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Banda News: कमर तक पानी में डूबी जिंदगी की गाड़ी...
Fri, 21 Aug 2026 11:10 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 21 Aug 2026 11:10 PM IST
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फोटो-27- गांव अहार के पानी भरे रपटा से होकर गुजरते ग्रामीण। संवाद
बबेरू। बारिश के बाद नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से रपटे ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गए हैं। बबेरू क्षेत्र के अहार गांव में मटियारा नाले पर बना रपटा करीब चार फीट पानी में डूब गया है।
इसके बावजूद ग्रामीण और स्कूली बच्चे इसी रास्ते से कमर तक पानी में आवागमन करने को मजबूर हैं। पानी का तेज बहाव होने से हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक मटियारा नाले में बिसंडा नहर से पानी आता है और आगे जाकर यह गड़रा नदी में मिलता है। नाले पर हाल ही में चेकडैम का निर्माण कराया गया है। चेकडैम के पानी की निकासी के लिए बनाई गई पुलिया रपटे से अधिक ऊंचाई पर होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इससे नाले का बहाव बढ़ते ही रपटे के ऊपर तेज बहाव के साथ पानी भर जाता है।
शुक्रवार को रपटे पर करीब चार फीट पानी बह रहा था। रपटा जलमग्न होने से अहार गांव स्थित राजकीय हाईस्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है। विद्यालय पहुंचने के लिए बच्चों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण लोगों के सामने मजबूरी है।
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ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से रपटे पर पानी की निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चेकडैम की पुलिया की ऊंचाई और पानी निकासी की तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। बारिश जारी रहने पर नाले में पानी और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में ग्रामीणों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द कार्रवाई जरूरी है।
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तेज बहाव में डूबते युवकों को बचाया
समाजसेवी पीसी पटेल ने बताया कि दो दिन पहले कुछ युवक रपटे से होकर निकल रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में कूदकर युवकों को बाहर निकाला। समय रहते मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि रपटे के आसपास के कुछ घरों तक भी पानी पहुंचने लगा है, जिससे लोगों में भय बना हुआ है।
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इसके बावजूद ग्रामीण और स्कूली बच्चे इसी रास्ते से कमर तक पानी में आवागमन करने को मजबूर हैं। पानी का तेज बहाव होने से हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक मटियारा नाले में बिसंडा नहर से पानी आता है और आगे जाकर यह गड़रा नदी में मिलता है। नाले पर हाल ही में चेकडैम का निर्माण कराया गया है। चेकडैम के पानी की निकासी के लिए बनाई गई पुलिया रपटे से अधिक ऊंचाई पर होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इससे नाले का बहाव बढ़ते ही रपटे के ऊपर तेज बहाव के साथ पानी भर जाता है।
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शुक्रवार को रपटे पर करीब चार फीट पानी बह रहा था। रपटा जलमग्न होने से अहार गांव स्थित राजकीय हाईस्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है। विद्यालय पहुंचने के लिए बच्चों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण लोगों के सामने मजबूरी है।
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ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से रपटे पर पानी की निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चेकडैम की पुलिया की ऊंचाई और पानी निकासी की तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। बारिश जारी रहने पर नाले में पानी और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में ग्रामीणों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द कार्रवाई जरूरी है।
तेज बहाव में डूबते युवकों को बचाया
समाजसेवी पीसी पटेल ने बताया कि दो दिन पहले कुछ युवक रपटे से होकर निकल रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में कूदकर युवकों को बाहर निकाला। समय रहते मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि रपटे के आसपास के कुछ घरों तक भी पानी पहुंचने लगा है, जिससे लोगों में भय बना हुआ है।