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चंद पैसे बचाने को वाहन में लगा रहे ‘बम’

Mon, 17 Feb 2020 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Feb 2020 11:57 PM IST
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To save some money, 'bomb' was put in the vehicle
वैन में लगी गैस किट। - फोटो : BANDA
बांदा। चंद पैसे बचाने के लिए वाहन मालिक अपनी और दूसरों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। वाहनों में गैस किट का सिलिंडर रूपी ‘बम’ लगा रहे हैं। उन्नाव में गैस किट वाहले वाहन में हादसे में एक साथ सात लोगों की जिंदा जलकर हुई मौत की घटना से शायद ये लोग भी कुछ सबक लें।
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अवैध किट वाले वाहनों के मामले में परिवहन विभाग की दलील है कि यहां कोई गैस प्लांट न होने से गैस किट वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होता, जबकि हकीकत यह है कि यहां न सिर्फ निजी बल्कि स्कूली बच्चों के वाहन और एंबुलेंस भी गैस किट से चलाई जा रही हैं।
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दिन-ब-दिन डीजल और पेट्रोल के दामों में हुई वृद्धि ने वाहन संचालकों का रुझान गैस किट की तरफ तेजी से बढ़ाया है। कई वाहन कंपनियां भी डीजल-पेट्रोल के साथ वाहन में गैस किट का विकल्प दिए हैं। नियमों के मुताबिक वाहनों में लगने वाली गैस किट अलग होती है। इसके लिए पेट्रोल पंप की तरह गैस पंप होते हैं। गैस डीजल-पेट्रोल से सस्ती पड़ती है।
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चित्रकूटधाम मंडल में गैस प्लांट नहीं है। इसके बाद भी चोरी-छिपे तिपहिया और चौपहिया वाहन गैस किट से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि घरेलू गैस का इस्तेमाल वाहनों में हो रहा है, जो बेहद खतरनाक है।
हैरत की बात यह है कि जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर वाहनों को लेकर परिवहन, शिक्षा और आपूर्ति विभाग चुप्पी हैं।
इनकी जांच पड़ताल या धरपकड़ नहीं की जाती है। मंडल मुख्यालय में कई स्कूलों के वाहन बच्चों को गैस किट लगाकर ढो रहे हैं। कुछ प्राइवेट एंबुलेंस भी चल रही हैं। इनके अलावा भाड़े पर चलने वाले कुछ वाहनों में भी इसका इस्तेमाल हो रहा है।
गैस किट वाहन का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं
गैस किट से वाहनों के संचालन पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रशासन राजेश वर्मा का कहना है कि सिर्फ गैस किट से चलने वाले किसी भी वाहन का उनके विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं है।
बताया कि कुछ आटो निर्माता कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल और गैस किट दोनों ही सिस्टम वाले ऑटो लांच किए हैं, लेकिन परिवहन विभाग में यहां उन्हें सिर्फ पेट्रोल-डीजल के रूप में ही पंजीकृत किया जा रहा है। एआरटीओ ने कहा कि गैस किट वाहनों का रजिस्ट्रेशन वहां किया जाता है, जहां इसका प्लांट लगा हो।

अवैध गैस किट लगवाने पर 4000 जुर्माना
गैर कानूनी ढंग से अपने पेट्रोल या डीजल वाहन में मैकेनिकों से गैस किट लगवा लेते हैं। इस बाबत एआरटीओ (प्रशासन) ने बताया कि ऐसा करने वाले वाहन संचालक पर चार हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। उन्नाव हादसे का हवाला दिए जाने पर एआरटीओ ने कहा कि बुधवार से इसकी चेकिंग शुरू की जाएगी।
1. वायरिंग शार्ट होने पर कार में आग लग सकती है।
2. ओवर हीट होने पर भी वाहन में आग का खतरा रहता है।
3. कई बार किट के पाइप में जंक लग जाने से लीकेज हो जाता है और आग लग जाती है।
4. इंजन पर लोड ज्यादा पड़ता है और उसे जल्दी बोर कराने की नौबत आ जाती है।
5. डीजल-पेट्रोल के मुकाबले गैस किट वाहन 50 फीसदी दूरी कम तय करते हैं।
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