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पीएम आवास न बनाने वाले लाभार्थियों पर दर्ज होगी एफआईआर
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पीएम आवास न बनाने वाले 98 लाभार्थियों के खिलाफ दर्ज होगा केस
बाराबंकी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत धनराशि लेने के बाद भी मकान न बनाने वाले लाभार्थियों के खिलाफ एफआरआर दर्ज कराई जाएगी। शासन से मिले इस निर्देश के बाद ग्राम्य विकास विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी हैं। 15 ब्लॉक ब्लॉक क्षेत्र के ऐसे 98 लाभार्थियों को चिह्नित किया गया है।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत प्रतिवर्ष पात्रों को आवास बनाने के लिए तीन चरणों में धनराशि दी जाती है। यह पैसा लाभार्थी के खातें में दिया जाता है। जिले के कई लाभार्थियों ने धनराशि लेने के बाद भी आवास निर्माण नहीं किया। ऐसी जानकारी के बाद सरकार ने आवास का निर्माण न करने वाले लाभार्थियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद विभाग ने विभिन्न ब्लॉकों से 98 ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की जिन्होंने पैसा लेने के बाद भी आवास का निर्माण नहीं कराया है। जिले में बीडीओ के स्तर से हुई जांच में कई आवास एक साल से अधूरे पड़े मिले हैं। किसी के आवास की छत नहीं पड़ी है तो किसी का आवास आधा भी नहीं बना है। कुछ लाभार्थी पैसा पाने के बाद जिले से बाहर चले गए।
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परियोजना निदेशक, डीआरडीए डॉ. हरिचरन सिंह के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत दो वर्षों के दौरान 98 लाभार्थियों ने पूरी धनराशि खर्च कर डाली लेकिन उनके आवास का निर्माण पूरा नहीं हुआ। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
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बाराबंकी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत धनराशि लेने के बाद भी मकान न बनाने वाले लाभार्थियों के खिलाफ एफआरआर दर्ज कराई जाएगी। शासन से मिले इस निर्देश के बाद ग्राम्य विकास विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी हैं। 15 ब्लॉक ब्लॉक क्षेत्र के ऐसे 98 लाभार्थियों को चिह्नित किया गया है।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत प्रतिवर्ष पात्रों को आवास बनाने के लिए तीन चरणों में धनराशि दी जाती है। यह पैसा लाभार्थी के खातें में दिया जाता है। जिले के कई लाभार्थियों ने धनराशि लेने के बाद भी आवास निर्माण नहीं किया। ऐसी जानकारी के बाद सरकार ने आवास का निर्माण न करने वाले लाभार्थियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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इसके बाद विभाग ने विभिन्न ब्लॉकों से 98 ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की जिन्होंने पैसा लेने के बाद भी आवास का निर्माण नहीं कराया है। जिले में बीडीओ के स्तर से हुई जांच में कई आवास एक साल से अधूरे पड़े मिले हैं। किसी के आवास की छत नहीं पड़ी है तो किसी का आवास आधा भी नहीं बना है। कुछ लाभार्थी पैसा पाने के बाद जिले से बाहर चले गए।
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परियोजना निदेशक, डीआरडीए डॉ. हरिचरन सिंह के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत दो वर्षों के दौरान 98 लाभार्थियों ने पूरी धनराशि खर्च कर डाली लेकिन उनके आवास का निर्माण पूरा नहीं हुआ। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।