{"_id":"61bb91a7d08d6e45a0150482","slug":"yield-decreased-due-to-soil-disease-taste-also-faded-banda-news-knp66996088","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी बीमार होने से उपज घटी, स्वाद भी फीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी बीमार होने से उपज घटी, स्वाद भी फीका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिमौनीधाम/बांदा। बुंदेलखंड में खेतों की मिट्टी की सेहत लगातार खराब हो रही है। इससे उपज कम होने के साथ ही अनाज और सब्जियों आदि का स्वाद भी फीका होता जा रहा है। किसानों का मित्र कीट केंचुआ खेतों से नदारद हो रहा है। यह बातें कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.देव कुमार ने गुरुवार को सिमौनीधाम में आयोजित किसान मेलें में हुई गोष्ठी में कहीं। तीन दिवसीय जोन स्तरीय एग्रो क्लाइमेटिक मेले कर समापन शुक्रवार को होगा।
डा.देव ने कहा कि यहां गोबर को गड्ढों में फेंकने की परंपरा है। इसमें कुछ उपाय और परिश्रम कर लिए जाएं तो यह गोबर अच्छी खाद में तब्दील हो सकता है। उन्होंने कहा कि बर्मी कंपोस्ट और मृदा विज्ञान का सीधा संबंध फसल की उपज से है। मृदा का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है। यह बात किसान भी अच्छी तरह समझ रहे हैं। 50 वर्ष पूर्व जो उपज और स्वास्थ्य था वो अब नहीं रहा। भूमि में आर्गनिक पदार्थ कम हो रहे हैं।
विधायक चंद्रपाल कुशवाहा ने केंद्र और प्रदेश सरकारों द्वारा किसानों के लिए लागू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में किसानों का कर्ज माफ कर दिया। चित्रकूटधाम मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक उमेश कटियार ने किसानों से कहा कि प्रधानमंत्री किसान निधि से खाद-बीज की व्यवस्था करें। हर चार माह में 2000 रुपये किसानों के खाते में भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
आनंद गांव से खेती का सीधा प्रसारण देखा
तिंदवारी। गुजरात के आनंद गांव में जैविक खेती का सीधा प्रसारण गुरुवार को ब्लाक कार्यालय सभागार में प्रोजेक्टर पर क्षेत्र के किसानों का दिखाया गया। इस दौरान गोष्ठी भी हुई। इसमें किसान नेता सत्येंद्र प्रताप सिंह और प्रगतिशील किसान शत्रुघ्न ने गो मूत्र, जैविक व प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दी। बताय कि इस पद्धति से खेती करने में उपज अधिक होती है। गोष्ठी में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी संतोष कुमार, केंद्रीय बीज भंडार प्रभारी गौतेंद्र मौर्या, शिवेंद्र सिंह चंदेल, अजय पाल, उमेश आदि मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
डा.देव ने कहा कि यहां गोबर को गड्ढों में फेंकने की परंपरा है। इसमें कुछ उपाय और परिश्रम कर लिए जाएं तो यह गोबर अच्छी खाद में तब्दील हो सकता है। उन्होंने कहा कि बर्मी कंपोस्ट और मृदा विज्ञान का सीधा संबंध फसल की उपज से है। मृदा का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है। यह बात किसान भी अच्छी तरह समझ रहे हैं। 50 वर्ष पूर्व जो उपज और स्वास्थ्य था वो अब नहीं रहा। भूमि में आर्गनिक पदार्थ कम हो रहे हैं।
विज्ञापन
विधायक चंद्रपाल कुशवाहा ने केंद्र और प्रदेश सरकारों द्वारा किसानों के लिए लागू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में किसानों का कर्ज माफ कर दिया। चित्रकूटधाम मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक उमेश कटियार ने किसानों से कहा कि प्रधानमंत्री किसान निधि से खाद-बीज की व्यवस्था करें। हर चार माह में 2000 रुपये किसानों के खाते में भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
आनंद गांव से खेती का सीधा प्रसारण देखा
तिंदवारी। गुजरात के आनंद गांव में जैविक खेती का सीधा प्रसारण गुरुवार को ब्लाक कार्यालय सभागार में प्रोजेक्टर पर क्षेत्र के किसानों का दिखाया गया। इस दौरान गोष्ठी भी हुई। इसमें किसान नेता सत्येंद्र प्रताप सिंह और प्रगतिशील किसान शत्रुघ्न ने गो मूत्र, जैविक व प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दी। बताय कि इस पद्धति से खेती करने में उपज अधिक होती है। गोष्ठी में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी संतोष कुमार, केंद्रीय बीज भंडार प्रभारी गौतेंद्र मौर्या, शिवेंद्र सिंह चंदेल, अजय पाल, उमेश आदि मौजूद रहे। (संवाद)