{"_id":"63fd03e9e65afd0cb9057f44","slug":"stf-raid-three-hours-inquiry-in-five-houses-banda-news-c-12-1-100373-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: एसटीएफ का छापा, पांच घरों में तीन घंटे पूछताछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: एसटीएफ का छापा, पांच घरों में तीन घंटे पूछताछ
Tue, 28 Feb 2023 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 28 Feb 2023 12:56 AM IST
विज्ञापन
बांदा। लखनऊ से आई एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस फोर्स के साथ रविवार रात तीन घंटे में शहर के मोहल्ला अलीगंज निवासी ठेकेदार समेत पांच घरों पर छापा मारा। कड़ाई से पूछताछ की गई। ठेकेदार के बेटे को टीम हिरासत में साथ ले गई है। छापामारी की वजह बाहुबली मुख्तार अंसारी और उनके विधायक बेटे अब्बास अंसारी की मदद करना बताया जा रहा है।
अलीगंज स्थित रामा के इमामबाड़े के नजदीक ठेकेदार के मकान में लखनऊ एसटीएफ ने भारी पुलिस बल के साथ छापा मारा। देर रात तक तलाशी और परिवार के सदस्यों से पूछताछ हुई। लगभग तीन घंटे तक मोहल्ला पुलिस छावनी में तब्दील रहा। वहां से गुजरने वालों को भी रोका-टोका जाता रहा। किसी को रुकने भी नहीं दिया। एसटीएफ और पुलिस की इस सख्ती से आसपास दहशत का आलम रहा। दूसरी तरफ ठेकेदार के घर पर एसटीएफ के छापा मारने की जानकारी होने पर उनसे जुड़े लोग भी सहमे रहे। उनके पार्टनर सहित आसपास रहने वाले कई परिचित घरों में ताला डालकर चले गए। उनमें दहशत थी कि ठेकेदार से संपर्क होने पर कहीं एसटीएफ या पुलिस उनके घर न आ जाए।
सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने ठेकेदार के पुत्र जुनैद को उसके घर से नहीं बल्कि पड़ोसी के घर से पकड़ा था। वह बाजार से सामान लेकर मित्र के पास पहुंचा था। तभी एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि जुनैद के ठेकेदार पिता रफीकुस्समद माफिया मुख्तार अंसारी के नजदीकी रहे हैं। विधायक अब्बास अंसारी से टेलीफोन से बातचीत होने और जेल में खाने-पीने की सामग्री पहुंचाने पर एसटीएफ ने छापा मारा। जबकि कुछ लोग इस कार्रवाई को प्रयागराज में विधायक राजू पाल के मुख्य गवाह की हत्या से जोड़कर देख रहे हैं। तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
विज्ञापन
सीएम के संदेश के बाद शुरू हुई सख्ती
बांदा। प्रयागराज में विधायक राजू पाल के मुख्य गवाह उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या और फिर मुख्यमंत्री के सदन में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने के संदेश के बाद पुलिस और एसटीएफ सक्रिय भूमिका में नजर आने लगी है। बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी बांदा जेल में करीब तीन साल से हैं, लेकिन अब तक पुलिस या एसटीएफ ने उनके संपर्क में आने वालों के घर छापेमारी नहीं की। मुख्तार के विधायक बेटे अब्बास अंसारी के चित्रकूट जेल में बंद होने पर भी सक्रियता नजर नहीं आई। लेकिन प्रयागराज की घटना के बाद माफियाओं और उनके संपर्क वालों के घरों पर दबिशें शुरू हो गईं। ठेकेदार के घर एसटीएफ का छापा इसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है।
विज्ञापन
अलीगंज स्थित रामा के इमामबाड़े के नजदीक ठेकेदार के मकान में लखनऊ एसटीएफ ने भारी पुलिस बल के साथ छापा मारा। देर रात तक तलाशी और परिवार के सदस्यों से पूछताछ हुई। लगभग तीन घंटे तक मोहल्ला पुलिस छावनी में तब्दील रहा। वहां से गुजरने वालों को भी रोका-टोका जाता रहा। किसी को रुकने भी नहीं दिया। एसटीएफ और पुलिस की इस सख्ती से आसपास दहशत का आलम रहा। दूसरी तरफ ठेकेदार के घर पर एसटीएफ के छापा मारने की जानकारी होने पर उनसे जुड़े लोग भी सहमे रहे। उनके पार्टनर सहित आसपास रहने वाले कई परिचित घरों में ताला डालकर चले गए। उनमें दहशत थी कि ठेकेदार से संपर्क होने पर कहीं एसटीएफ या पुलिस उनके घर न आ जाए।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने ठेकेदार के पुत्र जुनैद को उसके घर से नहीं बल्कि पड़ोसी के घर से पकड़ा था। वह बाजार से सामान लेकर मित्र के पास पहुंचा था। तभी एसटीएफ ने उसे पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि जुनैद के ठेकेदार पिता रफीकुस्समद माफिया मुख्तार अंसारी के नजदीकी रहे हैं। विधायक अब्बास अंसारी से टेलीफोन से बातचीत होने और जेल में खाने-पीने की सामग्री पहुंचाने पर एसटीएफ ने छापा मारा। जबकि कुछ लोग इस कार्रवाई को प्रयागराज में विधायक राजू पाल के मुख्य गवाह की हत्या से जोड़कर देख रहे हैं। तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
विज्ञापन
सीएम के संदेश के बाद शुरू हुई सख्ती
बांदा। प्रयागराज में विधायक राजू पाल के मुख्य गवाह उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या और फिर मुख्यमंत्री के सदन में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने के संदेश के बाद पुलिस और एसटीएफ सक्रिय भूमिका में नजर आने लगी है। बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी बांदा जेल में करीब तीन साल से हैं, लेकिन अब तक पुलिस या एसटीएफ ने उनके संपर्क में आने वालों के घर छापेमारी नहीं की। मुख्तार के विधायक बेटे अब्बास अंसारी के चित्रकूट जेल में बंद होने पर भी सक्रियता नजर नहीं आई। लेकिन प्रयागराज की घटना के बाद माफियाओं और उनके संपर्क वालों के घरों पर दबिशें शुरू हो गईं। ठेकेदार के घर एसटीएफ का छापा इसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है।