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मूसलाधार बारिश से दो मकान जमींदोज
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:29 PM IST
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बारिश से स्टेशन रोड, बांदा में धराशाई हुई पुरानी इमारत।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। इस मानसून की सबसे बड़ी बारिश ने जमकर कहर ढाया। सैकड़ों लोग बेघर हो गए। शहर से लेकर गांवों तक जगह-जगह जलभराव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई मकानों के धराशाई होने के दौरान बड़े हादसे टल गए। शहर में नगर पालिका जलभराव से राहत दिला पाने में असहाय साबित हुई। रेलवे मार्ग भी प्रभावित हुए।
मटौंध प्रतिनिधि के मुताबिक नेशनल हाइवे में थाने के पास पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने से बारिश का पानी घरों में घुस गया। नैनी तालाब भी उफना जाने से तमाम घर जलमग्न हो गए। पुलिया सड़क के बीचोंबीच एक मीटर धंस गई।
चुनूबाद कुशवाहा और किशोरी का मकान धराशाई हो गया। उधर, मटौंध रेलवे क्रासिंग के पास निर्माणाधीन अंडर ग्राउंड ब्रिज में पानी भर गया है। बसहरी, आलमखोड़, चमरा समेत मध्य प्रदेश के गांवों का संपर्क टूट गया। नगर पंचायत अध्यक्ष बिंदादीन पाल, पूर्व चेयरमैन नरेंद्र सिंह, जगदेव सिंह आदि ने डीएम से रेलवे फाटक का ताला खुलवाने की मांग की है।
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उधर, बांदा शहर में इक्का-दुक्का मोहल्लों को छोड़कर हर जगह जल भराव की समस्या रही। नाले-नालियां उफना जाने के बाद घरों में गंदा पानी घुटनों तक भर गया। लाखों रुपये की गृहस्थी व अन्य सामान चौपट हो गया। मर्दन नाका में खोद फेंके गए नाले में लगातार कटान हो रही है।
मकानों को खतरा पैदा हो गया है। स्टेशन रोड पर डिग्गी तालाब के पास पुराना पक्का मकान धराशाई हो गया। कई राहगीर व आसपास के लोग बाल-बाल बच गए। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन ने यह तमाम नजारे खुद भी शहर में भ्रमण कर देखें। महुआ ब्लाक के काजीपुर प्राथमिक विद्यालय में पानी भर जाने के बाद बच्चे और स्कूल स्टाफ परेशान हो उठा। उधर, करछा, लोहरा और इटवां गांवों में ग्वाइन नाले के उफना जाने से 14 परिवार बेघर हो गए। उन्हें ऊपरी स्थान पर लाया गया है। 6-6 मीटर बरसाती दी गई है।
चिल्ला प्रतिनिधि के मुताबिक बिछवाही गांव में तालाब उफना जाने के बाद कुछ लोगों ने इसमें कटान कर दी। नतीजे में एक सैकड़ा से ज्यादा घर और खेत जलमग्न हो गए। गांव तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
करतल प्रतिनिधि के मुताबिक महारानी (नहरी) गांव में दबंगों द्वारा नाली का पानी रोक दिए जाने से श्यामलाल कोरी का कच्चा मकान ढह गया। परिवार बालबाल बच गया। अब वह परिवार के साथ प्राइमरी स्कूल में रह रहा है।
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मटौंध प्रतिनिधि के मुताबिक नेशनल हाइवे में थाने के पास पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने से बारिश का पानी घरों में घुस गया। नैनी तालाब भी उफना जाने से तमाम घर जलमग्न हो गए। पुलिया सड़क के बीचोंबीच एक मीटर धंस गई।
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चुनूबाद कुशवाहा और किशोरी का मकान धराशाई हो गया। उधर, मटौंध रेलवे क्रासिंग के पास निर्माणाधीन अंडर ग्राउंड ब्रिज में पानी भर गया है। बसहरी, आलमखोड़, चमरा समेत मध्य प्रदेश के गांवों का संपर्क टूट गया। नगर पंचायत अध्यक्ष बिंदादीन पाल, पूर्व चेयरमैन नरेंद्र सिंह, जगदेव सिंह आदि ने डीएम से रेलवे फाटक का ताला खुलवाने की मांग की है।
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उधर, बांदा शहर में इक्का-दुक्का मोहल्लों को छोड़कर हर जगह जल भराव की समस्या रही। नाले-नालियां उफना जाने के बाद घरों में गंदा पानी घुटनों तक भर गया। लाखों रुपये की गृहस्थी व अन्य सामान चौपट हो गया। मर्दन नाका में खोद फेंके गए नाले में लगातार कटान हो रही है।
मकानों को खतरा पैदा हो गया है। स्टेशन रोड पर डिग्गी तालाब के पास पुराना पक्का मकान धराशाई हो गया। कई राहगीर व आसपास के लोग बाल-बाल बच गए। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन ने यह तमाम नजारे खुद भी शहर में भ्रमण कर देखें। महुआ ब्लाक के काजीपुर प्राथमिक विद्यालय में पानी भर जाने के बाद बच्चे और स्कूल स्टाफ परेशान हो उठा। उधर, करछा, लोहरा और इटवां गांवों में ग्वाइन नाले के उफना जाने से 14 परिवार बेघर हो गए। उन्हें ऊपरी स्थान पर लाया गया है। 6-6 मीटर बरसाती दी गई है।
चिल्ला प्रतिनिधि के मुताबिक बिछवाही गांव में तालाब उफना जाने के बाद कुछ लोगों ने इसमें कटान कर दी। नतीजे में एक सैकड़ा से ज्यादा घर और खेत जलमग्न हो गए। गांव तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
करतल प्रतिनिधि के मुताबिक महारानी (नहरी) गांव में दबंगों द्वारा नाली का पानी रोक दिए जाने से श्यामलाल कोरी का कच्चा मकान ढह गया। परिवार बालबाल बच गया। अब वह परिवार के साथ प्राइमरी स्कूल में रह रहा है।
बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक पूरे दिन हुई वर्षा से कसबा समेत करहिया पुरवा, मरका तिराहा, जमुनिहा पुरवा, कृष्णा नगर, तहसील परिसर, रावण मैदान, अंबेडकर नगर, वन तलवा में भीषण जलभराव हो गया। आसपास के घरों में पानी घुस गया। नालियों में अतिक्रमण से सफाई नहीं हो पा रही।a