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जेई के निलंबन पर अवर अभियंताओं की हड़ताल शुरू
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धरना प्रदर्शन करते बिजली विभाग के जेई।
- फोटो : BANDA
खप्टिहाकलां गोशाला में एचटी लाइन टूटकर गिरने से 21 गायों की करंट से मौत पर कालेश्वर सब स्टेशन के अवर अभियंता दिलीप कुमार को निलंबित कर दिया गया था। इसके विरोध में मंगलवार को राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने बेमियादी धरना और आंदोलन शुरू कर दिया। अधीक्षण अभियंता कार्यालय में धरना दिया जा रहा है।
संगठन के जनपद अध्यक्ष राजेश श्रीवास, सचिव कांता प्रसाद और प्रचार सचिव अल्ताफ हुसैन ने कहा कि स्थानीय ऊर्जा प्रबंधन की मनमानी और तानाशाही से अवर अभियंता का निलंबन किया गया है।
कई बार अनुरक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई। लेकिन नहीं दिए गए। सर्किट ब्रेकर के पार्ट भी उपलब्ध नहीं हैं। उप केंद्रों में जर्जर उपकरण लगे हुए हैं। ऐसे में अवर अभियंताओं पर दोषारोपण करके उन्हें निलंबित किया जाना साजिश है। जिस गोशाला में दुर्घटना हुई वह गोशाला एचटी लाइन के नीचे बिना अनुमति के बनाई गई थी, यह नियम विरोधी है।
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धरना सभा में निर्णय लिया गया कि अवर अभियंता का निलंबन वापस न होने पर जनपद के सभी अवर अभियंता/प्रोन्नत अभियंता हड़ताल पर रहेंगे। मांग पूरी नहीं हुई तो यह हड़ताल पूरे मंडल में फैल जाएगी।
सभा की अध्यक्षता अध्यक्ष और संचालन सचिव ने किया। मोहम्मद सिद्दीक अहमद, ज्ञानेश कुमार, आरपी सिंह, दिलीप कुमार, सुशील पटेल, रविकांत, रजनेश, विवेक सिंह, राहुल सिंह, गंगादीन, जीसी विश्वकर्मा, निर्मल कुशवाहा, राजेश सिंह, मोहित सिंह आदि शामिल रहे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति बुधवार को मुख्य अभियंता कार्यालय में धरना देकर कार्य बहिष्कार करेगी। इसमें सभी विभागीय अभियंता और नियमित और संविदा कर्मचारी शामिल होंगे।
समिति संयोजक पीयूष द्विवेदी ने बताया कि यह आंदोलन निजीकरण और श्रम कानूनों में अनुचित संशोधन आदि के विरोध में राष्ट्र स्तर पर हो रहा है। महामंत्री अनिल यादव, अतिरिक्त जोनल मंत्री आनंद पाल ने भी पावर कार्पोरेशन निगमों का एकीकरण कर परिषद का गठन, पुरानी पेंशन बहाली आदि की मांगें कीं।
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संगठन के जनपद अध्यक्ष राजेश श्रीवास, सचिव कांता प्रसाद और प्रचार सचिव अल्ताफ हुसैन ने कहा कि स्थानीय ऊर्जा प्रबंधन की मनमानी और तानाशाही से अवर अभियंता का निलंबन किया गया है।
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कई बार अनुरक्षण सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई। लेकिन नहीं दिए गए। सर्किट ब्रेकर के पार्ट भी उपलब्ध नहीं हैं। उप केंद्रों में जर्जर उपकरण लगे हुए हैं। ऐसे में अवर अभियंताओं पर दोषारोपण करके उन्हें निलंबित किया जाना साजिश है। जिस गोशाला में दुर्घटना हुई वह गोशाला एचटी लाइन के नीचे बिना अनुमति के बनाई गई थी, यह नियम विरोधी है।
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धरना सभा में निर्णय लिया गया कि अवर अभियंता का निलंबन वापस न होने पर जनपद के सभी अवर अभियंता/प्रोन्नत अभियंता हड़ताल पर रहेंगे। मांग पूरी नहीं हुई तो यह हड़ताल पूरे मंडल में फैल जाएगी।
सभा की अध्यक्षता अध्यक्ष और संचालन सचिव ने किया। मोहम्मद सिद्दीक अहमद, ज्ञानेश कुमार, आरपी सिंह, दिलीप कुमार, सुशील पटेल, रविकांत, रजनेश, विवेक सिंह, राहुल सिंह, गंगादीन, जीसी विश्वकर्मा, निर्मल कुशवाहा, राजेश सिंह, मोहित सिंह आदि शामिल रहे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति बुधवार को मुख्य अभियंता कार्यालय में धरना देकर कार्य बहिष्कार करेगी। इसमें सभी विभागीय अभियंता और नियमित और संविदा कर्मचारी शामिल होंगे।
समिति संयोजक पीयूष द्विवेदी ने बताया कि यह आंदोलन निजीकरण और श्रम कानूनों में अनुचित संशोधन आदि के विरोध में राष्ट्र स्तर पर हो रहा है। महामंत्री अनिल यादव, अतिरिक्त जोनल मंत्री आनंद पाल ने भी पावर कार्पोरेशन निगमों का एकीकरण कर परिषद का गठन, पुरानी पेंशन बहाली आदि की मांगें कीं।