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बारिश के मौसम में आए 200 और टैंकर
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:58 PM IST
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बांदा। सूखे बुंदेलखंड के प्यासे ग्रामीणों के साथ जल निगम का खेल थम नहीं रहा। प्रचंड गर्मी में गांवों में पानी आपूर्ति के लिए आई 164 टैंकरों की खेप अभी गांवों को रवाना भी नहीं की गई कि 200 टैंकरों की नई खेप आ गई है। वह भी तब जब बारिश के मौसम ने दस्तक दे दी है। ऐसे मेें टैंकरों की खरीद फरोख्त मेें कमीशनबाजी का काम तो पूरा हो गया लेकिन ग्रामीणों को पानी आपूर्ति की मंशा धरी रह गई। बुंदेलखंड में कुल 440 टैंकर खरीदे जाना हैं।
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बुंदेलखंड में भीषण सूखे से अप्रैल मेें शासन ने जल निगम को टैंकर खरीदने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये जारी किए थे। इस पैैसे से 440 टैंकर खरीदे जाना थे। मुख्य अभियंता कार्यालय झांसी की ओर से बांदा में 157, झांसी में 81, ललितपुर में 141, जालौन में 4, चित्रकूट में 57 टैंकर खरीदे गए हैं। टैंकरों की यह आपूर्ति कानुपर की फर्म मैसर्स अशोका इंड्रस्ट्रीज और मैसर्स अरिहंत एग्रो इंजीनियर कंपनी से ली गई है। प्रति टैंकर करीब सवा लाख रुपये भुगतान किया जा रहा है। पहली खेप में 164 टैंकर भेजे गए। इनमें बांदा में 52, झांसी में 44, ललितपुर में 30 और चित्रकूट व जालौन 4-4 टैंकर आ गए हैं।
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पहली खेप के यह सभी टैंकर जल निगम 16वीं शाखा कार्यालय परिसर में खड़े धूल खा रहे हैं। जल निगम अधिशासी अभियंता का कहना है कि ब्लाक कार्यालयों से टैंकर लेने वाले नहीं आ रहे हैं। उधर, अभी पहली खेप का निस्तारण हो नहीं पाया और 200 टैंकरों की दूसरी खेप झांसी से और आ गई। इन टैंकरों का हश्र भी वही हो रहा है जो पहली खेप वाले टैंकरों का हुआ। चर्चा है कि बारिश के समय भेजे गए ये टैंकर साल भर बिना प्रयोग खड़े रहेंगे और जंक खाकर करोड़ों के टैंकर बेकार हो जाएंगे।
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