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स्वराज अभियान के लिए सड़कों पर प्रधान
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:01 AM IST
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कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते ग्राम प्रधान।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। ग्राम स्वराज जागृति अभियान की शुरुआत करते हुए सात प्रमुख मांगों को लेकर ग्राम प्रधान सड़कों पर उतर आए हैं। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले प्रदेश में एक सितंबर में शुरू हुई अभियान की यात्रा गुरुवार को बांदा में थी। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे।
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गुरुवार को संगठन की टोपियां लगाए सैकड़ों प्रधान कलेक्ट्रेट पहुंचे। अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। ज्ञापन में कहा गया कि 73वें संविधान संशोधन के तहत ग्राम पंचायताें को पूरे अधिकार दिए जाने चाहिए।
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पूरे देश में एक समान पंचायतीराज व्यवस्था सांसदों और लोक सभा सचिवों की तरह प्रधानों को भी पंचायत अधिकारी से अधिक कम से कम 30 हजार रुपये वेतन और बाद में 10 हजार रुपये पेंशन दी जाए। आकस्मिक निधन होने पर आश्रितों को दो लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। सामाजिक व आर्थिक सर्वे दोबारा हो, प्रदेश सरकार द्वारा 10 जून 2016 को जारी शासनादेश वापस लिया जाए और विधान परिषद चुनाव में निकाय कोटे से ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को भी प्रत्याशी बनाने का कानून बनाया जाए।
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ज्ञापन और प्रदर्शन में संगठन के जिलाध्यक्ष संकटा प्रसाद त्रिपाठी, जिला प्रभारी सुशील सिंह सहित रामबहोरी कुशवाहा, हरिश्चंद्र यादव, कामता प्रसाद सोनकर, तुफैल, अनवरी, देशराज, सुदामा देवी, मुन्नीलाल साहू, राघवेंद्र सिंह, शिवगोविंद यादव, देशराज पटेल, राममूरत पटेल आदि सहित तमाम गांवों के प्रधान शामिल रहे।