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33 घंटे की जांच में पकड़ा सात करोड़ का घपला
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बांदा। कानपुर निदेशालय से आई आयकर विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख सराफा व्यवसायी के परिवार के छह सराफा प्रतिष्ठानों में लगातार 33 घंटे छानबीन और जांच-पड़ताल पर की। छापा कार्रवाई में जुटी दो टीमों ने पकड़ा कि लगभग सात करोड़ रुपये का कारोबार बिना टैक्स के किया गया। आयकर अधिकारियों ने सारा ब्योरा और चिट्ठा तैयार कर लिया है। अब इन सराफा व्यवसायियों को नोटिस जारी करके कानपुर निदेशालय तलब किया गया है। विभिन्न श्रेणी के जेवरात में अलग-अलग टैक्स निर्धारित किया जाएगा। यह 30 फीसदी से 100 फीसदी तक हो सकता है।
शनिवार की रात स्टेशन रोड स्थित एक होटल में ठहरे मथुरा के तीन सराफा व्यवसायियों को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसके पास काफी मात्रा में सोने के जेवर बरामद हुए थे। इनका वजन करीब 11 किलोग्राम बताया गया। पुलिस ने इसकी सूचना आयकर विभाग को दी थी। इस पर कानपुर आयकर निदेशालय से आई दो टीमों ने सोमवार को सुबह करीब 11 बजे शहर के मुख्य बाजार में स्थित जिले के मुख्य सराफा व्यवसायी गोंदीलाल एंड संस की बाजार में ही इर्दगिर्द स्थित आधा दर्जन फर्मों में एक साथ छापे मारे।
भारी पुलिस के पहरे में शुरू की गई यह कार्रवाई सोमवार से लगातार जारी रही और मंगलवार को रात करीब 8 बजे खत्म हुई। सराफा व्यवसायियों के घरों में भी छानबीन की गई। दोनों टीमें कानपुर रवाना हो गई। टीम में कानपुर से आए आयकर के अपर निदेशक विजय सिंह, उप निदेशक राघव गुप्ता व इंसपेक्टर पंकज कुमार और बांदा के इंसपेक्टर शिवेंद्र श्रीवास्तव व गोविंद मिश्रा आदि शामिल रहे।
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सूत्रों के मुताबिक आयकर टीमों की करीब 33 घंटे की जांच पड़ताल में लिखापढ़ी में दर्ज माल और दुकान में उपलब्ध स्टॉक में अंतर मिला। बिक्री भी कम दर्शाई गई। लगभग 7 करोड़ रुपये के माल में टैक्स का घपला जताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दुकान के माल में श्रेणीवार अलग-अलग टैक्स की दरें निर्धारित हैं। यह 30 से 100 फीसदी तक निर्धारित हैं।
आयकर विभाग इसका मूल्यांकन और आंकलन करने के बाद अदा न किए गए टैक्स की राशि निर्धारित करेगा। बताया गया है कि सभी छह सराफा संचालकों को आयकर विभाग ने नोटिस जारी करके कानपुर स्थित निदेशालय में तलब किया है। उधर, यहां पकड़े गए मथुरा के तीनों सराफा व्यवसायियों के बारे में मथुरा में आयकर विभाग उनके प्रतिष्ठानों की इसी तर्ज पर जांच पड़ताल कर रहा है।
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शनिवार की रात स्टेशन रोड स्थित एक होटल में ठहरे मथुरा के तीन सराफा व्यवसायियों को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसके पास काफी मात्रा में सोने के जेवर बरामद हुए थे। इनका वजन करीब 11 किलोग्राम बताया गया। पुलिस ने इसकी सूचना आयकर विभाग को दी थी। इस पर कानपुर आयकर निदेशालय से आई दो टीमों ने सोमवार को सुबह करीब 11 बजे शहर के मुख्य बाजार में स्थित जिले के मुख्य सराफा व्यवसायी गोंदीलाल एंड संस की बाजार में ही इर्दगिर्द स्थित आधा दर्जन फर्मों में एक साथ छापे मारे।
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भारी पुलिस के पहरे में शुरू की गई यह कार्रवाई सोमवार से लगातार जारी रही और मंगलवार को रात करीब 8 बजे खत्म हुई। सराफा व्यवसायियों के घरों में भी छानबीन की गई। दोनों टीमें कानपुर रवाना हो गई। टीम में कानपुर से आए आयकर के अपर निदेशक विजय सिंह, उप निदेशक राघव गुप्ता व इंसपेक्टर पंकज कुमार और बांदा के इंसपेक्टर शिवेंद्र श्रीवास्तव व गोविंद मिश्रा आदि शामिल रहे।
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सूत्रों के मुताबिक आयकर टीमों की करीब 33 घंटे की जांच पड़ताल में लिखापढ़ी में दर्ज माल और दुकान में उपलब्ध स्टॉक में अंतर मिला। बिक्री भी कम दर्शाई गई। लगभग 7 करोड़ रुपये के माल में टैक्स का घपला जताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दुकान के माल में श्रेणीवार अलग-अलग टैक्स की दरें निर्धारित हैं। यह 30 से 100 फीसदी तक निर्धारित हैं।
आयकर विभाग इसका मूल्यांकन और आंकलन करने के बाद अदा न किए गए टैक्स की राशि निर्धारित करेगा। बताया गया है कि सभी छह सराफा संचालकों को आयकर विभाग ने नोटिस जारी करके कानपुर स्थित निदेशालय में तलब किया है। उधर, यहां पकड़े गए मथुरा के तीनों सराफा व्यवसायियों के बारे में मथुरा में आयकर विभाग उनके प्रतिष्ठानों की इसी तर्ज पर जांच पड़ताल कर रहा है।