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स्कूली बच्चों को बताएंगे भूकंप में बचने के उपाय
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 15 May 2015 12:16 AM IST
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एक पखवारे में भूकंप के कई झटकों ने प्रदेश सरकार को स्कूली बच्चों की सुरक्षा के प्रति चौकन्ना किया है। शासन ने भूकंप आपदा के मद्देनजर सभी स्कूलों में बच्चों के बाहर निकलने की योजना तत्काल तैयार करने का आदेश दिया है। इस बारे में उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अप्रैल माह में शासन को सुझाव दे चुका है, हालांकि अभी स्कूलों में अमल नहीं हुआ है।
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अप्रैल और मई माह में कई बार भूकंप ने यूपी की धरती को भी हिलाया है। ऐसे में प्रदेश सरकार को बच्चों की हिफाजत का ख्याल आया है। प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव सीपी सिंह ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) और सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 27 अप्रैल 2015 को स्कूलों में किसी तरह की आपदा आने पर छात्र-छात्राओं के बाहर निकलने की योजना (एक्जिट प्लान) बनाने का सुझाव दिया था।
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सचिव ने शासन के हवाले से कहा है कि आयोग के सुझावों के मुताबिक प्रत्येक विद्यालय में हर 15 दिन के बाद आपदाओं से आत्मरक्षा और बचाव के लिए सेफ्टी ड्रिल कराई जाए। इसे विद्यार्थियों के कोर्स में भी अनिवार्य किया जाए। दो दिन की छुट्टी के बाद जब भी स्कूल खुले तो प्रधानाचार्य विद्यालय में विशेष सभा आयोजित करके बच्चों को बाहर आपदा की स्थिति में बाहर निकलने की योजना से अवगत कराएं। बच्चों को बताया जाए कि आपदा आने पर शांत रहें। किसी तरह की अफवाह न फैलाएं।
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सचिव ने कहा है कि भूकंप से बचाव से संबंधित विद्यालयों को जो भी निर्देश दिए गए हैं उसकी प्रतियां राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को तत्काल भेजी जाएं। उधर, सचिव का यह आदेश यहां आने पर जिला विद्यालय निरीक्षक एनडी वर्मा ने जिले के सभी शासकीय/अशासकीय, वित्त विहीन इंटर-हाईस्कूल कालेजों के प्रधानाचार्यों को इस पर अमल करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि यहां ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की निकासी के लिए मात्र एक ही द्वार है। ऐसे में भूकंप या अग्निकांड जैसी आपदा के समय बच्चों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।