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Banda News: छेड़छाड़ में फंसे तिंदवारी चिकित्सा अधिकारी
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तिंदवारी (बांदा)। पीएचसी तिंदवारी के चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स की तहरीर पर छेड़छाड़ और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। नर्स ने डॉक्टर पर मंगलवार रात ड्यूटी के दौरान नशे में धुत होकर गलत नीयत से कक्ष में खींचने और विरोध करने पर संविदा समाप्त करने का आरोप लगाया है।
पीएचसी में संविदा पर कार्यरत स्टाफ नर्स ने पुलिस को तहरीर दी है। इसमें बताया कि मंगलवार को वह डयूटी पर थी। रात करीब 10 बजे वह ड्यूटी कक्ष में थी, तभी शराब के नशे में धुत प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लवलेश पटेल लड़खड़ाते हुए पहुंचे और छेड़छाड़ करते हुए अपने कमरे में चलने के लिए कहा। पीड़िता ने विरोध किया तो संविदा समाप्त करने की धमकी दी।
इस पर वह ड्यूटी कक्ष से बाहर आ गई। इसके बाद भी गाली गलौज करते हुए हाथ पकड़कर ड्यूटी कक्ष के अंदर खींचने लगा। शोर मचाने पर सफाईकर्मी और एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी आ गए। दोनों को देखकर आरोपी उसकी संविदा समाप्त करने की धमकी देते हुए अपने कमरे में चला गया।
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चर्चा है कि पीड़िता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के कमरे में देखा। वहां शराब की बोतलें, मीट व अन्य सामान बिखरा पड़ा था। इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लवलेश पटेल पर छेड़छाड़ व एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लवलेश पटेल का कहना है कि स्टॉफ नर्स ड्यूटी पर नहीं थी। उन्होंने उससे ड्यूटी कक्ष में मौजूद रहने की बात कही थी। छेड़छाड़ के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्हें फंसाया जा रहा है।
वर्जन
प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा स्टॉफ नर्स से छेड़छाड़ के मामले की जांच की जा रही है । जांच में दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनिल श्रीवास्तव, सीएमओ।
स्टॉफ नर्स ने बताया कि घटना मंगलवार रात 10 बजे की है। सूचना पर यूपी-112 पुलिस के अलावा कोई नहीं आया, सीएमओ भी अगले दिन बांदा आने के लिए कहकर टाल रहे थे। तब उसने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की। इसके बाद देर रात ही सीएमओ समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और रात दो बजे मुकदमा दर्ज किया गया। कहा कि उसे भरोसा है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री न्याय दिलाएंगे।
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पीएचसी में संविदा पर कार्यरत स्टाफ नर्स ने पुलिस को तहरीर दी है। इसमें बताया कि मंगलवार को वह डयूटी पर थी। रात करीब 10 बजे वह ड्यूटी कक्ष में थी, तभी शराब के नशे में धुत प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लवलेश पटेल लड़खड़ाते हुए पहुंचे और छेड़छाड़ करते हुए अपने कमरे में चलने के लिए कहा। पीड़िता ने विरोध किया तो संविदा समाप्त करने की धमकी दी।
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इस पर वह ड्यूटी कक्ष से बाहर आ गई। इसके बाद भी गाली गलौज करते हुए हाथ पकड़कर ड्यूटी कक्ष के अंदर खींचने लगा। शोर मचाने पर सफाईकर्मी और एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी आ गए। दोनों को देखकर आरोपी उसकी संविदा समाप्त करने की धमकी देते हुए अपने कमरे में चला गया।
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चर्चा है कि पीड़िता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के कमरे में देखा। वहां शराब की बोतलें, मीट व अन्य सामान बिखरा पड़ा था। इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लवलेश पटेल पर छेड़छाड़ व एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लवलेश पटेल का कहना है कि स्टॉफ नर्स ड्यूटी पर नहीं थी। उन्होंने उससे ड्यूटी कक्ष में मौजूद रहने की बात कही थी। छेड़छाड़ के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्हें फंसाया जा रहा है।
वर्जन
प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा स्टॉफ नर्स से छेड़छाड़ के मामले की जांच की जा रही है । जांच में दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अनिल श्रीवास्तव, सीएमओ।
स्टॉफ नर्स ने बताया कि घटना मंगलवार रात 10 बजे की है। सूचना पर यूपी-112 पुलिस के अलावा कोई नहीं आया, सीएमओ भी अगले दिन बांदा आने के लिए कहकर टाल रहे थे। तब उसने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की। इसके बाद देर रात ही सीएमओ समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और रात दो बजे मुकदमा दर्ज किया गया। कहा कि उसे भरोसा है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री न्याय दिलाएंगे।