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हॉलिंग कमेटी ने मिल में जांचीं चावल की गुणवत्ता
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अतर्रा। डीएम के निर्देश पर गठित हॉलिंग कमेटी ने सरकारी खरीद केंद्रों से खरीदे गए हाइब्रिड व कॉमन धान की अखिल भुवन इंडस्ट्रीज में कुटाई कराकर गुणवत्ता परखी। शनिवार को एडीएम संतोष बहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम ने 100 क्विंटल धान की कुटाई कराई।
उन्होंने बताया कि चावल उत्पादन में सरकारी मानकों की कमी पाई गई है। डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। एफबीआई क्वालिटी नियंत्रण मैनेजर डीके रतीम ने कहा कि केंद्र सरकार के तय मानकों पर चावल मिलर्स से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि दराई के बाद नतीजे संतोषजनक नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन मंडल उपाध्यक्ष बलराम तिवारी व महेंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि खरीदा गया धान अनुबंध के तहत मिलरों को दिया जाता है। मिलर्स धान की दराई कर एफसीआई में चावल जमा कराते हैं। कुछ दिन पूर्व भारतीय खाद्य निगम के डिपो प्रभारी ने मानकों में कमी दर्शाते हुए चावल लेने से मना कर दिया था।
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इस पर मिलर्स ने भी सरकारी धान खरीद केंद्रों से धान उठान करने से हाथ खड़े कर दिए। इस पर डीएम आनंद कुमार सिंह ने 11 सदस्यीय टीम गठित की है।
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उन्होंने बताया कि चावल उत्पादन में सरकारी मानकों की कमी पाई गई है। डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। एफबीआई क्वालिटी नियंत्रण मैनेजर डीके रतीम ने कहा कि केंद्र सरकार के तय मानकों पर चावल मिलर्स से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि दराई के बाद नतीजे संतोषजनक नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन मंडल उपाध्यक्ष बलराम तिवारी व महेंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि खरीदा गया धान अनुबंध के तहत मिलरों को दिया जाता है। मिलर्स धान की दराई कर एफसीआई में चावल जमा कराते हैं। कुछ दिन पूर्व भारतीय खाद्य निगम के डिपो प्रभारी ने मानकों में कमी दर्शाते हुए चावल लेने से मना कर दिया था।
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इस पर मिलर्स ने भी सरकारी धान खरीद केंद्रों से धान उठान करने से हाथ खड़े कर दिए। इस पर डीएम आनंद कुमार सिंह ने 11 सदस्यीय टीम गठित की है।