{"_id":"58629c6a4f1c1b8940eec882","slug":"to-increase-honorarium-shicshamitr-fasting","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानदेय में वृद्धि के लिए शिक्षामित्र अनशन पर बैठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानदेय में वृद्धि के लिए शिक्षामित्र अनशन पर बैठे
बांदा
Updated Tue, 27 Dec 2016 10:22 PM IST
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठे शिक्षामित्र ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षामित्रों ने मंगलवार को यहां बीएसए कार्यालय परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इसका आह्वान संघ के प्रांतीय नेतृत्व में किया है। मुख्य मांग मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की है।
अनशन स्थल पर संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम यादव ने कहा कि यह आंदोलन पूरे प्रदेश में शुरू हुआ है। अब भी प्रदेश सरकार मांग नहीं मानती तो विधान सभा चुनाव में इसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। जिला महामंत्री सुनील मिश्रा ने कहा कि मंहगाई के इस दौर में शिक्षा मित्रों को महज 3500 रुपये मासिक मिल रहे हैं। इससे परिवार का भरण पोषण नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। लेकिन प्रदेश सरकार ऐसा नहीं कर रही। कोषाध्यक्ष बृजेश सिंह भदौरिया ने कहा कि सम्मानजनक मानदेय के लिए शीघ्र फैसला नहीं लिया गया तो प्रदेश का एक-एक शिक्षामित्र विधान सभा चुनाव में सपा का खुलकर विरोध करेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश चतुर्वेदी और प्रवक्ता राम सिंह ने उग्र प्रर्दशन की चेतावनी दी। धरने में प्रीति गुप्ता, उमा देवी, सोना यादव, मतसेंद्र अरजरिया, राधेश्याम यादव, अमित कुमार, श्यामलाल, मनोज शुक्ला, नरेंद्र अग्निहोत्री इत्यादि शिक्षा मित्र शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अनशन स्थल पर संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम यादव ने कहा कि यह आंदोलन पूरे प्रदेश में शुरू हुआ है। अब भी प्रदेश सरकार मांग नहीं मानती तो विधान सभा चुनाव में इसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। जिला महामंत्री सुनील मिश्रा ने कहा कि मंहगाई के इस दौर में शिक्षा मित्रों को महज 3500 रुपये मासिक मिल रहे हैं। इससे परिवार का भरण पोषण नहीं हो सकता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। लेकिन प्रदेश सरकार ऐसा नहीं कर रही। कोषाध्यक्ष बृजेश सिंह भदौरिया ने कहा कि सम्मानजनक मानदेय के लिए शीघ्र फैसला नहीं लिया गया तो प्रदेश का एक-एक शिक्षामित्र विधान सभा चुनाव में सपा का खुलकर विरोध करेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश चतुर्वेदी और प्रवक्ता राम सिंह ने उग्र प्रर्दशन की चेतावनी दी। धरने में प्रीति गुप्ता, उमा देवी, सोना यादव, मतसेंद्र अरजरिया, राधेश्याम यादव, अमित कुमार, श्यामलाल, मनोज शुक्ला, नरेंद्र अग्निहोत्री इत्यादि शिक्षा मित्र शामिल रहे।
विज्ञापन