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दो और किसानों की सांसें थमीं
shock of crop, Two farmers died
Updated Wed, 15 Apr 2015 12:02 AM IST
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बर्बाद फसलों के सदमे मेें ताबड़तोड़ मौतों की श्रृंखला में दो और नाम जुड़ गए हैं। नरैनी क्षेत्र के पनगरा और बबेरू क्षेत्र के कायल गांव में एक-एक किसान हार्टफेल हो जाने से काल के गाल में समा गए। दोनों खेत में बर्बाद हुई फसल देखने के बाद चिंता में डूबे थे।
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नरैनी तहसील के पनगरा गांव में किसान भइयाराम रैदास (65) के पास 5 बीघा जमीन है। सोमवार को शाम वे खेत में गए थे। खेतों में खड़ी फसल पहले ही बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो चुकी थी। बची-खुची फसल सोमवार को शाम फिर बारिश से बर्बाद हो गई।
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यह देख भइयाराम तनाव में आ गए थे। परिवारीजनों के मुताबिक भइयाराम वापस घर लौट आए और बगैर खाना खाए बिस्तर पर लेट गए। रात किसी समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। घरवालों को इसका पता ही नहीं चल पाया।
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भइयाराम पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का 45,000 रुपये का कर्ज था। एसडीएम सुधीर कुमार ने मृतक के घर जाकर सांत्वना दी और परिजनों को भरोसा दिलाया कि जो भी संभव मदद होगी दिलाई जाएगी। उधर, कायल (बबेरू) के किसान राममूरत मौर्या (35) पुत्र रामभवन ने अपनी जमीन के अलावा 10 बीघा बटाई पर लेकर फसल उगाई थी।
कई चक्रों की बारिश में धीरे-धीरे उसकी सारी फसल बर्बाद हो गई। पत्नी यशोदा ने बताया कि सोमवार को शाम वे खेत से लौटे तो काफी चिंतित थे। फसल को भारी नुकसान पहुंचने के कारण उन्हें सदमा लगा था। रात में हार्ट अटैक पड़ने से उनकी मौत हो गई।
युवा किसान की मौत से घर में कोहराम मच गया। मृतक के पांच पुत्रियां हैं और सभी नाबालिग हैं। एसडीएम विनय कुमार पाठक ने राममूरत के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि परिवारिक लाभ योजना, विधवा पेंशन और जो संभव मदद होगी दिलाई जाएगी। एसडीएम ने फौरी तौर पर मृतक के आश्रितों को 50 किलो गेहूं और 20 किलो चावल उपलब्ध कराया।