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फसल के सदमे में कर्जदार किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:39 PM IST
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पिपरहरी। फसल के सदमे ने एक और कर्जदार किसान की जान
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ले ली। दिल का दौरा पडने से उसकी मौत हो गई। उस पर बैंक और साहूकारों का
लगभग पांच लाख रुपये का कर्ज था।
पैलानी तहसील के पिपरहरी गांव निवासी रामराज सिंह गौर उर्फ बुद्धराज (60) पुत्र श्रीपाल सिंह बुधवार को सुबह खेत गए थे। फसल की हालत और खेत से नमी गायब देख उसे वहीं गहरा सदमा लगा।
दिल का दौरा पडने से वह खेत की मेड़ पर लडख़ड़ा कर गिर पड़े। आसपास खेतों में मौजूद तमाम किसान मदद को पहुंच गए। परिजन उसे एंबुलेंस से सीएचसी तिंदवारी लेकर आए।
यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर वालों ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सूचना दिए बगैर गांव में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुत्र रामदास सिंह ने बताया कि मृतक के नाम 15 बीघा जमीन थी। खेती-किसानी के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पपरेंदा शाखा का तीन लाख रुपये कर्ज ले रखा था।
इसके अलावा गांव के साहूकारों से भी दो लाख रुपये कर्ज लिया था। बताया कि फसल और कर्ज के सदमे में दिल का दौरा पडने से मौत हो गई।
किसान की मौत होने से पुत्री की शादी खटाई में पड़ गई। पुत्र रामदास के मुताबिक बहन पिंकी की शादी अगले माह 28 जनवरी को होनी है। मलमास खत्म होने के बाद तिलक करने जाना था।
लेकिन पिता की मौत से बहन की शादी पर ब्रेक लग गया। बताया कि इतनी जल्दी बहन की शादी कर पाना असंभव है। सरकारी मदद मिली तो शादी की रस्में पूरी कराई जाएंगी।
पैलानी तहसील के पिपरहरी गांव निवासी रामराज सिंह गौर उर्फ बुद्धराज (60) पुत्र श्रीपाल सिंह बुधवार को सुबह खेत गए थे। फसल की हालत और खेत से नमी गायब देख उसे वहीं गहरा सदमा लगा।
दिल का दौरा पडने से वह खेत की मेड़ पर लडख़ड़ा कर गिर पड़े। आसपास खेतों में मौजूद तमाम किसान मदद को पहुंच गए। परिजन उसे एंबुलेंस से सीएचसी तिंदवारी लेकर आए।
यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर वालों ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सूचना दिए बगैर गांव में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुत्र रामदास सिंह ने बताया कि मृतक के नाम 15 बीघा जमीन थी। खेती-किसानी के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक पपरेंदा शाखा का तीन लाख रुपये कर्ज ले रखा था।
इसके अलावा गांव के साहूकारों से भी दो लाख रुपये कर्ज लिया था। बताया कि फसल और कर्ज के सदमे में दिल का दौरा पडने से मौत हो गई।
किसान की मौत होने से पुत्री की शादी खटाई में पड़ गई। पुत्र रामदास के मुताबिक बहन पिंकी की शादी अगले माह 28 जनवरी को होनी है। मलमास खत्म होने के बाद तिलक करने जाना था।
लेकिन पिता की मौत से बहन की शादी पर ब्रेक लग गया। बताया कि इतनी जल्दी बहन की शादी कर पाना असंभव है। सरकारी मदद मिली तो शादी की रस्में पूरी कराई जाएंगी।