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स्वयंसेवी बताएंगे सूखे के हालात
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:22 PM IST
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बांदा। सूखे के हालात का जायजा लेने के लिए कृषि मंत्रालय में निदेशक (हर्टीकल्चर) अतुल शुक्रवार को बांदा और चित्रकूट जिलों का भ्रमण कर अफसरों के साथ बैठक करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के किसान नेता शिवनारायण सिंह परिहार और प्रवास सोसायटी के आशीष सागर ने कहा है कि वह केेंद्र सरकार के निदेशक से मिलकर बुंदेलखंड में किसान
आत्महत्याओं और फसलों की बर्बादी तथा लाखों किसानों के पलायन करने के आंकड़े देंगे।
प्रवास सोसायटी ने आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि सूखे के हालात के कारण ही बांदा से 7.37 लाख, चित्रकूट से 3.44 लाख, महोबा से 2.97 लाख, हमीरपुर से 4.17 लाख, उरई से 5.38 लाख, झांसी से 5.58 लाख और ललितपुर से 3.81 लाख किसान और कामगार पलायन कर चुके हैं। यही स्थिति मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड की है। बुंदेलखंड पैकेज सिर्फ कागजी रहा। बुंदेलखंड के किसानों पर तकरीबन छह अरब रुपये का सरकारी कर्ज है।
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आत्महत्याओं और फसलों की बर्बादी तथा लाखों किसानों के पलायन करने के आंकड़े देंगे।
प्रवास सोसायटी ने आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि सूखे के हालात के कारण ही बांदा से 7.37 लाख, चित्रकूट से 3.44 लाख, महोबा से 2.97 लाख, हमीरपुर से 4.17 लाख, उरई से 5.38 लाख, झांसी से 5.58 लाख और ललितपुर से 3.81 लाख किसान और कामगार पलायन कर चुके हैं। यही स्थिति मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड की है। बुंदेलखंड पैकेज सिर्फ कागजी रहा। बुंदेलखंड के किसानों पर तकरीबन छह अरब रुपये का सरकारी कर्ज है।
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