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एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होते ही नहीं होगी गिरफ्तारी-बृजलाल
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:34 AM IST
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एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होते ही नहीं होगी गिरफ्तारी : बृजलाल
बाराबंकी। प्रदेश के पूर्व डीजीपी व एससी/एसटी आयोग के चेयरमैन बृजलाल ने कहा है कि, दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होते ही किसी भी व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि, कुछ लोग ऐसा भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कहा, पुलिस जांच के बाद ही दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई करेगी।
शनिवार को जिले के दौरे पर पहुुंचे एससी/एसटी आयोग के चेयरमैन बृजलाल ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में डीएम उदयभानु त्रिपाठी, एसपी वीपी श्रीवास्तव समेत अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर दलित उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान सफदरगंज व देवा थाना क्षेत्र में हुए रेप के मामलों में दो पीड़िताओं ने उनसे मिलकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद बछरावां विधायक रामनरेश रावत के आवास विकास स्थित आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए बृजलाल ने कहा कि, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले में जो संशोधन किया है उसके आधार पर अब दलित उत्पीड़न के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच होगी और फिर गिरफ्तारी।
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उन्होंने कहा कि, इसको लेकर कोई किसी भ्रम में न आए। कहा कि, सपा सरकार दलित विरोधी रही है और बसपा ने भी यही काम किया है। उन्होंने कहा, दलितों के साथ होने वाले कई तरह के मामलों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है ताकि उनका उत्पीड़न न हो सके।
बृजलाल ने कहा कि, यदि कोई दलित किसी को झूठे मुकदमे में फंसाएगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कहा, सपा सरकार में कानून का राज समाप्त हो गया था। इसी का नतीजा था कि एक आतंकी के मरने पर बाराबंकी कोतवाली में खुद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
आरक्षण में प्रमोशन के मुद्दे पर बृजलाल ने कहा कि, क्रीमीलियर को आरक्षण में प्रमोशन नहीं देने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय है। उन्होंने कहा कि, लखनऊ में हुई विनय तिवारी की हत्या में यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा प्रदेश में दर्ज होने वाले दलित उत्पीड़न के 10 प्रतिशत मामले ही फर्जी मिलते हैं जबकि अन्य अपराध में फर्जी मुकदमाें की संख्या करीब 35 प्रतिशत रहती है। इस मौके पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सुधीर कुमार सिंह सिद्धू, रामप्रकाश श्रीवास्तव, देवेंद्र प्रताप सिंह ज्ञानूू, विष्णु प्रभाकर वर्मा आदि मौजूद रहे।
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बाराबंकी। प्रदेश के पूर्व डीजीपी व एससी/एसटी आयोग के चेयरमैन बृजलाल ने कहा है कि, दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होते ही किसी भी व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि, कुछ लोग ऐसा भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कहा, पुलिस जांच के बाद ही दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई करेगी।
शनिवार को जिले के दौरे पर पहुुंचे एससी/एसटी आयोग के चेयरमैन बृजलाल ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में डीएम उदयभानु त्रिपाठी, एसपी वीपी श्रीवास्तव समेत अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर दलित उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
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इस दौरान सफदरगंज व देवा थाना क्षेत्र में हुए रेप के मामलों में दो पीड़िताओं ने उनसे मिलकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद बछरावां विधायक रामनरेश रावत के आवास विकास स्थित आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए बृजलाल ने कहा कि, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले में जो संशोधन किया है उसके आधार पर अब दलित उत्पीड़न के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच होगी और फिर गिरफ्तारी।
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उन्होंने कहा कि, इसको लेकर कोई किसी भ्रम में न आए। कहा कि, सपा सरकार दलित विरोधी रही है और बसपा ने भी यही काम किया है। उन्होंने कहा, दलितों के साथ होने वाले कई तरह के मामलों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है ताकि उनका उत्पीड़न न हो सके।
बृजलाल ने कहा कि, यदि कोई दलित किसी को झूठे मुकदमे में फंसाएगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कहा, सपा सरकार में कानून का राज समाप्त हो गया था। इसी का नतीजा था कि एक आतंकी के मरने पर बाराबंकी कोतवाली में खुद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
आरक्षण में प्रमोशन के मुद्दे पर बृजलाल ने कहा कि, क्रीमीलियर को आरक्षण में प्रमोशन नहीं देने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय है। उन्होंने कहा कि, लखनऊ में हुई विनय तिवारी की हत्या में यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा प्रदेश में दर्ज होने वाले दलित उत्पीड़न के 10 प्रतिशत मामले ही फर्जी मिलते हैं जबकि अन्य अपराध में फर्जी मुकदमाें की संख्या करीब 35 प्रतिशत रहती है। इस मौके पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सुधीर कुमार सिंह सिद्धू, रामप्रकाश श्रीवास्तव, देवेंद्र प्रताप सिंह ज्ञानूू, विष्णु प्रभाकर वर्मा आदि मौजूद रहे।