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Banda News: चार दिन बाद छात्रों की समस्याएं जानने पहुंचे डीएम

Fri, 02 Oct 2026 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:09 PM IST
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The District Magistrate arrived four days later to hear the students' grievances.
फोटो-2-डीएम अमित आसेरी को अव्यवस्थाएं दिखाते अभाविप के जिला संयोजक कार्तिकेय गुप्ता । अमर उजाला
बांदा। महिला छात्रावास के संचालन समेत नौ मांगों लेकर धरने पर बैठे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों के आगे चार दिन बाद प्रशासन को झुकना ही पड़ा। डीएम अमित आसेरी ने मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर चर्चा की और कॉलेज में चल रही समस्याओं को भी देखा। सभी मांगों के पूरा करने के लिए एक लिखित डेडलाइन भी तय की गई।
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सोमवार को अभाविप के जिला संयोजक कार्तिकेय गुप्ता के नेतृत्व में छात्रों ने पंडित जवाहर लाल नेहरू कॉलेज के बाहर प्रदर्शन शुरू किया था। मुख्य रूप से उनकी मांग सालों से बंद पड़े महिला छात्रावास का संचालन शुरू कराने के साथ ही कॉलेज की समस्याओं और भ्रष्टाचार को दूर कराना था।
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प्रदर्शन में पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार और सीओ सौरभ सिंह को छात्रों ने ज्ञापन देने से मना कर दिया था। उनकी एक ही मांग थी कि डीएम खुद आकर ज्ञापन लें और उन्हें मांगें पूरी करने का आश्वासन दें। लेकिन डीएम को पहुंचने में चार दिन लग गए। इस दौरान दिन-रात छात्र-छात्राएं धरने पर डटे रहे।
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शुक्रवार को सुबह डीएम अमित आसेरी, एसपी पलाश बंसल पूरे अमले के साथ ही धरना स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने छात्रों से उनकी मांगें जानीं। साथ ही कॉलेज का और बंद पड़े महिला छात्रावास का निरीक्षण भी किया। उन्होंने छात्रों को प्रत्येक कार्य के लिए लिखित आश्वासन भी दिलाया।


क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी दीपाली की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन के अनुसार एक नवंबर से महिला छात्रावास में प्रवेश शुरू कर दिए जाएंगे। इसके अलावा चार अक्तूबर तक महाविद्यालय की सभी समितियों का गठन, खेल सामग्री की जांच के लिए 18 अक्तूबर से तीन नवंबर का समय और बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए तीन माह का समय दिया गया है। अन्य मांगों पर भी 10 से 15 दिन की समय-सीमा तय की गई है।
संयोजक कार्तिकेय गुप्ता ने कहा कि यह बांदा की जीत नहीं बल्कि पूरे देश के छात्रों की जीत है। जब भी आवश्यकता पड़ेगी छात्र हर मोर्चे पर डटे रहेंगे।
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