{"_id":"57c5c95f4f1c1b483b2cb19a","slug":"tur-and-sesame-80-per-cent-loss","type":"story","status":"publish","title_hn":"अरहर और तिल में 80 फीसदी नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अरहर और तिल में 80 फीसदी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
फसलों का जायजा लेते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। खरीफ की फसल के लिए बीमा कंपनी ने खेतों की खाक छानना शुरू कर दी है। मंगलवार को यहां बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ कई गांवों की फसलों का जायजा लिया। अरहर व तिल में करीब 80 फीसदी नुकसान बताया जा रहा है। जबकि मूंग, ज्वार और उरद में 50 से 70 फीसदी नुकसान का आंकलन है। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने बांदा जनपद के लिए गौहाटी (असम) की एग्रीक्लचर इंश्योरेंस कंपनी को नामित किया है।
विज्ञापन
इसके क्षेत्रीय अधिकारी एमजी मोहिन के साथ एडीएम गंगाराम गुप्ता, संयुक्त कृषि निदेशक गणेश मणि त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि उमेशचंद्र कटियार और सदर एसडीएम प्रहलाद सिंह व तहसीलदार सुनील कुमार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसल में अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन किया। सदर तहसील के गंछा, पड़ुई, कनवारा, छेहरावं, पचुल्ला, चहितारा, पथरी, दुरेड़ी, मोहन पुरवा, अछरौड़, मरौली, खप्टिहा कलां और साड़ी गांव में खेतों की स्थिति देखी। उप निदेशक श्री कटियार ने बताया कि बुधवार को नरैनी, अतर्रा व बबेरू तहसील के गांवों में टीम जायजा लेगी।
विज्ञापन