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सतोखर तालाब मामले में कोर्ट में केस दर्ज
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:16 PM IST
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सतोखर तालाब मामले में कोर्ट में केस दर्ज
- अवैध कब्जा कर पटाई करने वालों को 15 दिन का समय
बाराबंकी। सतोखर तालाब की पटाई के मामले में तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद एसडीएम कोर्ट में मामले को दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में अवैैध रूप से कब्जा कर पटाई करने वालों को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
हैदरगढ़ रोड़ स्थित सतोखर तालाब है। पूर्व के अभिलेखों में यह तालाब ही दर्ज है लेकिन कागजों में हेराफेरी करते हुए तालाब की भूमि को राम प्रताप, रामचंद्र व रामकुमार आदि के नाम दर्ज कर दिया गया। इन लोगों को आगे कर भूमाफिया ने तालाब की पटाई करते हुए अवैध कब्जा शुरू कर दिया। लोगों के विरोध और भाकियू द्वारा दी गई आंदोलन की चेतावनी के बाद जाकर अवैध कब्जे पर रोक लग पाई थी। एसडीएम सदर ने मामले की जांच तहसीलदार सदर सीपी पाठक को सौंपी थी। तहसीलदार ने जांच के दौरान कई खामियां पाईं। वह यह देख हैरत में हैं कि तालाब की भूमि को किसके आदेश पर संक्रमणीय दिखाते हुए उक्त लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए। तहसीलदार ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पूरी जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी थी।
बाक्स
तहसीलदार सदर द्वारा भेजी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कोर्ट में उक्त लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सभी को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि यह लोग अपना पक्ष नहीं रख पाते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- सुशील प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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- अवैध कब्जा कर पटाई करने वालों को 15 दिन का समय
बाराबंकी। सतोखर तालाब की पटाई के मामले में तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद एसडीएम कोर्ट में मामले को दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में अवैैध रूप से कब्जा कर पटाई करने वालों को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
हैदरगढ़ रोड़ स्थित सतोखर तालाब है। पूर्व के अभिलेखों में यह तालाब ही दर्ज है लेकिन कागजों में हेराफेरी करते हुए तालाब की भूमि को राम प्रताप, रामचंद्र व रामकुमार आदि के नाम दर्ज कर दिया गया। इन लोगों को आगे कर भूमाफिया ने तालाब की पटाई करते हुए अवैध कब्जा शुरू कर दिया। लोगों के विरोध और भाकियू द्वारा दी गई आंदोलन की चेतावनी के बाद जाकर अवैध कब्जे पर रोक लग पाई थी। एसडीएम सदर ने मामले की जांच तहसीलदार सदर सीपी पाठक को सौंपी थी। तहसीलदार ने जांच के दौरान कई खामियां पाईं। वह यह देख हैरत में हैं कि तालाब की भूमि को किसके आदेश पर संक्रमणीय दिखाते हुए उक्त लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए। तहसीलदार ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पूरी जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी थी।
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तहसीलदार सदर द्वारा भेजी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कोर्ट में उक्त लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सभी को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि यह लोग अपना पक्ष नहीं रख पाते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- सुशील प्रताप सिंह, एसडीएम सदर