आंधी ने ली दो बच्चों की जान, 13 घायल
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बांदा। करीब आधे घंटे की कहर बरपाने वाली आंधी ने दो बच्चों और तीन मवेशियों की जान ले ली। 13 अन्य लोग घायल हो गए। इनमें कई बच्चे हैं। सैकड़ों गरीबों के सिर का साया उड़ गया। कच्चे मकानों के खपरैल और टीन-टप्पर और झोपड़ियां तहस-नहस हो गईं। बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव में बुधवार को दोपहर बाद आई आंधी ने भारी तबाही मचाई। ओरन और कोर्रही प्रतिनिधि के मुताबिक गांव के सुजावल शाह मजार के पास बने यात्री शेड के टीन गिरने से नीचे खेल रहे राममूरत के 12 वर्षीय पुत्र अंकित की मौत हो गई। उसके साथ मौजूद साहिल, वसीम, अमित, शिरोमणि, प्रिंसू, दीपक और कलुआ आदि बच्चे घायल हो गए। इन सबकी उम्र 8 से 17 साल के बीच है। सभी को विभिन्न अस्पतालों मेें भर्ती कराया गया है। इसी क्षेत्र के जरोहरा गांव में आंधी से यूकेलिप्टस का पेड़ जड़ से उखड़ गया है। पेड़ तले खेल रही कलुआ प्रजापति की 11 वर्षीय पुत्री की दबकर वहीं मौत हो गई।
बिसंडा क्षेत्र के ही पिपरी खेरवा गांव में नीम का पेड़ गिरने से नीचे खड़ा गया प्रसाद (60) पुत्र परसन घायल हो गया। बदौसा थाना क्षेत्र के शाहपुर सानी गांव में पेड़ गिरने से अच्छेलाल रैकवार की 17 वर्षीय पुत्री रोशनी और ओरन कस्बे में ननिहाल आई 13 वर्षीय माया देवी पुत्री परदेसिया पेड़ों में दबकर घायल हो गई। उधर, तिंदवारी क्षेत्र के परसौड़ा गांव में शिवपतिया (33) पत्नी छत्रपाल और सुनीता (32) पत्नी राजाराम जंगल में मवेशी चराते समय ओलों की चपेट में आकर घायल हो गईं। इसी क्षेत्र के पिपरगवां गांव में ईंट भट्टा लगा रहे शिवबरन (30) पुत्र शिव राम प्रजापति और उसका आठ वर्षीय पुत्र सुनील बरस रहे ओलों से घायल हो गए। बदौसा थाने का गेट धराशाई हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने से सिंहपुर-ओरन और अतर्रा-ओरन मार्ग कई घंटे ठप रहे।
गाज व पेड़ गिरने से तीन मवेशी भी मरे
बांदा। आंधी, ओला के साथ आकाशीय गाज ने भी कहर ढाया। बेंदाघाट प्रतिनिधि के मुताबिक बिछवाही गांव में दोपहर बाद आकाशीय गाज गिरने से शीशम के पेड़ तले बंधे रामदीन के दो बैलों की मौत हो गई। पेड़ भी क्षतिग्रस्त हो गया। ओरन में देवी प्रसाद कुशवाहा के मकान में नीम का पेड़ गिरने से छत का टुकड़ा नीचे आ गिरा। दबकर एक गाय की मौत हो गई और दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। घर के लोग बाल-बाल बच गए।
कई इलाकों में ओले गिरे
बांदा। बुधवार को दोपहर बाद आई जबरदस्त आंधी के दौरान जिले के कई इलाकों में ओले भी गिरे। यह कहीं छोटे तो कहीं बड़े थे। बांदा शहर में सिर्फ आंधी और हल्की बारिश का कहर रहा। कई पेड़ गिरने से लाइनें टूट गईं और बिजली आपूर्ति ठप हो गईं। देर शाम तक कई फीडर चालू नहीं हो पाए। तिंदवारी, खप्टिहा, ओरन, बदौसा, चिल्ला आदि क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के मुताबिक वहां कुछ देर तक ओले गिरे। काफी तादाद में पक्षियों की मौत हो गई।