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गोशालाओं का पैसा मवेशियों पर पूरा नहीं हुआ खर्च

Tue, 05 Apr 2022 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 11:06 PM IST
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The money of cowsheds was not spent on cattle
जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद। - फोटो : BANDA
बांदा। राजनीतिक जुमलेबाजी से फिलहाल अछूते और सीधी सपाट बातचीत के आदी प्रदेश के नवनियुक्त जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने बेबाकी से स्वीकारा है कि अन्ना मवेशी न सिर्फ बांदा बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गंभीर समस्या हैं। सरकार इसके निदान के प्रयास कर रही है।
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गोशालाओं को भरपूर पैसा दिया जा रहा है, लेकिन मवेशियों पर पूरा खर्च नहीं हो रहा है। इस गड़बड़ी को उन्होंने चिह्नित किया है। इसके दोषियों पर खुद कार्रवाई करवाएंगे। इसके अलावा उन्होंने स्वीकार किया कि उनके गृह जनपद बांदा में उनके मंत्रालय वाली पेयजल योजनाओं में सब ठीक नहीं है।
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इसीलिए अफसरों से दो टूक कहा है कि अब तक जो चलता रहा वो ठीक है, लेकिन जो कमियां हैं शीघ्र दूर करें। वर्ना कार्रवाई को तैयार रहें। राज्यमंत्री पद पर ताजपोशी के बाद गृह जनपद आए निषाद से मंगलवार को हुई बातचीत के मुख्य अंश-
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अन्ना मवेशी बड़ी समस्या हैं। गोशालाओं में चारा, भूसा-पानी की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं? मवेशियों की मौत हो रही हैं? आप इस पर क्या करेंगे?
राज्यमंत्री- वास्तव में यहां अन्ना मवेशियों की बहुत बड़ी समस्या है। सरकार भी संज्ञान ले रही है। ग्राम पंचायत और ब्लाक स्तर पर गोशालाओं के लिए मांग के मुताबिक जो पैसा दिया जा रहा है, गोशालाओं में उतना खर्च नहीं हो रहा। गोशालाओं के लिए सरकार जो पैसा दे रही है, उसे शत-प्रतिशत मवेशियों पर ही खर्च करवाएंगे। गड़बड़ी में पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ वह स्वयं कार्रवाई करवाएंगे।
आपके मंडल और जनपद में जल शक्ति मंत्रालय की योजनाओं पर क्या कहना है?
राज्यमंत्री- बांदा आकर सबसे पहले अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित परियोजनाओं के बारे में जानकारी ली है। किस परियोजना पर कितना काम हुआ है? पूरा न होने के क्या कारण हैं? यह सब दो दिन के अंदर जवाब मांगा है। परियोजनाओं को उनकी जरूरत के मुताबिक जल्द पूरा कराया जाएगा।
बांदा में जल शक्ति मंत्रालय के कार्यालय में मात्र एक लिपिक है, स्टाफ तक नहीं है?
राज्यमंत्री- जनपद में पेयजल की कोई समस्या नहीं होने दूंगा। कार्यालय आदि में जो अव्यवस्थाएं हैं, उन्हें सही करने में कुछ वक्त लगेगा। जितना जल्दी होगा सबसे पहले पेयजल समस्या को दूर करूंगा। अधिकारियों से साफ कह दिया है कि जो कमियां हैं, उन्हें तत्काल सही करा लें।

जल शक्ति मंत्रालय से अमलीकौर और खटान पेयजल योजनाएं चल रही हैं? पाइप लाइन का काम अभी बहुत कम हुआ है?
राज्यमंत्री- अमलीकौर और खटान परियोजनाएं दोनों ही हमारे जनपद के लिए महत्वाकांक्षी हैं। संबंधित अधिकारियों से इसकी प्रगति रिपोर्ट समीक्षा बैठक में तलब की है। कम समय में ही दोनों परियोजनाएं पूरी होंगी। परिश्रम की पराकाष्ठा तक काम कर पेयजल समस्याओं को दूर करेंगे।
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