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मंडी शुल्क क विरोध में व्यापारियों ने दिया धरना
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फोटो 03 बीएनडीपी 16- मंडी समिति में धरना प्रदर्शन करते व्यापारी। संवाद
मंडी शुल्क के विरोध में दिया धरना
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडी सचिव को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। मंडी शुल्क का लगातार विरोध कर रहे व्यापारियों ने नए वर्ष के दस्तक देते ही पुन: विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार को मंडी परिसर में विरोध प्रदर्शन के साथ मंडी सचिव कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडी सचिव को सौंपा।
गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष विष्णु कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडियों के लाइसेंस, गेटपास व अन्य प्रावधानों को समाप्त कर दिया है। इससे आम व्यापारियों को बड़ी राहत मिली थी। कृषि कानून वापस लेने के बाद प्रदेश में मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था को पुन: लागू कर दिया गया है। इससे व्यापारियों में रोष है। जब मंडी शुल्क नहीं था तो कई उद्यमियों ने यहां अपना उद्योग स्थापित किया। अब वह अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। महामंत्री राजकुमार गुप्ता ने कहा कि जितना राजस्व व्यापारी सरकार को देते हैं उससे कई गुना ज्यादा पैसा मंडी सचिव व कर्मचारियों को देना पड़ता है।
व्यापारियों ने मांग की कि मंडी शुल्क समाप्त कर मंडी के अंदर कार्य करने वाले व्यापारियों को लाइसेंस जारी करके यूजर चार्ज व अन्य किसी माध्यम से आधा प्रतिशत शुल्क लगाया जाए। मंडी की दुकानों को फ्री होल्ड किए जाने की भी मांग की। उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ, ज्वाला प्रसाद गुप्ता, चारुचंद्र खरे, सुरेश चंद्र साहू, ध्रुव गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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मंडी शुल्क के विरोध में दिया धरना
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडी सचिव को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। मंडी शुल्क का लगातार विरोध कर रहे व्यापारियों ने नए वर्ष के दस्तक देते ही पुन: विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार को मंडी परिसर में विरोध प्रदर्शन के साथ मंडी सचिव कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडी सचिव को सौंपा।
गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष विष्णु कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडियों के लाइसेंस, गेटपास व अन्य प्रावधानों को समाप्त कर दिया है। इससे आम व्यापारियों को बड़ी राहत मिली थी। कृषि कानून वापस लेने के बाद प्रदेश में मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था को पुन: लागू कर दिया गया है। इससे व्यापारियों में रोष है। जब मंडी शुल्क नहीं था तो कई उद्यमियों ने यहां अपना उद्योग स्थापित किया। अब वह अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। महामंत्री राजकुमार गुप्ता ने कहा कि जितना राजस्व व्यापारी सरकार को देते हैं उससे कई गुना ज्यादा पैसा मंडी सचिव व कर्मचारियों को देना पड़ता है।
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व्यापारियों ने मांग की कि मंडी शुल्क समाप्त कर मंडी के अंदर कार्य करने वाले व्यापारियों को लाइसेंस जारी करके यूजर चार्ज व अन्य किसी माध्यम से आधा प्रतिशत शुल्क लगाया जाए। मंडी की दुकानों को फ्री होल्ड किए जाने की भी मांग की। उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ, ज्वाला प्रसाद गुप्ता, चारुचंद्र खरे, सुरेश चंद्र साहू, ध्रुव गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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