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पंचमी पर स्कंदमाता की पूजा को उमड़े श्रद्धालु

Wed, 25 Mar 2015 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 25 Mar 2015 12:11 AM IST
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Skandmata worship

चैत्र नवरात्र की पंचमी पर स्कंदमाता की पूजा हुई। देवी मंदिरों में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कन्या भोज आयोजनों का भी सिलसिला जारी है। उधर, विंध्य पर्वत में विराजमान देवी विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए रात-दिन भक्तों का जमघट लग रहा है।

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मंगलवार को महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, मरही माता, कालिका, चौसठ जोगिनी व महामाई आदि देवी मंदिरों में तड़के जलाभिषेक की धूम रही। तमाम श्रद्धालु लेटकर देवी मंदिर आए और पूजा की। घरों व मंदिर परिसर में कन्या भोज की भी धूम रही। रात को बिजली सजावट से जगमग मंदिर धूपबत्तियों से महकते रहे। मेला सा नजारा है।

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संकट मोचन मंदिर परिसर में चल रहे नवदुर्गा महायज्ञ में कथा व्यास सारंग दुबे महाराज ने धर्म और अधर्म का वर्णन किया। कहा कि पाप और अत्याचार बढ़ने पर परमात्मा को धरती में आना पड़ता है। भूमि, गगन, वायु, अग्नि व नीर पांच तत्व का मिश्रण भगवान हैं।
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खत्री पहाड़ में भक्त लगभग 511 सीढ़ियां चढ़कर विंध्य पर्वत में विराजमान विंध्यवासिनी देवी की पूजा व दर्शन को पहुंचे। महिला श्रद्धालुओं की तादाद ज्यादा रही। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के कई जनपदों से भी देवी भक्त जत्थों में आते रहे। यहां ठहरने के लिए धर्मशाला व होटल आदि न होने से दूरदराज से आने वाले भक्तों को परेशानी हुई।

दूसरी तरफ सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। पार्किंग में वाहन रोकने पर एक सपा नेता ने आयोजन समिति के लोगाें से बदसलूकी की। बेरीकेडिंग तोड़कर कार अंदर ले गए। सिपाहियों ने मामला सुलझाया। सुरक्षा में क्षेत्राधिकारी व तहसीलदार नरैनी, थानाध्यक्ष अनीता सिंह चौहान, उप निरीक्षक रामानंद तिवारी आदि मौजूद हैं।

बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार, मढ़ीदाई में पांचवें दिन भी श्रद्धालुओं का समूह इकट्ठा हुआ। पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण किया गया। दंगल मैदान में केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने हस्तशिल्प मेला लगा रखा है। श्रद्धालु यहां खरीद भी कर रहे हैं।


पशुपति ग्रामीण समिति के मेला प्रभारी अजय जैन ने बताया कि सहारनपुर का लकड़ी फर्नीचर, राजस्थान के पापड़, अचार, गुजराती कुर्ते, बनारस की साड़ियां, जयपुर का लहंगा खरीदारों में पसंद किया जा रहा है।

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