब फायर बिग्रेड टीम नही पहुंची तो ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने लगे, मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर मौके पर दमकल कर्मी पहुंचे और आग पर काबू पाया।
वहीं आग को बुझाने के चक्कर में गांव का निवासी रज्जूलाल गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे लोगों ने एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया है। एसडीएम लवकुमार सिंह ने आग से क्षति का आंकलन करवाकर पीड़ितों को आर्थिक मदद दिलाने की बात कही है। वहीं मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर कस्बे में शनिवार की देर रात मद्दन की चूड़ी की दुकान में लगी आग से हजारों का नुकसान हो गया है।
उधर सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में रविवार को किंतूर स्थिति घाघरा की तलहटी में लगी आग से विश्वभर पुत्र रामअसरे की लगभग 4 बीघा, महादेव 4, रामकृपाल 2, जयसिंह यादव 4, भानू यादव 7 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
वहीं दूसरी घटना तहसील क्षेत्र के अंतिम छोर पर घाघरा नदी के उस पार बसे पारा बेहटा गांव में हुई। यहां राजित राम, मंशाराम, भगवान, माधवराज, लल्लू, रामसनेही, लक्षमण सहित करीब 23 छप्पर नुमा बने घर व बर्तन, कपड़ा राशन समेत लाखों का सामान जलकर राख हो गया।
इस संबंध में तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह ने बताया की पाराबेहटा व किंतूर गांव के आग से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं कोठी थाना क्षेत्र के मल्लेपुर गांव के पास आग लगने से रामअधार का दो बीघा, छेद्दन का दो बीघा व टेंडवा के रामफेर की चार बीघा गेहूं की फसल जल गई।
पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही से बरबाद हो रहे किसान
जिले में बिजली के तार टूटने से हो रही आगजनी की घटनाओं के पीछे विभाग के अफसर भी कम जिम्मेदार नहीं है। टिकैतगंज के ग्रामीणों ने विभाग में शिकायत किया था कि बिजली की लाइन के तार ढीले है ऐसे में यहां बिजली सप्लाई न शुरू किया जाए लेकिन इसके बावजूद विभाग ने नहीं सुनी और किसानों की 77 बीघे गेहूं की फसल खाक हो गई है। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी इसी तरी की बातें सामने आ रही है।
जिले में जहां भी बिजली की लाइन के चलते आग लगी है वहां के जेई व अधिशासी अभियंता को जांच के आदेश दिए गए है। जांच के बाद किसानों को नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी। इस काम में यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -आरपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत
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खेतों में ज्यादातर आग की घटनाएं बिजली की हाईटेंशन लाइन के गिरने या चिन्गारी निकलने से हुईं। सभी जगहों पर तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर क्षति का आंकलन कर पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
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कुर्सी प्रतिनिधि के अनुसार रविवार दोपहर टिकैतगंज कस्बे के फिरोजपुर स्थित एक खेत में बिजली की हाईटेंशन लाइन का तार टूट गया और उससे खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। बिजली उपकेंद्र पर फोन से लाइन टूटने की सूचना दी गई।
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तब जाकर बिजली कटने पर लोगों ने आग को बुझाने का साहस दिखाया। लेकिन तब तक आधा दर्जन से अधिक किसानों के करीब 60 बीघे गेंहूं की फसल जलकर राख हो गई। जिसमें किसान आफताब किदवाई की 11 बीघे, निजामुद्दीन की 12, ताजुद्दीन की 8, मुन्नवर जहां की 6, बन्ने की 7, प्रेम यादव 15, बालकराम मौर्य 14, अजमल 4, बीघे गेहूं की खड़ी फसल जल गई।
जैदपुर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के हरख गांव के निखिल यादव के खेत में 11 हजार वोल्टेज की बिजली लाइन से चिन्गारी निकलने से जब तब गांव के लोग खेत पहुंचते, तब तक चार बीघा खेत में लगा गेहूं जल गया।
दमकलकर्मी देर से पहुंचे। वहीं कोठी क्षेत्र के कुतबपुर गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग से कमला प्रसाद के खेत में लगे गेहूं में अचानक आग लग गई जिससे उनकी करीब 5 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
