फीवर से तीन की मौत
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बांदा। जानलेवा बुखार ने एक किसान समेत तीन लोगों की जान ले ली। पिछले एक हफ्ते में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई। उधर, दस नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।कमासिन पीएचसी क्षेत्र के सांड़ासानी गांव में फेरन (50) को तीन दिन से बुखार था। परिजनों ने दो दिन बबेरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया। हालत में सुधार न होने पर शनिवार को सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ ही देर बाद यहां उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के ईएमओ डा. विनीत सचान ने वायरल फीवर की पुष्टि की। उधर, शनिवार को बुखार के 10 नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।
उधर, जसपुरा प्रतिनिधि के मुताबिक रामफल (36) पुत्र धुनुवा निषाद (जसपुरा) को तीन दिन से बुखार था। शनिवार को उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे जिला अस्पताल ला रहे थे तभी रास्ते में मौत हो गई। मृतक रामफल मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। अपने पीछे चार मासूम बच्चियां छोड़ गया है। इसके पहले 14 सितंबर को आरजू (8) पुत्री रामबाबू और 4 सितंबर को उर्मिला (32) पत्नी शिवबाबू विश्वकर्मा (तरौड़ा) की बुखार से मौत हो गई थी। कस्बे में गुड़िया (13), संतोष (9), सीमांत (14) और सियारानी (65) समेत दर्जन भर लोग बुखार से पीड़ित हैं। बबेरू क्षेत्र के मियां बरौली गांव निवासी जयहिंद की दो वर्षीय पुत्री शीलू को वायरल फीवर होने पर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करा रहे थे। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान देर शाम उसकी मौत हो गई।
एक अन्य घटना में मोहन पुरवा (मटौंध) गांव निवासी कोमल (9) पुत्री जुग्गू को बुखार आने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार की शाम परिजन उसे जिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर एक प्राइवेट अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के ईएमओ डा.प्रदीप गुप्ता ने बताया कि दोनों बालिकाओं की मौत वायरल फीवर से हुई है।