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बेकाबू डंपर ने मां-बेटे को कुचला, महिला की मौत
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बांदा/बबेरू। कमासिन थाना क्षेत्र के खरौली गांव में बेकाबू डंपर की टक्कर से गर्भवती महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका 10 वर्षीय पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद डंपर भी पलट गया। उधर, घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। समझाने के बावजूद जाम खत्म न करने पर पुलिस ने लाठियां भांज दी। इससे ग्रामीण और भड़क गए और पथराव कर दिया। तीन पुलिसकर्मी समेत चार को चोटें आईं।
खरौली गांव की विकासा देवी (30) बृहस्पतिवार को दोपहर अपने पुत्र शत्रुघन के साथ लकड़ी और बकरी लेकर खेत से वापस घर जा रही थी। गांव के नजदीक कमासिन की तरफ जा रहा गिट्टी भरा डंपर दूसरी दिशा में आ गया और विकासा को रौंदते हुए खंती में पलट गया। विकासा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बेटा शत्रुघन गंभीर रूप से घायल हो गया।
गिट्टी में दबकर बकरी भी मर गई। परिजनों ने उसे सीएचसी पहुंचाया। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि मृतका आठ माह की गर्भवती थी। उधर, घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को परिजनों और ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने दिया। बबेरू-कमासिन मार्ग पर जाम लगा दिया। एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह और सीओ सियाराम व थाना इंस्पेक्टर रामाश्रय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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लगभग दो घंटे तक जाम लगाए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में जाम खत्म कराने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी, जिससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। लाठीचार्ज और भगदड़ में कुछ ग्रामीण चुटहिल हो गए। लाठीचार्ज से नाराज ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें कमासिन थाना के तीन पुलिस कर्मियों और मृतका के जेठ रामेश्वर को चोटें आईं।
सीएचसी में इलाज कराया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ बबेरू ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ अराजकतत्वों ने पथराव किया है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पहचान की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पत्थरबाजी में मृतका के परिजन शामिल नहीं रहे। इंस्पेक्टर ने बताया कि डंपर चालक और क्लीनर को हिरासत में ले लिया गया है।
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खरौली गांव की विकासा देवी (30) बृहस्पतिवार को दोपहर अपने पुत्र शत्रुघन के साथ लकड़ी और बकरी लेकर खेत से वापस घर जा रही थी। गांव के नजदीक कमासिन की तरफ जा रहा गिट्टी भरा डंपर दूसरी दिशा में आ गया और विकासा को रौंदते हुए खंती में पलट गया। विकासा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बेटा शत्रुघन गंभीर रूप से घायल हो गया।
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गिट्टी में दबकर बकरी भी मर गई। परिजनों ने उसे सीएचसी पहुंचाया। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि मृतका आठ माह की गर्भवती थी। उधर, घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को परिजनों और ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने दिया। बबेरू-कमासिन मार्ग पर जाम लगा दिया। एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह और सीओ सियाराम व थाना इंस्पेक्टर रामाश्रय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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लगभग दो घंटे तक जाम लगाए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में जाम खत्म कराने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी, जिससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। लाठीचार्ज और भगदड़ में कुछ ग्रामीण चुटहिल हो गए। लाठीचार्ज से नाराज ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें कमासिन थाना के तीन पुलिस कर्मियों और मृतका के जेठ रामेश्वर को चोटें आईं।
सीएचसी में इलाज कराया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ बबेरू ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ अराजकतत्वों ने पथराव किया है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पहचान की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पत्थरबाजी में मृतका के परिजन शामिल नहीं रहे। इंस्पेक्टर ने बताया कि डंपर चालक और क्लीनर को हिरासत में ले लिया गया है।