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मस्जिदे अक्सा में हमले से गुस्सा
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बांदा। यरूशलम में स्थित मुस्लिमों की सबसे पवित्र मस्जिद अल अक्सा में रमजान के आखिरी जुमा अलविदा पर नमाज अदा करने आए मुस्लिम रोजेदारों पर वहां तैनात इस्राइल पुलिस द्वारा चलाई गई रबर बुलेट (गोली) और आंसू गैस व मारपीट की घटना पर यहां मुस्लिम धर्मगुरुओं आदि ने विरोध जताते हुए इस्राइल की निंदा की है।
इसे मानवाधिकारों (इंसानी हुकूक) का उल्लंघन बताया है। शुक्रवार को अलविदा के मौके पर अल अक्सा मस्जिद में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी मुसलमान नमाज अदा करने गए थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। इस्राइल पुलिस ने उन्हें रोका। नमाजियों द्वारा विरोध करने पर उनकी झड़प हो गई और इस्राइल की पुलिस और सेना ने नमाजियों पर रबर की गोलियां चलाते हुए आंसू गैस का प्रयोग किया, जिससे दो सौ से ज्यादा रोजेदार घायल हो गए। रमजान जैसे मुबारक माह और अलविदा जैसे मुबारक मौके पर इस्राइली पुलिस व सेना की मस्जिद में मुस्लिमों पर ढाए गए जुल्म पर शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने इसकी सख्त निंदा की। संयुक्त राष्ट्र संघ (अकवामे मुत्तहदा) से इस पर कार्रवाई की मांग की।
नवाबी जामा मस्जिद व ईदगाह के मुतवल्ली डॉ. शेख सादी जमा ने रमजान माह में मस्जिद के अंदर नमाजी व रोजदारों को इस्राइल पुलिस की इस हरकत को शर्मनाक बताया। शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार यहां के मुस्लिमों की ओर से इस्राइल से इसका विरोध संदेश भेजें। धर्मगुरुओं ने कहा कि इस्राइल समेत दुनिया के तमाम देशों को हमारे मुल्क हिंदुस्तान से यह सबक व सीख लेनी चाहिए कि यहां किस तरह सभी धर्म के लोग एक-दूसरे के धर्मस्थलों और इबादतगाहों के प्रति पूरा सम्मान दर्शाते हैं।
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इसे मानवाधिकारों (इंसानी हुकूक) का उल्लंघन बताया है। शुक्रवार को अलविदा के मौके पर अल अक्सा मस्जिद में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी मुसलमान नमाज अदा करने गए थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। इस्राइल पुलिस ने उन्हें रोका। नमाजियों द्वारा विरोध करने पर उनकी झड़प हो गई और इस्राइल की पुलिस और सेना ने नमाजियों पर रबर की गोलियां चलाते हुए आंसू गैस का प्रयोग किया, जिससे दो सौ से ज्यादा रोजेदार घायल हो गए। रमजान जैसे मुबारक माह और अलविदा जैसे मुबारक मौके पर इस्राइली पुलिस व सेना की मस्जिद में मुस्लिमों पर ढाए गए जुल्म पर शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने इसकी सख्त निंदा की। संयुक्त राष्ट्र संघ (अकवामे मुत्तहदा) से इस पर कार्रवाई की मांग की।
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नवाबी जामा मस्जिद व ईदगाह के मुतवल्ली डॉ. शेख सादी जमा ने रमजान माह में मस्जिद के अंदर नमाजी व रोजदारों को इस्राइल पुलिस की इस हरकत को शर्मनाक बताया। शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन ने कहा कि भारत सरकार यहां के मुस्लिमों की ओर से इस्राइल से इसका विरोध संदेश भेजें। धर्मगुरुओं ने कहा कि इस्राइल समेत दुनिया के तमाम देशों को हमारे मुल्क हिंदुस्तान से यह सबक व सीख लेनी चाहिए कि यहां किस तरह सभी धर्म के लोग एक-दूसरे के धर्मस्थलों और इबादतगाहों के प्रति पूरा सम्मान दर्शाते हैं।
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