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Banda News: तीन अलमारियां सील, वरिष्ठ सहायक को बड़े बाबू का दायित्व
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बांदा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में रिलीव होने के पखवारे भर बाद भी पटल न छोड़ने पर एसई ने वरिष्ठ सहायक का दायित्व देख रहे चालक की आलमारियां सील करा दीं। उधर, एसई ने वरिष्ठ सहायक को बड़े बाबू का दायित्व सौंपा है, पर चालक ने रिलीव होने के बाद अभी तक चार्ज नहीं दिया। शुक्रवार को बाबू की कुर्सी खाली पड़ी रही।
अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में आरईएस विभाग में तैनात लिपिक के रिलीव करने के बाद भी पटल न छोड़ने की खबर को फोटो के साथ प्रमुखता से प्रकाशित की। आरईएस के अधीक्षण अभियंता रजनीश कुमार ने खबर का संज्ञान लिया और मातहतों को निर्देश देकर पटल में रखीं तीन आलमारियां सील करा दीं। यदि रिलीव हुए चालक (मौजूदा समय में बाबू) खालिद मंसूरी ने खोली तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शासन के निर्देश पर चालक पद पर तैनात खालिद मंसूरी को वरिष्ठ सहायक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह यहां करीब नौ साल से यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। करीब 25 वर्ष से यहां एक ही जनपद में जमें खालिद मंसूरी का कई बार तबादला हुआ, पर रसूख के चलते वह रहीं रहे।
13 जून को निदेशक ने कड़ी आपत्ति जाहिर की और तबादला करते हुए तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश अधीक्षण अभियंता को दिए। एसई ने उन्हें उसी दिन कार्यमुक्त कर दिया था। इसके बाद भी वह धड़ल्ले से कार्यालय पहुंच अपने पटल पर बैठते रहे और फाइलों में हस्ताक्षर करते रहे। शुक्रवार को खबर छपने के बाद यहां का नजारा बदला नजर आए। खालिद मंसूरी की कुर्सी सूनी पड़ी रही और तीनों आलमारियां सील मिलीं।
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वरिष्ठ सहायक ऋषि साहू ने बताया कि अब खालिद मंसूरी यदि आलमारी खोलते हैं तो कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कार्यमुक्त होने के बाद वह चार्ज भी नहीं दे रहे हैं। यदि एक माह के अंदर चार्ज नहीं देते तो निदेशक को लिखा पढ़ी कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में आरईएस विभाग में तैनात लिपिक के रिलीव करने के बाद भी पटल न छोड़ने की खबर को फोटो के साथ प्रमुखता से प्रकाशित की। आरईएस के अधीक्षण अभियंता रजनीश कुमार ने खबर का संज्ञान लिया और मातहतों को निर्देश देकर पटल में रखीं तीन आलमारियां सील करा दीं। यदि रिलीव हुए चालक (मौजूदा समय में बाबू) खालिद मंसूरी ने खोली तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शासन के निर्देश पर चालक पद पर तैनात खालिद मंसूरी को वरिष्ठ सहायक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह यहां करीब नौ साल से यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। करीब 25 वर्ष से यहां एक ही जनपद में जमें खालिद मंसूरी का कई बार तबादला हुआ, पर रसूख के चलते वह रहीं रहे।
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13 जून को निदेशक ने कड़ी आपत्ति जाहिर की और तबादला करते हुए तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश अधीक्षण अभियंता को दिए। एसई ने उन्हें उसी दिन कार्यमुक्त कर दिया था। इसके बाद भी वह धड़ल्ले से कार्यालय पहुंच अपने पटल पर बैठते रहे और फाइलों में हस्ताक्षर करते रहे। शुक्रवार को खबर छपने के बाद यहां का नजारा बदला नजर आए। खालिद मंसूरी की कुर्सी सूनी पड़ी रही और तीनों आलमारियां सील मिलीं।
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वरिष्ठ सहायक ऋषि साहू ने बताया कि अब खालिद मंसूरी यदि आलमारी खोलते हैं तो कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कार्यमुक्त होने के बाद वह चार्ज भी नहीं दे रहे हैं। यदि एक माह के अंदर चार्ज नहीं देते तो निदेशक को लिखा पढ़ी कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।