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Banda News: भाइयों की कलाई पर सजा बहनों का प्यार
Fri, 28 Aug 2026 11:34 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:34 PM IST
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फोटो-27: तिंदवारी में अथर्व प्रताप सिंह व देवांश सिंह को अविका, मीनाक्षी, जया व अवनी ने बांधी र
- फोटो : सांकेतिक
बांदा। भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को जिलेभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और तिलक लगाकर मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी बहनों को उपहार और रुपये देकर उनके सुखी जीवन की कामना की। पर्व को लेकर बाजार, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से लेकर घरों तक उत्सव जैसा माहौल रहा।
शुभ मुहूर्त सुबह छह बजे से पौने दस बजे तक और दोपहर 12 से एक बजे के बीच बताया गया था। कई महिलाएं शुक्रवार को भी ससुराल से मायके पहुंचीं। बांदा शहर के साथ नरैनी, पैलानी, बबेरू, अतर्रा, जसपुरा, करतल, गिरवां, तिंदवारी, मरका और कालिंजर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व की खूब रौनक रही।
शुक्रवार को बाजारों में भीड़ रही। शाम को परिवार रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों पर पहुंचे। कई परिवारों ने ऑनलाइन ऑर्डर कर पिज्जा और अन्य व्यंजन भी घर मंगाए। बाजारों के साथ रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी पर्व की रौनक दिखाई दी।
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रोडवेज में 18 घंटे में 20 हजार ने किया सफर
बांदा। रक्षाबंधन पर शासन की ओर से महिलाओं, युवतियों और उनके साथ एक सहयात्री को 27 अगस्त सुबह छह बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है। इसका असर रोडवेज बसों में दिखाई दिया।
परिवहन निगम के अनुसार 27 अगस्त सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक करीब 18 घंटे में बांदा डिपो की बसों से लगभग 20 हजार यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। 28 अगस्त को भी बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ अनुमान से अधिक रही। परिवहन निगम के अनुमान के मुताबिक इस दिन यात्रियों की संख्या 30 से 40 हजार के बीच पहुंच सकती है। (संवाद)
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मुफ्त यात्रा का तोहफा लेकिन इंतजार ने छकाया
निशुल्क यात्रा का लाभ लेने पहुंची महिलाओं को बसों की कमी के कारण परेशानी भी उठानी पड़ी। कई स्थानों पर यात्रियों को बस के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। बस आने पर उसमें बैठने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं और अन्य यात्रियों को भीड़ और इंतजार की परेशानी से जूझना पड़ा।
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भाइयों को राखी बांधने कारागार पहुंचीं बहनें
बांदा। रक्षाबंधन पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए हर संभव दूरी तय की। कुछ बहनें मायके पहुंचीं तो कई मंडल कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। सुबह नौ बजे से पर्ची बनवाकर बहनों को कारागार में प्रवेश दिया गया।
कारागार में अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनका हालचाल जाना। लंबे समय बाद भाई के सामने पहुंची कई बहनों की आंखें नम हो गईं। (ब्यूरो)
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शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और तिलक लगाकर मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी बहनों को उपहार और रुपये देकर उनके सुखी जीवन की कामना की। पर्व को लेकर बाजार, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से लेकर घरों तक उत्सव जैसा माहौल रहा।
शुभ मुहूर्त सुबह छह बजे से पौने दस बजे तक और दोपहर 12 से एक बजे के बीच बताया गया था। कई महिलाएं शुक्रवार को भी ससुराल से मायके पहुंचीं। बांदा शहर के साथ नरैनी, पैलानी, बबेरू, अतर्रा, जसपुरा, करतल, गिरवां, तिंदवारी, मरका और कालिंजर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व की खूब रौनक रही।
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शुक्रवार को बाजारों में भीड़ रही। शाम को परिवार रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों पर पहुंचे। कई परिवारों ने ऑनलाइन ऑर्डर कर पिज्जा और अन्य व्यंजन भी घर मंगाए। बाजारों के साथ रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी पर्व की रौनक दिखाई दी।
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रोडवेज में 18 घंटे में 20 हजार ने किया सफर
बांदा। रक्षाबंधन पर शासन की ओर से महिलाओं, युवतियों और उनके साथ एक सहयात्री को 27 अगस्त सुबह छह बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है। इसका असर रोडवेज बसों में दिखाई दिया।
परिवहन निगम के अनुसार 27 अगस्त सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक करीब 18 घंटे में बांदा डिपो की बसों से लगभग 20 हजार यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। 28 अगस्त को भी बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ अनुमान से अधिक रही। परिवहन निगम के अनुमान के मुताबिक इस दिन यात्रियों की संख्या 30 से 40 हजार के बीच पहुंच सकती है। (संवाद)
मुफ्त यात्रा का तोहफा लेकिन इंतजार ने छकाया
निशुल्क यात्रा का लाभ लेने पहुंची महिलाओं को बसों की कमी के कारण परेशानी भी उठानी पड़ी। कई स्थानों पर यात्रियों को बस के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। बस आने पर उसमें बैठने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं और अन्य यात्रियों को भीड़ और इंतजार की परेशानी से जूझना पड़ा।
भाइयों को राखी बांधने कारागार पहुंचीं बहनें
बांदा। रक्षाबंधन पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए हर संभव दूरी तय की। कुछ बहनें मायके पहुंचीं तो कई मंडल कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। सुबह नौ बजे से पर्ची बनवाकर बहनों को कारागार में प्रवेश दिया गया।
कारागार में अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनका हालचाल जाना। लंबे समय बाद भाई के सामने पहुंची कई बहनों की आंखें नम हो गईं। (ब्यूरो)

फोटो-27: तिंदवारी में अथर्व प्रताप सिंह व देवांश सिंह को अविका, मीनाक्षी, जया व अवनी ने बांधी र- फोटो : सांकेतिक

फोटो-27: तिंदवारी में अथर्व प्रताप सिंह व देवांश सिंह को अविका, मीनाक्षी, जया व अवनी ने बांधी र- फोटो : सांकेतिक

फोटो-27: तिंदवारी में अथर्व प्रताप सिंह व देवांश सिंह को अविका, मीनाक्षी, जया व अवनी ने बांधी र- फोटो : सांकेतिक

फोटो-27: तिंदवारी में अथर्व प्रताप सिंह व देवांश सिंह को अविका, मीनाक्षी, जया व अवनी ने बांधी र- फोटो : सांकेतिक