दमकल गाड़ी के पहुंचने के पहले ही ग्रामीणों ने आग बुझा ली थी। हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत तारों से निकली चिन्गारी से भड़की आग पछुआ हवा के झोंके से किसानों की कई बीघा फसल लील गई। रविवार को कस्बे के निकट अंसारी गांव में दोपहर को बिजली के तार से निकली चिन्गारी खेत में गिरी और देखते-देखते खेतों में फैल गई।
सूचना के बावजूद दमकलकर्मी नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के प्रयास से आग को बुझाया गया लेकिन तब तक द्वारिका प्रसाद पांडेय , सतीष चंद्र पांडेय , हेमंत पांडेय की 18 बीघा तथा शारदा सिंह की दो बीघा गेहूं की फसल जल गई।
वहीं सुबेहा इलाके के कुड़वा गांव में आग से रनबहादुर सिंह, शमशेर बहादुर सिंह, परमेश्वर, शंकर प्रसाद, जगप्रसाद, अभिलाख, जगजीवन, रामनरायण, कन्हैया लाल, धर्मेंद्र की दस बीघा गेेंहू की फसल जल गई।
बाद में अग्निशमन दस्ते ने गांव पहुंचकर आग को बुझाय। वहीं रामसनेहीघाट क्षेत्र के जीवल गांव में भी बिजली की हाईटेंशन लाइन की की चिन्गारी से खेत में लगी आग से दुर्गादीन, राजेश, प्रेमा देवी, माता प्रसाद, रामस्वरूप की दस बीघा गेहूं की फसल जल गई।
वहीं रामनगर थानाक्षेत्र के कस्बा सुढ़ियामऊ निवासी शिवप्रताप के घर के पीछे स्थित घूर से निकली चिन्गारी से आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने उग्र रूप धारण कर आस पास के घरों को भी अपने आगोश में ले लिया।
अग्निकांड मे फकीरे, गणेश, राममिलन, बंशीलाल, शिवप्रसाद, तिलकराम, त्रिलोकी, के घर भी धूं-धूं कर जलने लगे। ग्रामीणों की सूचना पर दो घंटे तक जब फायर बिग्रेड टीम नही पहुंची तो ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने लगे, मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर मौके पर दमकल कर्मी पहुंचे और आग पर काबू पाया।
वहीं आग को बुझाने के चक्कर में गांव का निवासी रज्जूलाल गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे लोगों ने एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया है। एसडीएम लवकुमार सिंह ने आग से क्षति का आंकलन करवाकर पीड़ितों को आर्थिक मदद दिलाने की बात कही है। वहीं मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर कस्बे में शनिवार की देर रात मद्दन की चूड़ी की दुकान में लगी आग से हजारों का नुकसान हो गया है।
उधर सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में रविवार को किंतूर स्थिति घाघरा की तलहटी में लगी आग से विश्वभर पुत्र रामअसरे की लगभग 4 बीघा, महादेव 4, रामकृपाल 2, जयसिंह यादव 4, भानू यादव 7 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
वहीं दूसरी घटना तहसील क्षेत्र के अंतिम छोर पर घाघरा नदी के उस पार बसे पारा बेहटा गांव में हुई। यहां राजित राम, मंशाराम, भगवान, माधवराज, लल्लू, रामसनेही, लक्षमण सहित करीब 23 छप्पर नुमा बने घर व बर्तन, कपड़ा राशन समेत लाखों का सामान जलकर राख हो गया।
इस संबंध में तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह ने बताया की पाराबेहटा व किंतूर गांव के आग से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं कोठी थाना क्षेत्र के मल्लेपुर गांव के पास आग लगने से रामअधार का दो बीघा, छेद्दन का दो बीघा व टेंडवा के रामफेर की चार बीघा गेहूं की फसल जल गई।
पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही से बरबाद हो रहे किसान
जिले में बिजली के तार टूटने से हो रही आगजनी की घटनाओं के पीछे विभाग के अफसर भी कम जिम्मेदार नहीं है। टिकैतगंज के ग्रामीणों ने विभाग में शिकायत किया था कि बिजली की लाइन के तार ढीले है ऐसे में यहां बिजली सप्लाई न शुरू किया जाए लेकिन इसके बावजूद विभाग ने नहीं सुनी और किसानों की 77 बीघे गेहूं की फसल खाक हो गई है। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी इसी तरी की बातें सामने आ रही है।
जिले में जहां भी बिजली की लाइन के चलते आग लगी है वहां के जेई व अधिशासी अभियंता को जांच के आदेश दिए गए है। जांच के बाद किसानों को नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी। इस काम में यदि कोई कर्मचारी लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -आरपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत